NIA ने अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों पर UAPA नहीं लगाया, सिर्फ अवैध घुसपैठ के आरोप; जांच अभी जारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में UAPA की धाराएं लागू नहीं की हैं। एजेंसी ने फिलहाल Immigration and Foreigners Act, 2025 की धाराओं 21 और 23 के तहत अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही से जुड़े आरोप लगाए हैं। हालांकि, NIA ने साफ किया है कि UAPA से जुड़ी जांच बंद नहीं हुई है और जरूरत पड़ने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke और छह यूक्रेनी नागरिकों से जुड़े कथित टेरर-कॉनस्पिरेसी मामले में NIA ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। एजेंसी ने दिल्ली की विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन इसमें कड़े आतंकवाद विरोधी कानून UAPA को लागू नहीं किया गया। फिलहाल आरोप Immigration and Foreigners Act, 2025 की धाराओं 21 और 23 के तहत लगाए गए हैं।
कौन-कौन हैं आरोपी?
इस मामले में अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke के अलावा छह यूक्रेनी नागरिक—Kaminskyi Viktor, Hurba Petro, Slyviak Taras, Ivan Sukmanovskyi, Stefankiv Marian और Honcharuk Maksim—आरोपी बनाए गए हैं।
NIA ने Van Dyke को 13 मार्च 2026 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया था। बाकी छह यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ के हवाईअड्डों से पकड़ा गया था।
पहले UAPA के तहत दर्ज हुआ था मामला
मामले की शुरुआत में NIA ने सातों आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 18 समेत अन्य प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था। एजेंसी ने उस समय आरोप लगाया था कि आरोपी भारत के पूर्वोत्तर और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और ड्रोन ट्रेनिंग समेत अन्य गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
जांच के दौरान NIA ने यह भी आरोप लगाया था कि समूह ने म्यांमार में प्रवेश किया और वहां सशस्त्र समूहों को ड्रोन संबंधी प्रशिक्षण या सहायता देने की गतिविधियों में शामिल रहा। हालांकि, ये आरोप अभी अदालती तौर पर साबित नहीं हुए हैं।
अब चार्जशीट में सिर्फ इमिग्रेशन कानून क्यों?
मंगलवार को दाखिल चार्जशीट में NIA ने फिलहाल केवल Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 21 और 23 का इस्तेमाल किया है। इन धाराओं के तहत अवैध प्रवेश, भारत में अवैध ठहराव और आवाजाही से जुड़े अपराधों को रखा गया है।
NIA के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने अदालत को बताया कि इस चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं, लेकिन UAPA से जुड़ी जांच जारी है। अगर आगे की जांच में आतंकवाद संबंधी अपराध सामने आते हैं तो एजेंसी पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
NIA ने क्या आरोप लगाए थे?
जांच एजेंसी का आरोप था कि सातों आरोपी म्यांमार की तरफ से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए और बाद में देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे। एजेंसी ने उन्हें कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क से जोड़ा था जो म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों को सहायता देता था।
पहले की जांच में NIA ने कथित ड्रोन गतिविधियों, उपकरणों की असेंबली और सशस्त्र समूहों से संपर्क की भी बात अदालत के सामने रखी थी। इन गंभीर आरोपों की जांच अब भी पूरी तरह बंद नहीं हुई है।
क्या आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई?
नहीं। यह इस मामले का सबसे अहम पहलू है। चार्जशीट में UAPA नहीं लगाए जाने का मतलब यह नहीं है कि NIA ने आतंकवाद से जुड़े आरोपों को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
NIA के सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अभी UAPA से जुड़े संभावित अपराधों की जांच कर रही है। आगे पर्याप्त सबूत मिलने पर supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है।
यानी फिलहाल अदालत के सामने सातों के खिलाफ मामला मुख्य रूप से अवैध प्रवेश और इमिग्रेशन उल्लंघन से जुड़ा है, जबकि आतंकवाद संबंधी पहलू की जांच अलग से जारी है।
अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी पर पहले भी उठा था सवाल
Van Dyke की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका की तरफ से भी मामला उठाया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने भारतीय पक्ष के सामने इस मामले का मुद्दा उठाया था। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे कानूनी प्रक्रिया का मामला बताया था और कहा था कि मामला अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगा।
निष्कर्ष: NIA ने फिलहाल UAPA के तहत चार्जशीट दाखिल नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसी ने यह स्पष्ट किया है कि आतंकवाद से जुड़े संभावित अपराधों की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। इसलिए इसे सातों आरोपियों को पूर्ण क्लीन चिट मिलना कहना सही नहीं होगा।
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