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असम की जेलों में 200 से अधिक कैदी मिले HIV पॉजिटिव, एक्शन में हिमंता सरकार

असम की 31 जेलों में अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 226 कैदियों के HIV पॉजिटिव पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने HIV की रोकथाम, नियमित जांच, जागरूकता और संक्रमित कैदियों को उपचार उपलब्ध कराने पर जोर बढ़ाया है। यह घटनाक्रम राज्य में नशे और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच सामने आया है।

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असम की जेलों में 200 से अधिक कैदी मिले HIV पॉजिटिव, एक्शन में हिमंता सरकार

गुवाहाटी: असम की जेलों से सामने आई एक स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच राज्य की 31 जेलों में 226 कैदियों के HIV पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद जेलों में स्वास्थ्य जांच, HIV जागरूकता और उपचार व्यवस्था को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ गई है।

यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब असम सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ भी बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में बताया था कि मौजूदा सरकार के शुरुआती 100 दिनों में करीब 300 करोड़ रुपये मूल्य की जब्त की गई ड्रग्स को नष्ट किया गया है।

31 जेलों में सामने आए HIV के मामले

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की 31 जेलों में 226 कैदियों की HIV जांच पॉजिटिव आई है। ये मामले चार महीने की अवधि यानी अप्रैल से अगस्त के बीच सामने आए।

जेलों में बंद कैदियों के बीच संक्रामक बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि बंद वातावरण में स्वास्थ्य सेवाओं और रोकथाम संबंधी जागरूकता की जरूरत सामान्य आबादी की तुलना में अलग होती है।

सरकार ने बढ़ाई HIV जांच और जागरूकता

असम सरकार ने HIV और यौन संचारित संक्रमणों (STIs) को लेकर जागरूकता अभियान भी तेज किया है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने 26 अगस्त को 60 दिनों के एक विशेष Information, Education and Communication (IEC) अभियान की शुरुआत की।

इस अभियान का मकसद HIV और STIs को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करना और लोगों को संक्रमण से बचाव तथा उपचार के बारे में जानकारी देना है। अभियान को गांवों, स्कूलों और झुग्गी-बस्तियों जैसे संवेदनशील इलाकों तक ले जाने की योजना है।

संक्रमित कैदियों के इलाज पर जोर

HIV पॉजिटिव पाए गए कैदियों के लिए समय पर इलाज और नियमित मेडिकल निगरानी जरूरी है। स्वास्थ्य अधिकारियों और जेल प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि संक्रमित कैदियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधा लगातार मिलती रहे।

साथ ही, नए संक्रमण को रोकने के लिए जेलों में नियमित स्क्रीनिंग, परामर्श और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा।

ड्रग्स और HIV का कनेक्शन

असम में HIV के इन मामलों की खबर के बीच राज्य सरकार का ड्रग्स के खिलाफ अभियान भी चर्चा में है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल में बताया कि सरकार ने 10 दिनों के एक अभियान में 472 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की हैं।

विशेषज्ञ लंबे समय से इंजेक्शन के जरिए नशीले पदार्थों के सेवन को HIV संक्रमण के संभावित जोखिम कारकों में गिनाते रहे हैं। हालांकि, 226 मामलों को सीधे तौर पर ड्रग्स के इस्तेमाल से जोड़ना उचित नहीं होगा, जब तक प्रत्येक मामले के संक्रमण के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने न आए।

जेलों में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ा फोकस

असम में HIV पॉजिटिव कैदियों का आंकड़ा सामने आने के बाद जेलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। नियमित जांच और संक्रमित लोगों की पहचान के साथ-साथ उपचार को बिना भेदभाव जारी रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से अहम है।

राज्य सरकार की ओर से HIV जागरूकता अभियान को जेलों और अन्य संवेदनशील आबादी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

क्या है आगे की चुनौती?

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ संक्रमित कैदियों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित इलाज, परामर्श और मेडिकल फॉलो-अप उपलब्ध कराना है। साथ ही जेलों में नए संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता को लगातार जारी रखना होगा।

असम सरकार की ओर से HIV और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच अब जेलों में सामने आए ये मामले प्रशासन के लिए एक अहम स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आए हैं।

नोट: HIV पॉजिटिव होना एड्स होने के समान नहीं है। सही उपचार और नियमित चिकित्सा देखभाल के साथ HIV से संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है।

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