15 साल बाद मिला इंसाफ: बहू की आत्महत्या के आरोप से मुक्त हुई सास, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने करीब 15 साल पुराने बहू की आत्महत्या से जुड़े मामले में सास मनकी बाई को बड़ी राहत दी है। अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने और क्रूरता के आरोप में हुई उनकी सजा को रद्द करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल घरेलू विवाद या सामान्य प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसावा नहीं माना जा सकता।
लेखक
Vinay Mishra
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने करीब 15 साल पुराने एक मामले में सास मनकी बाई को बड़ी राहत देते हुए बहू की आत्महत्या के लिए उकसाने और क्रूरता के आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने बेमेतरा के अतिरिक्त सत्र न्यायालय द्वारा 26 नवंबर 2011 को सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा के आदेश को निरस्त कर दिया।
यह मामला बेमेतरा जिले का है। अभियोजन के अनुसार, 20 दिसंबर 2010 को पंचोबाई ने अपने ससुराल में खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मामले में आरोप लगाया गया था कि घटना वाले दिन सास मनकी बाई ने बहू को घर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया और उसे बाहर बैठाए रखा था। अभियोजन के मुताबिक, इसी बात से क्षुब्ध होकर पंचोबाई ने आत्मघाती कदम उठाया था।
निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
बेमेतरा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने मामले में मनकी बाई को अलग-अलग धाराओं के तहत तीन साल और एक साल की कारावास की सजा सुनाई थी। मामले के अन्य सह-आरोपितों को अदालत ने बरी कर दिया था।
मनकी बाई ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उसी वर्ष छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। करीब 15 साल बाद हाई कोर्ट ने इस अपील पर फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।
गवाहों के बयानों में मिली विसंगतियां
हाई कोर्ट ने मामले में पेश किए गए गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियां थीं। कोर्ट के अनुसार, केवल इस आधार पर आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती कि मृतका को घर के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया या उसे कुछ समय के लिए घर के बाहर बैठाया गया था।
अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप को लेकर यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष को स्पष्ट आपराधिक मंशा और ऐसा निकटवर्ती कृत्य साबित करना होगा, जिससे यह स्थापित हो सके कि आरोपी के व्यवहार ने मृतका को आत्महत्या के लिए मजबूर किया।
सिर्फ घरेलू विवाद को नहीं माना जा सकता उकसावा
हाई कोर्ट ने कहा कि केवल घरेलू विवाद या सामान्य प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध का आधार नहीं बनाया जा सकता। आरोप को साबित करने के लिए अभियोजन को आवश्यक कानूनी तत्वों और आरोपी की भूमिका को पर्याप्त साक्ष्यों के साथ स्थापित करना होता है।
इन्हीं आधारों पर अदालत ने मनकी बाई को आत्महत्या के लिए उकसाने और क्रूरता के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया तथा निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को निरस्त कर दिया।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध न्यायिक एवं मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में हाई कोर्ट के फैसले का प्रभाव मनकी बाई के खिलाफ निचली अदालत की पूर्व दोषसिद्धि और सजा पर पड़ा है।
Keep reading
More in राजनीति
राजनीति
ना नेमप्लेट और ना कुर्सी... INDIA गठबंधन की बैठक में हुई सोनिया गांधी की सरप्राइज एंट्री
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी की अचानक एंट्री ने वहां मौजूद नेताओं के बीच कुछ देर के लिए सीटि…
राजनीति
विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का बड़ा एलान, राज्यों में 24 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के लिए 24 नए संगठनात्मक पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। पा…
राजनीति
'जेल जाएंगे ज्ञानेश कुमार', SIR पर चुनाव आयोग में मतभेद की रिपोर्ट के बाद संजय राउत ने बोला हमला
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव…
राजनीति
'अलग-अलग राय होना सामान्य बात', SIR पर चुनाव आयोग में मतभेद को लेकर EC ने 8 प्वाइंट्स में दी सफाई
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने बुधवार को 8 बिंदुओं में अपनी स्थिति…
राजनीति
BJP में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: विनोद तावड़े यूपी प्रभारी, हरीश द्विवेदी को बिहार की कमान; देखें पूरी लिस्ट
भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संगठनात्मक प्रभार में बड़ा फेरबदल किया। पार्टी अध्यक्ष न…
राजनीति
NCPI ने की नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति, Yusuf Pathan बने उपाध्यक्ष
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने संगठन में नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। पार्टी की नई संरचना में पूर्व क्रिकेटर…
