अंतरराष्ट्रीय समाचार

Gold Silver Price Today: US से आई खबर के बाद सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारी का है मौका? एक्सपर्ट से समझें पूरा गणित

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के फैसले के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोने के दाम शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे, जबकि चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने रिकवरी की। विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट अवधि में बुलियन कीमतों पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर को केवल एक दिन की गिरावट से नहीं देखा जाना चाहिए। ऐसे में निवेशकों के लिए कीमत, समयावधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

Share
Gold Silver Price Today: US से आई खबर के बाद सोना-चांदी हुआ सस्ता, खरीदारी का है मौका? एक्सपर्ट से समझें पूरा गणित

फेड के फैसले के बाद सोने-चांदी में हलचल

नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का असर 17 सितंबर 2026 को साफ दिखाई दिया। फेड ने ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की, जिसके बाद शुरुआती कारोबार में घरेलू बुलियन बाजार में दबाव देखने को मिला। फेड की दर अब 3.75% से 4% के दायरे में है।

हालांकि, बाजार की तस्वीर एकतरफा नहीं रही। Reuters के मुताबिक गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर $4,308.57 प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। इससे पता चलता है कि फेड के फैसले के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया काफी हद तक पोजिशन एडजस्टमेंट और डॉलर की चाल पर निर्भर रही।

आज भारत में कितना है सोने का भाव?

17 सितंबर को Goodreturns के अनुसार घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,52,840 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना करीब ₹1,40,100 प्रति 10 ग्राम पर था। 18 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,14,630 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।

वहीं, Mint के अनुसार कोलकाता में 17 सितंबर को 24 कैरेट सोना करीब ₹1,53,120 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट करीब ₹1,40,360 प्रति 10 ग्राम और 999 फाइन सिल्वर करीब ₹2,34,400 प्रति किलोग्राम थी। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के भाव में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय प्रीमियम के कारण अंतर हो सकता है।

चांदी में भी दिखी गिरावट

चांदी की कीमत में भी 17 सितंबर को कमजोरी देखी गई। Mint के आंकड़ों के मुताबिक भारत में चांदी करीब ₹2.33 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास थी। इसके मुकाबले पिछले दिन का स्तर करीब ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम था।

MCX में कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक भी गई।

आखिर US की खबर का सोने पर असर क्यों पड़ा?

फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने से डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलाव का असर सोने पर पड़ सकता है। सामान्य तौर पर ब्याज दरें बढ़ने से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों के मुकाबले बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले निवेश आकर्षक हो सकते हैं।

हालांकि इस बार तस्वीर कुछ अलग भी रही। Reuters के अनुसार फेड के फैसले के बाद डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट ने सोने को कुछ समर्थन दिया। इसके अलावा भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

यह सवाल निवेशक की निवेश अवधि, जोखिम क्षमता और खरीद के उद्देश्य पर निर्भर करता है। निकट अवधि के ट्रेडिंग आउटलुक को लेकर विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की बात कही है।

Nuvama Professional Clients Group के Head–Forex & Commodities Abhilash Koikkara के मुताबिक MCX Gold पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है और बाजार में sideways-to-bearish setup नजर आ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यापक ट्रेंड सकारात्मक रहने के कारण मौजूदा correction को accumulation opportunity के रूप में देखा जा सकता है।

वहीं Enrich Money के CEO Ponmudi R. के अनुसार MCX Gold के लिए करीब ₹1,50,700–₹1,50,000 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ₹1,53,000 के ऊपर टिकना कीमतों में स्थिरता का संकेत दे सकता है। यह तकनीकी बाजार विश्लेषण है, गारंटीड भविष्यवाणी नहीं।

लंबी अवधि में तस्वीर कैसी है?

सोने और चांदी में हालिया तेजी को देखते हुए एक दिन की गिरावट को पूरे ट्रेंड का संकेत मानना उचित नहीं होगा। Mint के अनुसार पिछले एक साल में 24 कैरेट सोने में करीब 39.22% और चांदी में करीब 85.49% की बढ़त दर्ज हुई है। इसका मतलब यह भी है कि दोनों धातुओं में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है और आगे उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है।

खरीदारी से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

अगर कोई व्यक्ति आभूषण खरीदने की योजना बना रहा है तो केवल सोने के बेस रेट की तुलना करना पर्याप्त नहीं है। मेकिंग चार्ज, GST, ज्वेलरी की शुद्धता, बायबैक नियम और ज्वेलर का प्रीमियम भी कुल लागत को प्रभावित करते हैं।

निवेश के नजरिए से भी पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय अपनी समयावधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। खासकर तब, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में फेड की नीति, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी हो।

निष्कर्ष: 17 सितंबर की गिरावट को बाजार में खरीदारी का निश्चित संकेत मानना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों की मौजूदा राय निकट अवधि में सावधानी और महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों पर नजर रखने की है, जबकि लंबी अवधि का निर्णय निवेशक की अपनी वित्तीय स्थिति और लक्ष्य के आधार पर होना चाहिए। यह लेख बाजार की मौजूदा स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है, व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in अंतरराष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
'यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास बेहतरीन आइडिया', रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की जमकर तारीफ

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास बेहतरीन आइडिया', रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की जमकर तारीफ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और सुझावों की सराहना की…

2 min read
फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

अंतरराष्ट्रीय समाचार

फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

फ्लाईदुबई की इजरायल जा रही उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मछार पर सह-पायलट के हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिक…

3 min read
गांधी जयंती पर आज देशभर में होंगी विशेष ग्राम सभाएं, विकास और शासन सुधार पर होगी चर्चा

अंतरराष्ट्रीय समाचार

गांधी जयंती पर आज देशभर में होंगी विशेष ग्राम सभाएं, विकास और शासन सुधार पर होगी चर्चा

Summary: महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें पंचायतों को मजबूत कर…

2 min read
क्या यूरोपीय संघ में फिर शामिल होगा ब्रिटेन? PM बर्नहम के बयान के बाद फ्रांस और स्पेन ने कहा- वेलकम बैक

अंतरराष्ट्रीय समाचार

क्या यूरोपीय संघ में फिर शामिल होगा ब्रिटेन? PM बर्नहम के बयान के बाद फ्रांस और स्पेन ने कहा- वेलकम बैक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने यूरोपीय संघ के साथ देश के भविष्य के रिश्ते को लेकर सभी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। इनमें EU…

3 min read
'सिर और हाथ लगभग कट गए थे...', फ्लाईदुबई फ्लाइट में इजरायली डेंटिस्ट ने बचाई स्मित मछार की जान

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'सिर और हाथ लगभग कट गए थे...', फ्लाईदुबई फ्लाइट में इजरायली डेंटिस्ट ने बचाई स्मित मछार की जान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ओमानी को-पायलट के कथित हमले में गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की जान बचा…

2 min read
महिला कर्मचारियों से हाथ मिलाने से मना करता था हमलावर, फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

अंतरराष्ट्रीय समाचार

महिला कर्मचारियों से हाथ मिलाने से मना करता था हमलावर, फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कप्तान पर कथित हमले और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश के बाद ओमानी को-पायलट को लेकर कई अहम…

2 min read