सिकंदराबाद शस्त्रागार चोरी का खुलासा, पूर्व हवलदार गिरफ्तार; 12 हथियार और गोला-बारूद चोरी का मामला
हैदराबाद के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट स्थित 20 Madras Regiment के शस्त्रागार से हथियार चोरी के मामले में तेलंगाना पुलिस ने एक पूर्व हवलदार को गिरफ्तार किया है। जांच में मामला अंदरूनी साजिश (insider job) के तौर पर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सेवा से बर्खास्त किए जाने की नाराजगी में कथित तौर पर चोरी की योजना बनाई। चोरी किए गए 12 हथियारों में असॉल्ट राइफलें भी शामिल थीं और हथियारों के साथ गोला-बारूद भी गायब था। अधिकांश हथियार बरामद/ट्रेस किए जा चुके हैं।
लेखक
Vinay Mishra

हैदराबाद: सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के सैन्य शस्त्रागार से हथियार चोरी के सनसनीखेज मामले में तेलंगाना पुलिस ने जांच पूरी करते हुए एक पूर्व हवलदार को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पुलिस को शक था कि हथियार चोरी के पीछे जासूसी, मादक पदार्थों से जुड़े गिरोह या दुश्मन देश तक हथियार पहुंचाने जैसी कोई बड़ी साजिश हो सकती है। हालांकि जांच आगे बढ़ने पर मामला एक पूर्व सैन्यकर्मी की कथित व्यक्तिगत नाराजगी से जुड़ा मिला।
12 हथियार और गोला-बारूद हुए थे गायब
मामला सिकंदराबाद के बोलारम स्थित Madras Regiment armoury से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक शस्त्रागार से कुल 12 हथियार चोरी हुए थे, जिनमें असॉल्ट राइफलें भी शामिल थीं। हथियारों के साथ गोला-बारूद भी गायब होने की जानकारी सामने आई थी।
इस चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, क्योंकि सैन्य शस्त्रागार से हथियारों का गायब होना सामान्य चोरी की घटना नहीं मानी जाती।
पूर्व हवलदार पर क्यों गया शक?
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी एक पूर्व हवलदार है, जिसे सैन्य सेवा से बर्खास्त किया गया था। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी बर्खास्तगी को लेकर नाराज था और इसी नाराजगी ने कथित तौर पर उसे अपराध की ओर धकेला।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि पूर्व सैन्यकर्मी को सैन्य परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां की गतिविधियों की जानकारी थी। इसी अंदरूनी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल हथियारों तक पहुंच बनाने में किया गया।
बाइक से चोरी को दिया अंजाम
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करके हथियारों को बाहर निकालने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल किया है।
इससे यह सवाल भी उठा कि इतने संवेदनशील सैन्य परिसर से हथियार बाहर ले जाते समय सुरक्षा जांच में चूक कैसे हुई।
पहले कई एंगल से हुई जांच
हथियार चोरी की घटना सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने शुरुआत में कई संभावनाओं पर काम किया। इनमें हथियारों का किसी आपराधिक गिरोह तक पहुंचना, जासूसी गतिविधि और यहां तक कि दुश्मन देश तक हथियार पहुंचने की आशंका भी शामिल थी।
लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने संदिग्धों और हथियारों की आवाजाही के बारे में जानकारी जुटाई, जांच एक अंदरूनी व्यक्ति तक पहुंच गई।
अधिकांश हथियार बरामद
अधिकारियों के मुताबिक, चोरी किए गए अधिकांश हथियारों को हैदराबाद में ट्रेस कर लिया गया है। Indian Express ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि पुलिस ने मामले को सुलझा लिया है और हथियारों का पता लगा लिया गया है।
हालांकि, बरामद किए गए प्रत्येक हथियार और गोला-बारूद की विस्तृत सूची तथा आरोपी की पूरी भूमिका को लेकर जांच जारी है।
सेना के अधिकारियों से भी हुई पूछताछ
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा सैन्य अधिकारियों तक भी पहुंचा था। इससे पहले अधिकारियों ने शस्त्रागार की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ सैन्यकर्मियों से पूछताछ की थी।
जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही थीं कि हथियारों की चोरी इतने सुरक्षित परिसर से कैसे संभव हुई और सुरक्षा प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई।
व्यक्तिगत नाराजगी बनी चोरी की वजह?
जांच के मौजूदा निष्कर्षों के मुताबिक, पूर्व हवलदार की सेवा से बर्खास्तगी को लेकर नाराजगी इस मामले में संभावित मकसद के रूप में सामने आई है। Indian Express और Times of India दोनों की रिपोर्टों में पूर्व हवलदार और उसके पूर्व कमांडिंग ऑफिसर के प्रति कथित नाराजगी का उल्लेख है।
हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने से पहले आरोपी के मकसद और अपराध में उसकी अंतिम भूमिका को न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।
सैन्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सैन्य प्रतिष्ठानों में हथियारों की सुरक्षा और insider threat को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सैन्य परिसर में काम करने वाले या पहले काम कर चुके लोगों को सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी होने के कारण ऐसे मामलों में जोखिम अलग तरह का होता है।
अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि चोरी की योजना में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था।
आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी किए गए हथियारों की पूरी श्रृंखला और संभावित सहयोगियों का पता लगाने की कोशिश करेगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि हथियार चोरी के बाद कहां रखे गए थे और उन्हें आगे कहीं भेजने की योजना थी या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला सुलझ गया है और मुख्य आरोपी पूर्व हवलदार की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चोरी हुए अधिकांश हथियार भी ट्रेस कर लिए गए हैं।
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