'VVIP दौरों में ऐसी चर्चाएं आम बात', PM मोदी-ट्रंप की बैठक पर सर्जियो गोर के दावे पर सरकार का स्पष्टीकरण
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया था कि जून में फ्रांस में PM मोदी और Donald Trump की बैठक के दौरान भारत ने मीडिया के सवाल नहीं लेने की मांग की थी। अब भारत सरकार ने कहा है कि नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों में मीडिया व्यवस्था को लेकर ऐसी बातचीत VVIP दौरों की सामान्य प्रक्रिया है। सरकार के सूत्रों ने यह भी कहा कि Trump के अप्रत्याशित सार्वजनिक व्यवहार को देखते हुए भारत ने सावधानी बरती थी।
लेखक
Vinay Mishra
PM Modi और Donald Trump की जून में फ्रांस में हुई मुलाकात के दौरान मीडिया कवरेज को लेकर अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के दावे पर भारत सरकार ने सफाई दी है। सरकार के सूत्रों ने कहा है कि किसी VVIP दौरे के दौरान नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया व्यवस्था को लेकर पहले से चर्चा करना सामान्य राजनयिक प्रक्रिया है।
यह स्पष्टीकरण उस वक्त आया है जब भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने Economic Times World Leaders Forum में दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की G7 के दौरान हुई बैठक के बाद भारत ने मीडिया से सवाल नहीं लेने की इच्छा जताई थी। Gor के मुताबिक, Trump ने शुरुआत में इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद पत्रकारों से सवाल पूछने को कह दिया और बातचीत करीब 45 मिनट तक चल गई।
सर्जियो गोर ने क्या दावा किया था?
Sergio Gor ने बताया कि 17 जून को फ्रांस के Évian-les-Bains में मोदी और ट्रंप की बैठक से पहले उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से संक्षिप्त बातचीत हुई थी। उनके मुताबिक, Trump ने पूछा था कि भारतीय पक्ष बैठक में कौन से मुद्दे उठाएगा और उसकी कोई खास मांग है या नहीं।
Gor के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से मुख्य आग्रह यह था कि मीडिया को कमरे में आने दिया जाए, लेकिन इसे पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में न बदला जाए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ट्रंप को बताया था कि भारतीय पक्ष सवाल-जवाब नहीं चाहता और ट्रंप ने उस समय इसे स्वीकार कर लिया था।
फिर Trump ने क्या किया?
Gor के मुताबिक, बैठक शुरू हुई और कमरे में करीब 50 कैमरे मौजूद थे। मोदी और ट्रंप ने शुरुआती टिप्पणी की। इसके बाद ट्रंप ने अचानक कैमरों की ओर देखते हुए पत्रकारों से सवाल पूछने को कहा।
इसके बाद बातचीत औपचारिक मीडिया ब्रीफिंग जैसी हो गई और करीब 45 मिनट तक सवाल-जवाब चलते रहे। Gor ने इसे अप्रत्याशित घटनाक्रम के रूप में पेश किया।
भारत सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने Gor के दावे को सीधे खारिज करने के बजाय मीडिया व्यवस्था को लेकर बातचीत को सामान्य VVIP प्रोटोकॉल बताया है।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि नेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति से जुड़े इंतजामों पर चर्चा किसी भी VVIP दौरे से पहले सामान्य प्रक्रिया है। भारतीय पक्ष ने भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए अपनी standard practice अमेरिकी पक्ष के साथ साझा की थी।
यानी सरकार का कहना है कि मीडिया के प्रारूप को लेकर पहले से चर्चा होना अपने आप में कोई असामान्य या विवादास्पद कदम नहीं है।
Trump के 'अप्रत्याशित व्यवहार' का भी जिक्र
विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि भारत का रुख पूरी तरह सावधानी पर आधारित था। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात करने वाले विदेशी प्रतिनिधिमंडल उनके अप्रत्याशित सार्वजनिक व्यवहार को लेकर सतर्क रहते हैं।
सरकारी सूत्रों ने Trump की दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ सार्वजनिक बातचीत का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे अनुभवों को देखते हुए भारत ने भी सावधानी भरा रुख अपनाया था।
क्या भारत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से इनकार किया था?
यहां दोनों पक्षों की बात को अलग-अलग समझना जरूरी है।
Gor के मुताबिक, भारत ने मीडिया को सवाल पूछने से रोकने की इच्छा जताई थी। वहीं भारत सरकार का कहना है कि VVIP कार्यक्रमों में मीडिया व्यवस्था पर चर्चा करना सामान्य है और भारतीय पक्ष ने अपनी standard practice बताई थी।
इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना ज्यादा सही होगा कि दोनों पक्षों के बीच मीडिया इंटरैक्शन के प्रारूप को लेकर पहले से बातचीत हुई थी, लेकिन Trump ने बाद में सवाल-जवाब का रास्ता खोल दिया।
मोदी-ट्रंप की बैठक कब और कहां हुई थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति Donald Trump की द्विपक्षीय बैठक 17 जून 2026 को फ्रांस के Évian-les-Bains में G7 Summit के दौरान हुई थी। बैठक में दोनों देशों से जुड़े द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
यह बैठक ऐसे समय हुई थी जब भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और अन्य रणनीतिक मुद्दों को लेकर कई संवेदनशील विषय चर्चा में थे।
क्या इससे भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव का संकेत मिलता है?
सिर्फ इस मीडिया विवाद के आधार पर भारत-अमेरिका संबंधों में किसी बड़े संकट का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हालांकि, जिस समय यह मामला सामने आया है, उस समय दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित हैं। ऐसे में नेताओं की सार्वजनिक बातचीत का हर पहलू राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाता है।
भारत सरकार का जोर फिलहाल इसी बात पर है कि VVIP दौरों में सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को लेकर बातचीत नियमित राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
45 मिनट की प्रेस बातचीत बनी चर्चा का केंद्र
इस पूरे विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि जिस बैठक के लिए मीडिया इंटरैक्शन को सीमित रखने की योजना बताई जा रही थी, वह Trump के एक सवाल के बाद लंबी प्रेस बातचीत में बदल गई।
Gor के मुताबिक, Trump के सवाल पूछने के बाद मीडिया के लिए पूरा मंच खुल गया और करीब 45 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए।
इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सार्वजनिक मीडिया इंटरैक्शन को लेकर भारतीय पक्ष क्यों सावधानी बरतना चाहता था।
एक नजर में पूरा मामला
सवालजवाबमोदी-ट्रंप की बैठक कब हुई?17 जून 2026बैठक कहां हुई?Évian-les-Bains, फ्रांसमौकाG7 Summitदावा किसने किया?अमेरिकी राजदूत Sergio Gorदावा क्या था?भारत ने सवाल-जवाब नहीं कराने की इच्छा जताईTrump ने क्या किया?पत्रकारों से सवाल लेने शुरू कर दिएमीडिया बातचीत कितनी चली?करीब 45 मिनटभारत सरकार की प्रतिक्रियाऐसी व्यवस्थाओं पर चर्चा VVIP दौरों में सामान्य हैभारत ने सावधानी क्यों बरती?Trump के अप्रत्याशित सार्वजनिक व्यवहार को लेकर सतर्कता
निष्कर्ष: Sergio Gor के बयान से शुरू हुए विवाद पर भारत सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों की मीडिया व्यवस्था पर चर्चा करना VVIP दौरों की सामान्य प्रक्रिया है। साथ ही, सरकारी सूत्रों ने माना कि Trump के अप्रत्याशित सार्वजनिक व्यवहार को देखते हुए भारतीय पक्ष ने सावधानी बरती थी। दूसरी ओर, Gor के मुताबिक Trump ने शुरुआती सहमति के बावजूद बाद में पत्रकारों से सवाल लेने शुरू कर दिए और बैठक के बाद करीब 45 मिनट तक मीडिया से बातचीत हुई।
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