BRICS के गाला डिनर में कांग्रेस शासित 3 राज्यों के CM को मिला था न्योता, फिर क्यों बनाई दूरी? जानें पूरी कहानी
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में हुए BRICS गाला डिनर में कई BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, लेकिन विपक्षी राज्यों के कई मुख्यमंत्री नजर नहीं आए। कांग्रेस के मुख्यमंत्री Revanth Reddy, D.K. Shivakumar और Sukhvinder Singh Sukhu को भी निमंत्रण भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से Revanth Reddy ने शुरुआत में निमंत्रण स्वीकार किया था, लेकिन बाद में अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देकर शामिल नहीं हो सके। वहीं, अन्य नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण सामने नहीं आया है।
लेखक
Vinay Mishra
BRICS डिनर में विपक्षी CMs की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
नई दिल्ली: भारत की मेजबानी में 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर की शाम Bharat Mandapam में विदेशी नेताओं और विशिष्ट भारतीय मेहमानों के लिए भव्य गाला डिनर आयोजित किया था। डिनर में कई केंद्रीय मंत्री और BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री नजर नहीं आए।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी निमंत्रण भेजा गया था। इस लिहाज से यह कार्यक्रम केवल BJP या NDA शासित राज्यों तक सीमित नहीं था।
कांग्रेस के किन मुख्यमंत्रियों को मिला था न्योता?
रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस से जुड़े तीन प्रमुख मुख्यमंत्री/नेताओं को डिनर के लिए आमंत्रित किया गया था—तेलंगाना के मुख्यमंत्री Revanth Reddy, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री D.K. Shivakumar और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu। हालांकि, यहां एक जरूरी तथ्य यह है कि D.K. Shivakumar कर्नाटक के मुख्यमंत्री नहीं, उपमुख्यमंत्री हैं।
कुछ रिपोर्टों में केरल के V.D. Satheesan का भी नाम आया है, लेकिन वह मुख्यमंत्री नहीं बल्कि विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। इसलिए “तीन कांग्रेस शासित राज्यों के CM” वाली बात को रिपोर्ट करते समय Revanth Reddy, Sukhu और कांग्रेस नेतृत्व से जुड़े कर्नाटक प्रतिनिधित्व के संदर्भ को स्पष्ट रखना जरूरी है।
Revanth Reddy ने पहले स्वीकार किया था निमंत्रण
इस पूरे घटनाक्रम में Revanth Reddy का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर को डिनर में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन बाद में उनके कार्यालय ने केंद्र को सूचित किया कि वह “unavoidable circumstances” यानी अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।
तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश से जुड़े सूत्रों ने दोनों मुख्यमंत्रियों के पास पहले से तय कार्यक्रम होने की बात भी कही है। हालांकि, इन दावों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
क्या यह राहुल गांधी और खरगे को न्योता न मिलने का विरोध था?
यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम राजनीतिक पहलू है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी को Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge को डिनर का निमंत्रण न मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में तीनों नेताओं की अनुपस्थिति के लिए एक समान आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। इसलिए इसे सीधे तौर पर कांग्रेस द्वारा “राजनीतिक बहिष्कार” कहना अभी सावधानी के बिना उचित नहीं होगा।
BJP ने साधा निशाना
विपक्षी मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा। BJP सांसद Bansuri Swaraj ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित के मामलों में व्यक्तिगत या राजनीतिक टकराव को जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर पार्टी राजनीति को राष्ट्रीय हित से ऊपर रखने का आरोप लगाया।
BJP के छह मुख्यमंत्री डिनर में पहुंचे
गाला डिनर में BJP शासित राज्यों के छह मुख्यमंत्री शामिल हुए। इनमें Yogi Adityanath, Devendra Fadnavis, Suvendu Adhikari, Himanta Biswa Sarma, Pushkar Singh Dhami और Rekha Gupta शामिल थे।
वहीं, विपक्षी खेमे से कई नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़े घरेलू कार्यक्रम में भी केंद्र और विपक्षी राज्य सरकारों के बीच राजनीतिक दूरी दिखाई दे रही है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
विपक्षी मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर यह पहला राजनीतिक विवाद नहीं है। हाल के वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित कई बैठकों और राष्ट्रीय आयोजनों में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी और गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बनती रही है।
फिलहाल BRICS डिनर को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निमंत्रण भेजे जाने की पुष्टि सरकारी सूत्रों से हुई है, लेकिन सभी अनुपस्थित नेताओं के लिए एक जैसा आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में इसे पूरी तरह राजनीतिक बहिष्कार करार देना जल्दबाजी होगी।
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