पाकिस्तान का वो जहाज, जिसने भारतीय वॉरशिप को मारी टक्कर; PNS हुनैन की पूरी डिटेल
अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के PNS Hunain के बीच टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच समुद्री तनाव चर्चा में है। PNS Hunain पाकिस्तान नौसेना का Yarmook-class Offshore Patrol Vessel (OPV) है, जिसे 2024 में कमीशन किया गया था। आइए जानते हैं इस जहाज की खासियत, निर्माण, भूमिका और हालिया समुद्री घटना से जुड़ी पूरी जानकारी।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों के बीच हुई टक्कर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। 15 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के PNS Hunain के बीच संपर्क हुआ। भारत ने इस घटना को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया और पाकिस्तानी नौसैनिक पोत के संचालन को “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर” बताया।
लेकिन जिस पाकिस्तानी जहाज का नाम इस घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में है, आखिर PNS Hunain क्या है और इसकी क्षमता कितनी है?
PNS Hunain क्या है?
PNS Hunain (F-273) पाकिस्तान नौसेना का एक Yarmook-class Offshore Patrol Vessel है। यह कोई पनडुब्बी या पारंपरिक फ्रिगेट नहीं है, बल्कि समुद्री निगरानी, गश्त और विभिन्न गैर-पारंपरिक सुरक्षा अभियानों के लिए डिजाइन किया गया पोत है।
PNS Hunain को रोमानिया के Damen Shipyard में बनाया गया था और इसे जुलाई 2024 में कमीशन किया गया। सितंबर 2024 में पाकिस्तान नौसेना ने PNS Hunain को आधिकारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल किया था।
2024 में पाकिस्तान नौसेना में हुआ था शामिल
6 सितंबर 2024 को कराची में आयोजित समारोह में PNS Hunain को पाकिस्तान नौसेना में शामिल किया गया था। उसी समारोह में PNS Babur को भी कमीशन किया गया था।
PNS Babur एक MILGEM-class corvette है, जबकि PNS Hunain को Yarmook-class Batch-II Offshore Patrol Vessel के रूप में पाकिस्तान नौसेना में शामिल किया गया।
इसका मतलब है कि PNS Hunain अपेक्षाकृत नया पोत है और पाकिस्तान के आधुनिक समुद्री गश्ती बेड़े का हिस्सा है।
PNS Hunain की मुख्य भूमिका क्या है?
ऑफशोर पेट्रोल वेसल का प्राथमिक काम पारंपरिक युद्ध में बड़े युद्धपोत की तरह लड़ाई करना नहीं होता। ऐसे जहाजों का इस्तेमाल मुख्य रूप से समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा के लिए किया जाता है।
इनकी जिम्मेदारियों में शामिल हो सकते हैं:
समुद्री निगरानी और पेट्रोलिंग
समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान
Search and Rescue मिशन
समुद्री सुरक्षा अभियान
पाकिस्तान के समुद्री हितों की निगरानी
इस तरह PNS Hunain को पाकिस्तान नौसेना के maritime surveillance और patrol architecture का हिस्सा समझा जा सकता है।
अरब सागर में भारतीय जहाज से कैसे हुई टक्कर?
उपलब्ध भारतीय रिपोर्टों के अनुसार, 15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और PNS Hunain आपस में टकरा गए। यह घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ओमान की खाड़ी से करीब 120 nautical miles की दूरी पर बताई गई है।
भारत का आरोप है कि पाकिस्तानी पोत ने असुरक्षित तरीके से संचालन किया। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के Charge d'Affaires को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना को “unacceptable and unprofessional” बताया है। भारत ने दोनों देशों के बीच 1991 में हुए समुद्री आचरण से जुड़े समझौते का भी हवाला दिया।
क्या PNS Hunain को नुकसान हुआ?
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, टक्कर के बाद PNS Hunain को मामूली नुकसान हुआ, जबकि भारतीय युद्धपोत परिचालन स्थिति में बना रहा। घटना में किसी बड़ी क्षति या बड़े पैमाने पर जनहानि की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों को स्वतंत्र रूप से दोबारा निर्मित करने के लिए अभी दोनों पक्षों के विस्तृत सेंसर डेटा, संचार रिकॉर्ड या अन्य तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
क्या यह वही PNS Hunain है जिसे 2024 में कमीशन किया गया था?
हां। उपलब्ध नौसैनिक रिकॉर्ड के अनुसार PNS Hunain का पेनेंट नंबर F-273 है और यह Yarmook-class OPV है।
2024 में इसके कमीशनिंग समारोह के दौरान पाकिस्तान नौसेना ने इसे अपनी बढ़ती समुद्री जिम्मेदारियों के लिए महत्वपूर्ण पोत बताया था।
पाकिस्तान की नौसैनिक ताकत में चीन की भूमिका
PNS Hunain सीधे तौर पर चीनी निर्मित जहाज नहीं है। हालांकि, पाकिस्तान की व्यापक नौसैनिक आधुनिकीकरण योजना में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पाकिस्तान ने चीन से Type 054A/P Tughril-class frigates हासिल किए हैं। इन जहाजों में आधुनिक सेंसर, वर्टिकल लॉन्च सिस्टम और एंटी-शिप मिसाइल क्षमता जैसी प्रणालियां शामिल हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान का Hangor-class submarine programme भी चीन के साथ रक्षा सहयोग का बड़ा उदाहरण है। लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि PNS Hunain और Hangor-class submarine दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म हैं।
PNS Hunain बनाम पाकिस्तान की बड़ी युद्धपोत क्षमता
PNS Hunain का मुख्य उद्देश्य गश्त और समुद्री सुरक्षा है, जबकि पाकिस्तान के फ्रिगेट और पनडुब्बी जैसे प्लेटफॉर्म अधिक उच्च-स्तरीय युद्ध अभियानों के लिए तैयार किए जाते हैं।
यही वजह है कि PNS Hunain को समझते समय उसे सीधे पाकिस्तान की सबसे भारी हथियारबंद नौसैनिक इकाइयों के बराबर रखना सही नहीं होगा।
घटना के बाद भारत ने क्या किया?
टक्कर के बाद भारत ने राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान के Charge d'Affaires को नई दिल्ली में तलब किया गया और भारत ने समुद्र में सैन्य इकाइयों के बीच सुरक्षित दूरी तथा स्थापित समझौतों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया।
भारत ने इस मामले को इस्लामाबाद में भी अपने राजनयिक चैनल के जरिए उठाने का निर्देश दिया है।
PNS Hunain क्यों चर्चा में है?
PNS Hunain की चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं है कि यह एक नया पाकिस्तानी नौसैनिक पोत है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यह घटना ऐसे समय हुई है जब अरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियां रणनीतिक रूप से संवेदनशील वातावरण में चल रही हैं।
हालिया टक्कर के बाद समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक संचार और दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद confidence-building mechanisms पर फिर से ध्यान गया है।
निष्कर्ष: PNS Hunain पाकिस्तान नौसेना का Yarmook-class Offshore Patrol Vessel है, जिसे 2024 में कमीशन किया गया था। 15 सितंबर 2026 की अरब सागर की घटना के बाद यह जहाज अचानक सुर्खियों में आ गया है। फिलहाल भारत ने घटना को लेकर पाकिस्तान के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है, जबकि घटना की पूरी परिस्थितियों पर दोनों पक्षों की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
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