राष्ट्रीय समाचार

छत्तीसगढ़ के मॉल में गाड़ी खड़ी करने पर नहीं लगेगा पैसा? 30 रुपये की पार्किंग वसूली पर 55 हजार का जुर्माना

छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने रायपुर के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में पार्किंग शुल्क वसूले जाने को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। मामला एक उपभोक्ता से 30 रुपये पार्किंग शुल्क लेने से जुड़ा था। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के फैसले को बरकरार रखते हुए मॉल प्रबंधन को पार्किंग शुल्क नहीं लेने और उपभोक्ताओं के लिए निशुल्क पार्किंग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च, यानी कुल 55 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया।

Share
छत्तीसगढ़ के मॉल में गाड़ी खड़ी करने पर नहीं लगेगा पैसा? 30 रुपये की पार्किंग वसूली पर 55 हजार का जुर्माना

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मॉल की पार्किंग को लेकर उपभोक्ता आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने रायपुर के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल (अंबुजा नियोटिया) में ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूलने की प्रथा को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। आयोग ने मॉल प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

30 रुपये पार्किंग शुल्क से शुरू हुआ मामला

मामला 15 जून 2025 का है। शिकायतकर्ता अंजिनेश शुक्ला अपनी कार से अंबुजा मॉल पहुंचे थे। उनके अनुसार, वह अपनी मां को मॉल पर छोड़ने के लिए गए थे और इसके बावजूद उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया।

शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्होंने केवल ड्रॉप करने के लिए वाहन रोका था, लेकिन मॉल प्रबंधन ने निशुल्क पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध होने से इनकार कर दिया और पार्किंग शुल्क लेना जरूरी बताया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का रुख किया।

जिला आयोग ने भी मॉल के खिलाफ दिया था फैसला

इस मामले में रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पहले ही मॉल प्रबंधन को पार्किंग शुल्क वसूलना बंद करने और ग्राहकों के लिए निशुल्क पार्किंग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

मॉल प्रबंधन ने इस आदेश के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। उसका तर्क था कि मॉल में सुरक्षा और रखरखाव जैसी सुविधाओं के लिए न्यूनतम 30 रुपये शुल्क लिया जाता है। प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि 10 मिनट के भीतर वाहन बाहर निकालने पर शुल्क वापस किया जाता है।

10 मिनट की मुफ्त पार्किंग का दावा साबित नहीं कर पाया मॉल

राज्य आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिस समय शिकायतकर्ता से शुल्क लिया गया, उस समय 10 मिनट की निशुल्क पार्किंग के संबंध में कोई स्पष्ट बोर्ड या स्टिकर मौजूद होने का पर्याप्त प्रमाण नहीं था।

आयोग ने मॉल प्रबंधन के इस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया कि पार्किंग शुल्क सुरक्षा और रखरखाव के खर्च के लिए लिया जा रहा था।

मॉल पहले से दुकानों से लेता है मेंटेनेंस चार्ज

आयोग ने यह भी गौर किया कि मॉल प्रबंधन दुकानों से पहले ही मेंटेनेंस शुल्क वसूलता है। इस शुल्क में बिजली, पानी, एस्केलेटर, लिफ्ट और सुरक्षा जैसी सुविधाओं से जुड़े खर्च शामिल हैं।

इसी आधार पर आयोग ने माना कि ग्राहकों से अलग से पार्किंग शुल्क लेना उचित नहीं है और मॉल प्रबंधन पर ग्राहकों को निशुल्क तथा सुरक्षित पार्किंग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।

55 हजार रुपये का भुगतान करना होगा

राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने 24 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया।

आयोग ने मॉल प्रबंधन को शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया। यानी कुल 55 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

आदेश के मुताबिक यह भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा। देरी होने पर आदेश की तारीख से भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

क्या अब हर मॉल में पार्किंग मुफ्त होगी?

यह फैसला रायपुर के अंबुजा मॉल से जुड़े विशेष उपभोक्ता विवाद पर आया है। इसलिए इसे अपने-आप पूरे देश के सभी मॉल में पार्किंग शुल्क पर लागू होने वाला सार्वभौमिक आदेश नहीं माना जा सकता।

हालांकि, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के इस फैसले में मॉल द्वारा पार्किंग सुविधा और ग्राहकों से लिए जाने वाले शुल्क के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी की गई है। इससे राज्य में मॉल की पार्किंग व्यवस्था को लेकर आगे होने वाली उपभोक्ता शिकायतों पर चर्चा बढ़ सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है?

इस मामले में आयोग ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान में ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और उनसे वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को उपभोक्ता अधिकारों के नजरिए से भी देखा जा सकता है।

फिलहाल इस मामले में अंबुजा मॉल प्रबंधन को निशुल्क पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ शिकायतकर्ता को कुल 55 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in राष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
'लेख ही मत लिखते रहिए, कार्यक्रमों में भी आइए'; CWC बैठक में थरूर पर खरगे का तंज
New

राष्ट्रीय समाचार

'लेख ही मत लिखते रहिए, कार्यक्रमों में भी आइए'; CWC बैठक में थरूर पर खरगे का तंज

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद शशि थरूर के बीच हल्का-फुल्का संवाद चर्चा में रहा। थरूर ने मह…

3 min read
'पितृसत्ता को खत्म करने के लिए वंदे मातरम गाओ', भाजपा सांसद के बयान पर ऋतिक रोशन ने दी प्रतिक्रिया
New

राष्ट्रीय समाचार

'पितृसत्ता को खत्म करने के लिए वंदे मातरम गाओ', भाजपा सांसद के बयान पर ऋतिक रोशन ने दी प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज का करीब एक महीने पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा में है। इसमें उन्होंने राहुल गांधी के 'पितृसत्ता खत्म…

2 min read
'कोई अधिकार नहीं', भारत ने UNGA में कश्मीर पर तुर्कीए के राष्ट्रपति एर्दोगन की टिप्पणियों को किया खारिज
New

राष्ट्रीय समाचार

'कोई अधिकार नहीं', भारत ने UNGA में कश्मीर पर तुर्कीए के राष्ट्रपति एर्दोगन की टिप्पणियों को किया खारिज

तुर्कीए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी को भारत ने खारिज कर दिया है…

2 min read
ठाणे: उद्धव गुट के नेता प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस
New

राष्ट्रीय समाचार

ठाणे: उद्धव गुट के नेता प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के स्थानीय नेता प्रदीप (बालू) पूर्णेकर की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।…

2 min read
'सुनवाई से पहले किसी को सजा के तौर पर हिरासत में नहीं रख सकते', सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
New

राष्ट्रीय समाचार

'सुनवाई से पहले किसी को सजा के तौर पर हिरासत में नहीं रख सकते', सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई एक व्यक्ति की निवारक हिरासत को रद्द करते हुए…

3 min read
'कंटेंट से आगे बढ़कर क्रिएटिव हब बने भारत', FICCI के कार्यक्रम में बोले गजेंद्र सिंह शेखावत
New

राष्ट्रीय समाचार

'कंटेंट से आगे बढ़कर क्रिएटिव हब बने भारत', FICCI के कार्यक्रम में बोले गजेंद्र सिंह शेखावत

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने FICCI FRAMES 2026 में कहा कि भारत को सिर्फ कंटेंट का बड़ा बाजार बनने तक सीमित नही…

3 min read