नीदरलैंड में पहली सामुदायिक काली पूजा की तैयारी, एम्स्टर्डम के पास जुटेंगे भारतीय परिवार
नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग पहली सामुदायिक काली पूजा आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। एम्स्टर्डम के पास आल्फेन शहर में दो दिवसीय आयोजन होगा। इसकी जिम्मेदारी भारतीय सांस्कृतिक संगठन 'उच्छास' उठा रहा है, जिसकी शुरुआत 2024 में चार परिवारों ने की थी और अब इसमें नौ परिवार शामिल हो चुके हैं।
लेखक
Jyoti Mukherjee

नीदरलैंड में पहली सामुदायिक काली पूजा की तैयारी, एम्स्टर्डम के पास जुटेंगे भारतीय परिवार
नीदरलैंड, 6 नवंबर 2026: विदेश में रहकर भी भारतीय परंपराओं और संस्कृति से जुड़े रहने की कोशिश कर रहे भारतीय समुदाय के लिए इस साल एक खास आयोजन होने जा रहा है। नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय परिवार पहली सामुदायिक काली पूजा आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। यह आयोजन व्यापक बेनेलक्स क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सामुदायिक काली पूजा होगी। बेनेलक्स क्षेत्र में बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग शामिल हैं।
इस दो दिवसीय उत्सव का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक समुदाय 'उच्छास' (Uchchas) की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के पास स्थित आल्फेन शहर के एक स्थानीय सामुदायिक हॉल में आयोजित होगा।
चार परिवारों से शुरू हुआ था उच्छास
उच्छास की स्थापना वर्ष 2024 में भारतीय मूल के चार परिवारों ने की थी। इसका उद्देश्य विदेश में रहने वाले भारतीयों को एक साथ जोड़ना और भारतीय परंपराओं के साथ-साथ बंगाली संस्कृति को जीवित रखना है।
शुरुआत में चार परिवारों से बना यह समूह अब बढ़कर नौ परिवारों का हो गया है। पिछले तीन वर्षों से इस समुदाय के सदस्य नीदरलैंड में अपने देश के त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं को मनाने के प्रयास कर रहे हैं।
नीदरलैंड में काली पूजा को पहचान दिलाने की पहल
नीदरलैंड में बंगाली समुदाय के लोग पिछले एक दशक से भी अधिक समय से दुर्गा पूजा आयोजित करते आ रहे हैं। पूरे देश में करीब 15 दुर्गा पूजा आयोजन होते हैं। हालांकि, स्थानीय डच आबादी के बीच काली पूजा अभी अपेक्षाकृत कम परिचित है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उच्छास ने सामुदायिक स्तर पर काली पूजा आयोजित करने की पहल की है। संगठन की सदस्य श्रेयोशी डांडा ने बताया कि नीदरलैंड में काली पूजा आयोजित करने का विचार शुरुआत में उन्हीं का था।
विदेश में भारतीय और बंगाली संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास
इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय परिवारों को एक मंच पर लाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना भी है।
नीदरलैंड में पहली सामुदायिक काली पूजा की यह पहल भारतीय प्रवासी समुदाय के सांस्कृतिक जुड़ाव और अपनी परंपराओं को विदेश में आगे बढ़ाने के प्रयासों का उदाहरण बन रही है।
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