अमेरिका कर रहा नई एयर-टू-एयर मिसाइल का परीक्षण, 465 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक निशाना साधने में सक्षम 'Malice'
अमेरिकी नौसेना नई लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल AIM-424 Malice का परीक्षण कर रही है। अमेरिकी नौसेना के अनुसार इसकी मारक क्षमता 465 किलोमीटर से अधिक है। इसे Raytheon ने विकसित किया है और इसका आकार AIM-120 AMRAAM के करीब रखा गया है, जिससे इसे F-35 और F-22 जैसे स्टील्थ लड़ाकू विमानों के आंतरिक हथियार बे में ले जाया जा सकता है।
लेखक
Vinay Mishra
US New Air-to-Air Missile: अमेरिका की नई 'Malice' मिसाइल ने बढ़ाई सैन्य ताकत, 465 KM से ज्यादा है रेंज
वॉशिंगटन: अमेरिका ने अपनी हवाई युद्ध क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी नौसेना एक नई लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल AIM-424 Malice का परीक्षण कर रही है। इसकी घोषित रेंज 250 नॉटिकल मील यानी करीब 463-465 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।
इस मिसाइल को लेकर खास बात इसकी लंबी मारक क्षमता के साथ-साथ इसका आकार है। इसे मौजूदा AIM-120 AMRAAM के लगभग समान आकार में विकसित किया गया है, जिससे इसे स्टील्थ लड़ाकू विमानों के अंदर मौजूद हथियार बे में रखने की क्षमता मिलती है।
क्या है AIM-424 Malice?
AIM-424 Malice को Long Range Air-to-Air Missile (LRAAM) के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसे अमेरिकी रक्षा कंपनी Raytheon, जो RTX की सहायक कंपनी है, ने बनाया है। अमेरिकी नौसेना ने अगस्त 2026 में इस हथियार को सार्वजनिक रूप से सामने रखा।
रिपोर्टों के मुताबिक मिसाइल का उड़ान परीक्षण पहले से चल रहा है। हालांकि अमेरिकी नौसेना ने अभी यह नहीं बताया है कि इसे नियमित सैन्य सेवा में कब शामिल किया जाएगा।
465 किलोमीटर की रेंज क्यों है इतनी खास?
हवाई युद्ध में लंबी दूरी की मिसाइल का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि लड़ाकू विमान अपने प्रतिद्वंद्वी के काफी करीब गए बिना हमला करने की क्षमता हासिल कर सकता है।
AIM-424 की 465 किलोमीटर से अधिक की संभावित रेंज इसे बेहद लंबी दूरी की श्रेणी में रखती है। हालांकि वास्तविक युद्ध में किसी मिसाइल की प्रभावी क्षमता परिस्थितियों, लक्ष्य की गति, ऊंचाई, सेंसर और लक्ष्य तक जानकारी पहुंचाने की क्षमता पर निर्भर करती है।
F-35 और F-22 के अंदर ले जाई जा सकेगी
Malice को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसका आकार मौजूदा AIM-120 AMRAAM के करीब रहे। इसका मतलब है कि इसे F-35 और F-22 जैसे स्टील्थ विमानों के आंतरिक हथियार बे में रखने की क्षमता हो सकती है।
स्टील्थ विमान के लिए यह क्षमता महत्वपूर्ण है क्योंकि हथियारों को विमान के अंदर रखने से विमान की लो-ऑब्जर्वेबल विशेषताओं को बनाए रखने में मदद मिलती है।
सिर्फ दुश्मन के लड़ाकू विमान नहीं, बड़े लक्ष्य भी निशाने पर
लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों का इस्तेमाल केवल दुश्मन के फाइटर जेट को निशाना बनाने तक सीमित नहीं हो सकता। ऐसी मिसाइलें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान, टैंकर और अन्य हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट के खिलाफ भी उपयोगी हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने यह संभावना भी जताई है कि Malice का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अमेरिकी नौसैनिक बेड़े को ऐसे विमानों से बचाना हो सकता है जो लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइलें दाग सकते हैं।
अमेरिका क्यों बढ़ा रहा है लंबी दूरी की मिसाइलों पर जोर?
अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से लंबी दूरी के एयर-टू-एयर हथियारों पर खास जोर दे रहा है। इसका एक बड़ा कारण चीन के साथ संभावित हाई-एंड सैन्य टकराव की तैयारी है।
अमेरिकी वायुसेना और नौसेना दोनों ऐसे हथियार विकसित कर रहे हैं जो दुश्मन के विमानों को ज्यादा दूरी से निशाना बना सकें। इसी क्रम में AIM-260 JATM और AIM-174B जैसे दूसरे लंबी दूरी के हथियार भी अमेरिकी कार्यक्रमों का हिस्सा हैं।
AIM-260 और AIM-174B के साथ बनेगी लंबी दूरी की क्षमता
AIM-424 अकेली लंबी दूरी की अमेरिकी एयर-टू-एयर मिसाइल नहीं है। अमेरिका AIM-260 Joint Advanced Tactical Missile भी विकसित कर रहा है, जिसे AIM-120 AMRAAM का उत्तराधिकारी माना जाता है। मई 2026 में AIM-260 को F/A-18F Super Hornet के साथ परीक्षण के दौरान देखा गया था।
इसके अलावा AIM-174B भी अमेरिकी नौसेना के लंबी दूरी के एयर-टू-एयर हथियारों में शामिल है और इसकी रिपोर्टेड रेंज 400 किलोमीटर से अधिक बताई गई है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
अमेरिका की इस नई मिसाइल का विकास एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते हवाई युद्ध समीकरणों के बीच महत्वपूर्ण है। लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें आधुनिक युद्ध में पहले देखो, पहले निशाना साधो और पहले हमला करो जैसी रणनीति को मजबूत कर सकती हैं।
2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान भी लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। रिपोर्टों में पाकिस्तानी विमानों द्वारा चीनी मूल की लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल के दावे सामने आए थे।
ऐसे में अमेरिका का 465 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली नई मिसाइल पर काम करना दुनिया की प्रमुख वायु सेनाओं के लिए लंबी दूरी की हवाई लड़ाई के बदलते स्वरूप का संकेत है।
अभी ऑपरेशनल होने में लगेगा समय
AIM-424 Malice का परीक्षण जारी है और अमेरिकी नौसेना ने अभी इसकी ऑपरेशनल तैनाती की तारीख घोषित नहीं की है। परीक्षण के दौरान मिसाइल की वास्तविक प्रदर्शन क्षमता, मार्गदर्शन प्रणाली और विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
निष्कर्ष
अमेरिकी नौसेना की AIM-424 Malice आधुनिक हवाई युद्ध में लंबी दूरी की क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश है। 465 किलोमीटर से अधिक की घोषित रेंज, स्टील्थ विमानों के साथ संभावित आंतरिक एकीकरण और लंबी दूरी के हाई-वैल्यू लक्ष्यों के खिलाफ उपयोग की क्षमता इसे अमेरिका के उभरते एयर-टू-एयर हथियारों में महत्वपूर्ण बनाती है।
हालांकि, मिसाइल अभी परीक्षण चरण में है और इसकी वास्तविक युद्धक क्षमता तथा तैनाती की समयसीमा पर अंतिम तस्वीर अमेरिकी नौसेना के आगे के परीक्षणों के बाद ही साफ होगी।
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