ऑपरेशन सिंदूर के 16 महीने बाद भी पाकिस्तान में जारी मरम्मत, सरगोधा एयरबेस के रनवे पर फिर शुरू हुआ काम
ऑपरेशन सिंदूर के करीब 16 महीने बाद पाकिस्तान के सरगोधा स्थित PAF Base Mushaf के मुख्य रनवे पर एक बार फिर मरम्मत का काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है। ताजा हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में उस हिस्से को दोबारा खोदा हुआ दिखाया गया है, जहां मई 2025 में भारतीय हमले के दौरान नुकसान हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, पहले किए गए पैचवर्क को हटाकर प्रभावित हिस्से को सब-ग्रेड स्तर तक खोला गया है। इससे संकेत मिलता है कि पहले की मरम्मत के बाद उस हिस्से में दोबारा निर्माण या गहरी मरम्मत की जरूरत पड़ी। हालांकि, इस काम के कारण एयरबेस की मौजूदा परिचालन क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
लेखक
Vinay Mishra
490 दिन बाद फिर खोला गया मरम्मत वाला हिस्सा
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के करीब 16 महीने बाद भी पाकिस्तान के सरगोधा एयरबेस के एक हिस्से में मरम्मत का काम जारी है। हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि पाकिस्तान एयर फोर्स के PAF Base Mushaf के मुख्य रनवे और टैक्सी-ट्रैक के जंक्शन के पास उस हिस्से को फिर से खोला गया है, जिसे मई 2025 के हमले के बाद पैच किया गया था।
NDTV की 12 सितंबर 2026 की Vantor सैटेलाइट तस्वीर के विश्लेषण के मुताबिक, प्रभावित हिस्से में आसपास के रनवे से अलग रंग और बनावट वाला क्षेत्र दिखाई दे रहा है। इसे ताजा खुदाई या री-सर्फेसिंग गतिविधि के संकेत के तौर पर देखा गया है।
पहले पैच किया गया था रनवे का हिस्सा
रिपोर्ट के अनुसार, 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरगोधा के मुशफ एयरबेस के मुख्य रनवे को निशाना बनाया गया था। उस समय रनवे पर दो प्रभावित हिस्से दिखाई दिए थे।
बाद में इन हिस्सों को पैच करके रनवे को दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया। India Today के मई 2026 के सैटेलाइट विश्लेषण में भी बताया गया था कि सरगोधा के रनवे के प्रभावित हिस्सों को कुछ महीनों के भीतर पैच कर दिया गया था।
लेकिन सितंबर 2026 की नई तस्वीरों में उसी क्षेत्र में फिर से निर्माण गतिविधि दिखाई दे रही है। पुराने पैच को हटाकर नीचे तक खुदाई किए जाने से संकेत मिलता है कि इस बार अधिक गहराई वाली मरम्मत की जा रही है।
मरम्मत दोबारा क्यों करनी पड़ी?
सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर रिपोर्ट में संभावित तौर पर कई कारणों का उल्लेख किया गया है। इनमें सतह का असमान होना, जमीन का बैठना, सतह का ऊपर उठना या नीचे के ढांचे में कमजोरी जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इस विशेष मरम्मत की वजह की कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन संभावित कारणों को निश्चित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
सरगोधा एयरबेस क्यों है महत्वपूर्ण?
PAF Base Mushaf पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य हवाई ठिकानों में शामिल है। India Today के मुताबिक, यह पाकिस्तान एयर फोर्स के Central Air Command के मुख्यालय और कई प्रमुख लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों से जुड़ा है। यहां Combat Commander's School भी स्थित है।
एयरबेस की रणनीतिक स्थिति भी इसे महत्वपूर्ण बनाती है। यह Kirana Hills के पास स्थित है, जिसे पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े क्षेत्र के तौर पर लंबे समय से देखा जाता रहा है।
भारत के रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
सितंबर 2026 में सार्वजनिक की गई भारत के रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए हमलों का विवरण दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
रिपोर्ट में सरगोधा और रहीम यार खान के रनवे को नुकसान पहुंचाने तथा कई अन्य एयरबेस पर एयरफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, हैंगर, रडार और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का उल्लेख है।
सिर्फ सरगोधा ही नहीं, दूसरे एयरबेस पर भी चला था मरम्मत का काम
India Today के सैटेलाइट विश्लेषण के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के कई एयरबेस पर मरम्मत और पुनर्निर्माण गतिविधियां महीनों तक जारी रहीं।
विश्लेषण में बताया गया कि Rahim Yar Khan, Nur Khan, Jacobabad, Bholari, Murid और Sukkur जैसे ठिकानों पर भी अलग-अलग स्तर पर पुनर्निर्माण या मरम्मत गतिविधियां देखी गईं। कुछ स्थानों पर संरचनाओं को हटाकर दोबारा निर्माण करना पड़ा।
रहीम यार खान में रनवे से जुड़ी मरम्मत और सुरक्षा जांच के कारण रनवे के परिचालन पर भी लंबे समय तक असर रहने की बात सैटेलाइट और NOTAM विश्लेषण में सामने आई थी।
पाकिस्तान ने भारतीय दावों को किया है खारिज
वहीं, पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने रणनीतिक और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को गंभीर नुकसान पहुंचने के भारतीय दावों को स्वीकार नहीं किया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अगस्त 2026 में भारत के किरणा हिल्स से जुड़े दावों को खारिज करते हुए कहा था कि उसकी एयर डिफेंस व्यवस्था ने भारतीय सैन्य उद्देश्यों को विफल किया और किसी रणनीतिक संपत्ति या संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचा।
इसलिए सैटेलाइट तस्वीरों से दिखाई देने वाली मरम्मत गतिविधि और उसके वास्तविक सैन्य प्रभाव को अलग-अलग समझना जरूरी है।
16 महीने बाद भी क्यों चर्चा में है सरगोधा रनवे?
ताजा तस्वीरों की खास बात यह है कि पहले मरम्मत किए गए हिस्से को फिर से खोला गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि शुरुआती पैच के बाद वहां अधिक व्यापक पुनर्निर्माण की जरूरत महसूस हुई।
हालांकि, यह कहना कि पूरा सरगोधा एयरबेस अभी भी निष्क्रिय है या वहां विमान संचालन पूरी तरह बंद है, उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरों से साबित नहीं होता।
ऑपरेशन सिंदूर के 16 महीने बाद सरगोधा रनवे पर जारी मरम्मत एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जरूर है, लेकिन इसके सैन्य प्रभाव के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र जानकारी की जरूरत होगी।
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