‘Envelope में भर के क्या आया?’: TMC के बागी गुट को सिंबल मिलने पर CJP का तंज, EC के फैसले पर उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बागी गुट को ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। आयोग के इस फैसले पर Cockroach Janta Party (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया पर तंज कसा और पूछा- ‘Envelope में भर के क्या आया?’ चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों प्रतिद्वंद्वी TMC गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए हैं। यह व्यवस्था फिलहाल 6 अक्टूबर के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों तक लागू रहेगी, जबकि पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम फैसला बाद में किया जाना है।
लेखक
Vinay Mishra
TMC के बागी गुट को ‘Envelope’ मिलने पर CJP का तंज
नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा Ritabrata Banerjee से जुड़े प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह दिए जाने के बाद Cockroach Janta Party (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने तंज कसा है।
सौरव दास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “‘Envelope’ symbol for TMC defectors. Envelope mein bharr ke kya aaya tha?” इसके साथ उन्होंने टिप्पणी की कि इस स्थिति पर “जोक्स खुद लिखे जा रहे हैं।”
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दिए अलग नाम और सिंबल
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को TMC के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए।
आयोग के फैसले के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।
वहीं, दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना जाएगा।
मूल TMC नाम और ‘जोड़ाफूल’ सिंबल पर लगी रोक
इससे एक दिन पहले, 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने अपने अंतरिम आदेश में दोनों गुटों को ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पार्टी के पारंपरिक ‘Flowers and Grass’ यानी जोड़ाफूल चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था।
आयोग ने कहा था कि उसके सामने पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर दो प्रतिद्वंद्वी दावे हैं। इसलिए इस मामले में विस्तृत प्रक्रिया के तहत फैसला किए जाने की जरूरत है।
दोनों पक्षों को अपने लिए तीन-तीन वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह सुझाने को कहा गया था। इसके बाद आयोग ने शुक्रवार को दोनों गुटों के लिए नई पहचान तय की।
6 अक्टूबर को होने वाले हैं उपचुनाव
यह अंतरिम व्यवस्था पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए की गई है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
चुनाव आयोग का यह फैसला पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम फैसला नहीं है। आयोग अभी दोनों गुटों के दावों पर आगे की प्रक्रिया करेगा।
‘Envelope’ पर क्यों हो रहा है तंज?
CJP नेता सौरव दास की टिप्पणी मूल रूप से राजनीतिक व्यंग्य है। उन्होंने ‘Envelope’ चुनाव चिन्ह को लेकर सवाल किया कि उसमें क्या आया था। उनकी टिप्पणी का संदर्भ चुनाव आयोग द्वारा TMC के प्रतिद्वंद्वी गुट को नया चुनाव चिन्ह दिए जाने से है।
हालांकि, इस टिप्पणी को किसी कथित लेन-देन या भ्रष्टाचार के प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जा सकता। उपलब्ध रिपोर्ट में सौरव दास ने ऐसा कोई प्रमाण पेश नहीं किया है; उनकी टिप्पणी राजनीतिक तंज के रूप में सामने आई है।
ममता बनर्जी ने भी EC के फैसले पर जताई आपत्ति
चुनाव आयोग के आदेश के बाद ममता बनर्जी ने भी फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे “unconstitutional”, “illegal” और “undemocratic” बताया और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। ये ममता बनर्जी के आरोप हैं, जिनकी चुनाव आयोग ने अपने आदेश में पुष्टि नहीं की है।
वहीं, चुनाव आयोग की ओर से जारी अंतरिम आदेश में मुख्य आधार दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद बताया गया है। आयोग ने अंतिम रूप से यह तय नहीं किया है कि मूल TMC नाम और चुनाव चिन्ह किस पक्ष को मिलेगा।
आगे क्या होगा?
अब दोनों गुट अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ आगामी उपचुनावों में चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे। दूसरी ओर, TMC के मूल नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार किस गुट का होगा, इसका फैसला चुनाव आयोग की आगे की प्रक्रिया के बाद होगा।
इस बीच, ‘Envelope’ सिंबल को लेकर CJP नेता सौरव दास की टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। चुनावी राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और गर्म होने की संभावना है, खासकर उपचुनावों से पहले।
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