गर्मियों में हाइपरनेट्रेमिया का बढ़ा खतरा, ब्लड में सोडियम बढ़ने के 9 संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज
देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच हाइपरनेट्रेमिया के मामलों में तेजी देखी जा रही है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में पानी की कमी के कारण ब्लड में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक समय रहते इसके संकेत पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं तक पहुंचा सकती है। जानिए इसके 5 बड़े कारण, 9 चेतावनी संकेत और बचाव के सबसे असरदार तरीके।
लेखक
Vinay Mishra

गर्मियों में हाइपरनेट्रेमिया का बढ़ा खतरा, ब्लड में सोडियम बढ़ने के 9 संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज
देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब सिर्फ हीटवेव तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर डाल रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस मौसम में “हाइपरनेट्रेमिया” के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पानी की भारी कमी होने से ब्लड में सोडियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह दिमाग, किडनी और नर्वस सिस्टम पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। बुजुर्ग, बच्चे, डायबिटीज मरीज और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।
क्या होता है हाइपरनेट्रेमिया?
हाइपरनेट्रेमिया एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें खून में सोडियम की मात्रा सामान्य सीमा से ज्यादा हो जाती है। आमतौर पर यह समस्या शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण होती है।
डॉक्टरों के अनुसार जब शरीर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं लेता या अधिक मात्रा में पानी खो देता है, तब ब्लड में सोडियम का स्तर बढ़ने लगता है। गर्मियों में पसीना ज्यादा आने के कारण यह खतरा और बढ़ जाता है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीटवेव जैसी परिस्थितियों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। ऐसे में शरीर तेजी से पानी खोता है और यदि समय पर फ्लूइड्स न लिए जाएं तो हाइपरनेट्रेमिया का रिस्क बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक शहरी जीवनशैली, अनियमित खानपान और पानी कम पीने की आदत भी इस बीमारी को बढ़ावा दे रही है।
इन 5 कारणों से बढ़ता है ब्लड में सोडियम
1. शरीर में पानी की कमी
यह सबसे बड़ा कारण माना जाता है। कम पानी पीना या लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है।
2. अत्यधिक पसीना आना
गर्मियों में ज्यादा पसीना आने से शरीर तेजी से फ्लूइड खोता है। यदि इसकी भरपाई न हो तो सोडियम का स्तर बढ़ सकता है।
3. लगातार दस्त या उल्टी
डायरिया और उल्टी की वजह से शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट तेजी से निकलते हैं, जिससे ब्लड केमिस्ट्री बिगड़ जाती है।
4. किडनी संबंधी समस्या
किडनी शरीर में पानी और सोडियम का संतुलन बनाए रखती है। किडनी कमजोर होने पर यह संतुलन बिगड़ सकता है।
5. ज्यादा नमक या प्रोसेस्ड फूड का सेवन
फास्ट फूड, चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स और ज्यादा नमक वाला भोजन भी शरीर में सोडियम बढ़ा सकता है।
ये 9 संकेत भूलकर भी न करें इग्नोर
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षण पहचानना बेहद जरूरी है। कई लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
हाइपरनेट्रेमिया के प्रमुख संकेत
बार-बार तेज प्यास लगना
मुंह और गला सूखना
चक्कर आना
कमजोरी और थकान
भ्रम या कन्फ्यूजन महसूस होना
मांसपेशियों में ऐंठन
सिरदर्द बढ़ना
दिल की धड़कन तेज होना
गंभीर स्थिति में बेहोशी या दौरे पड़ना
विशेषज्ञों के अनुसार यदि इनमें से कई लक्षण एक साथ दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
बुजुर्ग
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की प्यास महसूस करने की क्षमता कम हो जाती है।
छोटे बच्चे
बच्चों का शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है, इसलिए उनमें जोखिम ज्यादा रहता है।
डायबिटीज और बीपी मरीज
कुछ दवाइयों के कारण शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है।
आउटडोर वर्कर्स
धूप में काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी एजेंट और ट्रैफिक पुलिस ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
डॉक्टरों की बड़ी सलाह: इन गलतियों से बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
क्या करें?
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी लेना फायदेमंद माना जाता है।
ORS और इलेक्ट्रोलाइट लें
अत्यधिक पसीना आने पर ORS या नारियल पानी लेना शरीर के लिए बेहतर होता है।
हल्का और संतुलित भोजन करें
फलों, सलाद और पानी से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करें।
धूप से बचें
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
कैफीन और अल्कोहल कम लें
ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकते हैं।
क्या हाइपरनेट्रेमिया जानलेवा हो सकता है?
डॉक्टरों के अनुसार गंभीर मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। अत्यधिक सोडियम दिमाग की कोशिकाओं को प्रभावित करता है जिससे मरीज को दौरे, कोमा या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि समय पर पहचान और सही इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को गर्मी में सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ठंडा पेय पीना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर में सही इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखना भी जरूरी है।
निष्कर्ष
भीषण गर्मी के इस दौर में हाइपरनेट्रेमिया एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा बनकर सामने आ रहा है। शरीर में पानी की कमी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यदि तेज प्यास, चक्कर, कमजोरी या भ्रम जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाएं। सही खानपान, पर्याप्त पानी और समय पर मेडिकल सलाह से इस खतरे से बचा जा सकता है।
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