अमेरिका बदल रहा अपनी परमाणु नीति, रूस-चीन से युद्ध की स्थिति में छोटे परमाणु बम के इस्तेमाल की तैयारी
अमेरिका अपनी परमाणु रणनीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। नई नीति के तहत रूस या चीन के साथ संभावित संघर्ष की स्थिति में कम क्षमता (लो-यील्ड) वाले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का विकल्प मजबूत किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक सुरक्षा और परमाणु संतुलन पर दूरगामी असर डाल सकता है।
लेखक
Vinay Mishra
रूस और चीन से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की नई रणनीति
रूस और चीन के साथ बढ़ते सामरिक तनाव के बीच अमेरिका अपनी परमाणु नीति में महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, वॉशिंगटन अब ऐसी रणनीति पर विचार कर रहा है, जिसमें जरूरत पड़ने पर कम क्षमता (Low-Yield) वाले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी सैन्य विकल्प के रूप में शामिल हो सकता है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर परमाणु युद्ध से बचते हुए सीमित स्तर पर जवाबी क्षमता बनाए रखना बताया जा रहा है।
क्या हैं लो-यील्ड परमाणु हथियार?
लो-यील्ड या छोटे परमाणु हथियार वे हथियार होते हैं जिनकी विस्फोटक क्षमता पारंपरिक रणनीतिक परमाणु बमों की तुलना में काफी कम होती है। हालांकि इनकी क्षमता कम होती है, लेकिन इनसे होने वाला नुकसान बेहद विनाशकारी हो सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हथियारों को सीमित सैन्य लक्ष्यों पर इस्तेमाल के लिए विकसित किया जाता है।
क्यों बदली जा रही है परमाणु नीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत और रूस के साथ जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिका को अपनी परमाणु रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है। अमेरिका का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक लचीली (Flexible) परमाणु नीति की आवश्यकता है, जिससे संभावित विरोधियों को प्रभावी ढंग से रोकने की क्षमता बनी रहे।
वैश्विक सुरक्षा पर क्या होगा असर?
नई नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) मजबूत होगी, जबकि अन्य का मानना है कि छोटे परमाणु हथियारों पर बढ़ती निर्भरता परमाणु संघर्ष की आशंका को बढ़ा सकती है। उनका तर्क है कि यदि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल अपेक्षाकृत "सीमित" विकल्प के रूप में देखा जाने लगे, तो भविष्य में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस प्रस्तावित रणनीति को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। परमाणु नीति से जुड़े दस्तावेजों और रक्षा रणनीति की समीक्षा जारी है। आने वाले समय में आधिकारिक नीति दस्तावेज जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अमेरिका अपनी परमाणु रणनीति में किस स्तर तक बदलाव करता है।
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