SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब? जानिए दोबारा सूची में शामिल होने का तरीका
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दिल्ली समेत छह राज्यों की ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए मतदाताओं को दोबारा नाम शामिल कराने का मौका मिलेगा। दिल्ली में 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची से करीब 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। चुनाव आयोग ने इनके लिए एक विशेष प्रक्रिया के जरिए फिर से आवेदन करने का रास्ता खोला है।
लेखक
Jyoti Mukherjee

SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब? जानिए दोबारा सूची में शामिल होने का तरीका
विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उन्हें अब दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का मौका मिलेगा। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना के ऐसे मतदाताओं को एक और अवसर देने की घोषणा की, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट मतदाता के रूप में चिह्नित किए जाने के बाद सूची से बाहर कर दिया गया था।
चुनाव आयोग का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले दिए गए सुझाव के बाद आया है। अदालत ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा नाम शामिल कराने का अवसर देने की बात कही थी।
दिल्ली में 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हुए थे बाहर
दिल्ली में 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से लगभग 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। इन लोगों को ASDDO श्रेणी में रखा गया था। इस श्रेणी में अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead), डुप्लिकेट (Duplicate) और अन्य (Others) श्रेणियां शामिल हैं।
दिल्ली की शुरुआती मतदाता सूची में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता शामिल थे। इनमें से ड्राफ्ट सूची में जगह नहीं पाने वाले मतदाताओं को अब अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
नए पंजीकरण की सामान्य प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम SIR की ड्राफ्ट सूची से बाहर रह गए हैं, वे एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से दोबारा नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सामान्य नए मतदाता पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह व्यवस्था उन मतदाताओं के लिए राहत की बात है, जिनके नाम किसी कारण से ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए थे।
सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद आयोग का फैसला
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को छूटे हुए मतदाताओं को एक और अवसर देने का सुझाव दिया था। इसके बाद आयोग ने छह राज्यों के लिए यह व्यवस्था घोषित की है।
हालांकि, आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और समय-सीमा से जुड़ी जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। मतदाताओं को आगे की आधिकारिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
इस फैसले से SIR प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हुए लाखों लोगों को अपना नाम फिर से शामिल कराने का अवसर मिलेगा।
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