Amul-मदर डेयरी को टक्कर देने वाली Milky Mist का मुनाफा 1000% बढ़ा, शेयरों ने लगाई लंबी छलांग; लगा अपर सर्किट
डेयरी सेक्टर की नई लिस्टेड कंपनी Milky Mist Dairy Food ने जून तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 1,000% बढ़कर ₹64.5 करोड़ पहुंच गया, जबकि राजस्व 45% बढ़कर ₹973 करोड़ रहा। नतीजे सामने आने के बाद मंगलवार को कंपनी के शेयर 10% के अपर सर्किट पर पहुंच गए। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने शेयर के ऊंचे वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: भारतीय डेयरी बाजार में Amul और Mother Dairy जैसे बड़े नामों को चुनौती देने वाली Milky Mist Dairy Food ने शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के जून तिमाही के नतीजे सामने आते ही इसके शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई और स्टॉक 10% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 1,000% से ज्यादा की छलांग ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को Milky Mist के शेयर NSE पर ₹232.03 तक पहुंच गए, जो पिछले स्तर से 10% की तेजी है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹17,863 करोड़ हो गया। यह कंपनी हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई है और 18 अगस्त को इसकी लिस्टिंग हुई थी।
मुनाफे में 1,000% से ज्यादा की बढ़ोतरी
Milky Mist Dairy Food ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹64.5 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा सिर्फ ₹5.7 करोड़ था।
यानी सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में 1,000% से ज्यादा की वृद्धि हुई है। यही आंकड़ा मंगलवार को शेयर में आई तेज खरीदारी की सबसे बड़ी वजहों में से एक रहा।
हालांकि, विशेषज्ञों ने इस वृद्धि को देखते हुए base effect का ध्यान रखने को कहा है। पिछली वित्त वर्ष की जून तिमाही कंपनी के लिए कमजोर रही थी, इसलिए मौजूदा मुनाफे की तुलना में प्रतिशत वृद्धि असाधारण रूप से बड़ी दिखाई दे रही है।
45% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू
सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की बिक्री में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
जून 2026 को समाप्त तिमाही में Milky Mist का राजस्व ₹973 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹673 करोड़ से करीब 45% अधिक है।
कंपनी के प्रदर्शन में उसके वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स की बड़ी भूमिका है।
दूध बेचने के बजाय वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस
Milky Mist का बिजनेस मॉडल पारंपरिक डेयरी कंपनियों से कुछ अलग है। कंपनी मुख्य रूप से खुले या पैकेज्ड लिक्विड मिल्क कारोबार के बजाय पनीर, चीज, दही, बटर, घी, योगर्ट और आइसक्रीम जैसे ज्यादा मार्जिन वाले उत्पादों पर फोकस करती है।
इसके अलावा कंपनी ने Ready-to-Cook और Ready-to-Eat कैटेगरी में भी विस्तार किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसी वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट रणनीति की वजह से कंपनी को पारंपरिक लिक्विड मिल्क कारोबार की तुलना में बेहतर मार्जिन हासिल करने में मदद मिली है।
पनीर, चीज और दही से आती है आधे से ज्यादा कमाई
कंपनी के लिए पनीर, चीज और दही अभी भी बेहद महत्वपूर्ण उत्पाद हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इन तीनों उत्पादों ने मिलकर कंपनी के कुल राजस्व में 52.3% हिस्सेदारी निभाई। FY26 में इनका संयुक्त योगदान 59.05% था।
कंपनी धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विविधता भी ला रही है, ताकि किसी एक उत्पाद पर निर्भरता कम हो।
गर्मी के लंबे सीजन से भी मिला फायदा
कंपनी के प्रदर्शन में लंबे गर्मी के मौसम का भी योगदान रहा। खासतौर पर आइसक्रीम और योगर्ट की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई।
कंपनी की आइसक्रीम बिक्री सालाना आधार पर करीब 60% बढ़ी, जबकि योगर्ट की बिक्री में 153% की वृद्धि हुई।
दक्षिण भारत में लंबे गर्मी के मौसम ने इन कैटेगरी की मांग को बढ़ाने में मदद की।
शेयर बाजार में कब हुई थी लिस्टिंग?
Milky Mist Dairy Food की शेयर बाजार में लिस्टिंग 18 अगस्त 2026 को हुई थी। कंपनी के IPO का इश्यू प्राइस ₹140 प्रति शेयर था और शेयर ₹165 पर लिस्ट हुए थे।
लिस्टिंग के दिन ही स्टॉक ने 10% का अपर सर्किट लगाया और ₹181.50 तक पहुंच गया था।
अब 1 सितंबर को शेयर ₹232.03 तक पहुंच गया है। यानी लिस्टिंग के बाद से स्टॉक में करीब 28% की तेजी आ चुकी है।
लेकिन शेयर की वैल्यूएशन महंगी
शानदार नतीजों के बावजूद बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, FY26 के मुनाफे के आधार पर कंपनी का P/E करीब 130 गुना है। अगर जून तिमाही के मुनाफे को पूरे साल के लिए वार्षिकीकृत किया जाए, तो फॉरवर्ड P/E करीब 68 गुना बैठता है।
यह वैल्यूएशन भारतीय डेयरी क्षेत्र की कई अन्य कंपनियों की तुलना में काफी ज्यादा है।
इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन केवल एक तिमाही के शानदार नतीजों को देखकर शेयर में जल्दबाजी में निवेश करना उचित नहीं होगा।
IPO से जुटाए पैसे का क्या होगा?
Milky Mist ने IPO से मिले फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने और तमिलनाडु के पेरुंदुरई स्थित अपने प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए करने की योजना बनाई है।
कंपनी का लक्ष्य करीब 30% सालाना राजस्व वृद्धि बनाए रखना है।
कंपनी का पूरा मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन फिलहाल तमिलनाडु के पेरुंदुरई प्लांट पर केंद्रित है। वह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के 67,000 से ज्यादा किसानों से दूध की खरीद करती है।
Amul और Mother Dairy से कितनी अलग है कंपनी?
Milky Mist को समझने के लिए उसके बिजनेस मॉडल की तुलना पारंपरिक डेयरी कंपनियों से करना जरूरी है।
Amul और Mother Dairy जैसे ब्रांड लिक्विड मिल्क के साथ बड़े पैमाने पर कई डेयरी उत्पाद बेचते हैं, जबकि Milky Mist ने अपेक्षाकृत ज्यादा मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर अपना ब्रांड बनाया है।
कंपनी के पनीर और दही जैसे उत्पाद बड़े ब्रांडों की तुलना में आमतौर पर 10-30% ज्यादा कीमत पर बिकते हैं। कंपनी का Q1 FY27 का ग्रॉस मार्जिन 34.21% रहा, जबकि कुछ प्रमुख डेयरी कंपनियों के लिए यह करीब 26-30% के दायरे में बताया गया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Milky Mist की कहानी निश्चित रूप से आकर्षक है—तेज राजस्व वृद्धि, मुनाफे में जबरदस्त उछाल, वैल्यू-एडेड डेयरी पर फोकस और नए बाजारों में विस्तार।
लेकिन शेयर बाजार में अच्छी कंपनी और अच्छा निवेश एक ही चीज नहीं होते। कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन काफी ऊंची है और बाजार पहले ही भविष्य की मजबूत ग्रोथ का बड़ा हिस्सा शेयर की कीमत में शामिल कर चुका है।
इसलिए Milky Mist के शानदार नतीजे डेयरी कारोबार में इसकी बढ़ती ताकत का संकेत जरूर हैं, लेकिन निवेशकों को ऊंची वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ की वास्तविक क्षमता को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।
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