ईरान का अंडरवाटर ड्रोन पकड़ने का दावा, अमेरिका ने बढ़ाया प्रतिबंधों का दबाव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र में एक अमेरिकी मानवरहित अंडरवाटर ड्रोन को पकड़ लिया है। ईरान ने इसे अत्याधुनिक अमेरिकी सैन्य तकनीक बताया, जबकि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन पुराना मॉडल था और खराब होने के बाद एक दिन से अधिक समय से पानी में निष्क्रिय पड़ा था। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के विमानन क्षेत्र पर 36 नई पाबंदियां लगाकर तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया है।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नया विवाद सामने आया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने अमेरिकी सेना के एक मानवरहित अंडरवाटर ड्रोन को पकड़ लिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र में की गई।
ईरान ने ड्रोन को अमेरिकी सैन्य तकनीक का बेहद आधुनिक नमूना बताया है। दूसरी ओर, पेंटागन ने कहा है कि यह एक पुराना मॉडल था, जो तकनीकी खराबी के कारण पहले ही निष्क्रिय हो चुका था और उसमें कोई संवेदनशील या वर्गीकृत उपकरण नहीं था।
ईरान ने क्या दावा किया?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के मुताबिक, उसने अमेरिका के एक आधुनिक और स्वायत्त अंडरवाटर वाहन को पकड़ लिया। ईरानी मीडिया ने ड्रोन की तस्वीरें भी जारी की हैं।
बताया गया है कि यह Dive-LD नाम का अंडरवाटर वाहन है, जिसे अमेरिका की कैलिफोर्निया स्थित रक्षा कंपनी Anduril ने विकसित किया है। करीब 19 फीट यानी 5.8 मीटर लंबा यह वाहन समुद्र के भीतर कई तरह के मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या है Dive-LD?
Dive-LD एक Autonomous Underwater Vehicle (AUV) है। यानी इसे समुद्र के भीतर काम करने के लिए हर समय मानव ऑपरेटर द्वारा सीधे नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती।
इसका इस्तेमाल:
समुद्री तल की मैपिंग
खदानों की पहचान और उन्हें हटाने से जुड़े मिशन
खुफिया जानकारी जुटाने
समुद्र के नीचे केबल और पाइपलाइन की निगरानी
समुद्री क्षेत्र की निगरानी
जैसे कामों में किया जा सकता है। Anduril के अनुसार, यह वाहन कई दिनों तक स्वतंत्र रूप से काम कर सकता है और बड़ी गहराई तक गोता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है।
अमेरिका ने ईरान के दावे को कैसे बताया?
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने ईरान के दावे को अलग तरीके से पेश किया है। पेंटागन के मुताबिक, अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से ज्यादा समय पहले खराब हो गया था और वह पानी में निष्क्रिय पड़ा था।
अमेरिका ने यह भी कहा कि यह पुराना मॉडल था और इसमें वर्गीकृत सोनार या रडार सिस्टम अथवा संवेदनशील डेटा नहीं था। Anduril ने भी पुष्टि की कि उसके एक Dive-LD वाहन के नुकसान की जानकारी है। कंपनी ने कहा कि ऐसे सिस्टम खतरनाक परिस्थितियों में इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं, जहां वाहन का खो जाना संभावित जोखिम माना जाता है।
इसलिए फिलहाल दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है—ईरान इसे सैन्य उपलब्धि बता रहा है, जबकि अमेरिका इसे खराब हो चुके ड्रोन के नुकसान के रूप में देख रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
यह घटना ऐसे समय हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से काफी ज्यादा है।
यह समुद्री मार्ग दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी सैन्य घटना या लंबे समय तक चलने वाली बाधा का असर तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति तथा कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान पहले भी इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने क्षेत्रीय दबाव के महत्वपूर्ण साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। हालिया अमेरिकी आर्थिक और सैन्य दबाव के बीच इस क्षेत्र में दोनों पक्षों की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार निगरानी में हैं।
अमेरिका ने ईरान पर और कसा शिकंजा
अंडरवाटर ड्रोन विवाद के साथ ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 36 नई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की घोषणा की है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, नई पाबंदियां ईरान के विमानन क्षेत्र को निशाना बनाती हैं। इनमें ईरानी एयरलाइंस, विमानन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां और ईरान को विमान या संवेदनशील तकनीक हासिल करने में मदद करने वाले विदेशी मध्यस्थ शामिल हैं।
Mahan Air समेत कई संस्थाएं निशाने पर
नई कार्रवाई में पहले से अमेरिकी प्रतिबंध झेल रही Mahan Air के अलावा ईरान के विमानन नेटवर्क से जुड़ी कई अन्य संस्थाओं पर भी दबाव बढ़ाया गया है।
अमेरिका ने तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और कजाकिस्तान में मौजूद कुछ कंपनियों और मध्यस्थों को भी निशाना बनाया है। वॉशिंगटन का आरोप है कि इन नेटवर्कों ने ईरान को अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने में मदद की।
क्या ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा?
अमेरिका की रणनीति अब केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं दिख रही है। वॉशिंगटन ईरान की वित्तीय, तेल और विमानन क्षमता को कमजोर करने के लिए प्रतिबंधों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है।
Reuters के अनुसार, लंबे समय से जारी आर्थिक दबाव ने ईरान में विदेशी मुद्रा की कमी, महंगाई और आयात में गिरावट जैसी समस्याओं को और गंभीर किया है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि आर्थिक दबाव ईरानी नेतृत्व को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर कर पाएगा या नहीं।
ड्रोन विवाद का बड़ा संदेश
ईरान द्वारा अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन पकड़े जाने का दावा केवल एक सैन्य घटना नहीं है। यह दिखाता है कि मानवरहित समुद्री तकनीक अब अमेरिका-ईरान टकराव का भी हिस्सा बन रही है।
अमेरिका समुद्र में निगरानी, माइन-क्लीयरेंस और खुफिया अभियानों के लिए ऐसे स्वायत्त सिस्टम पर बढ़ता भरोसा कर रहा है। दूसरी ओर, ईरान के लिए किसी अमेरिकी सिस्टम को अपने कब्जे में लेना तकनीकी और प्रचार—दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, ड्रोन की वास्तविक स्थिति और उसे ईरान ने किस तरह अपने कब्जे में लिया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
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