थिएटर्स के बाहर एंबुलेंस, दर्शकों की हालत बिगड़ी और मिसकैरेज की खबरें… 53 साल पहले आई वो फिल्म, जिसे कहा गया ‘शापित’
साल 1973 में रिलीज हुई The Exorcist को आज भी हॉलीवुड की सबसे डरावनी और विवादित फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म देखने के दौरान दर्शकों के बेहोश होने, उल्टियां करने और थिएटर से घबराकर बाहर निकलने की कई रिपोर्टें सामने आई थीं। एक महिला के शो के दौरान मिसकैरेज की खबर भी उस समय प्रकाशित हुई, जबकि कुछ सिनेमाघरों ने एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा था। हालांकि, सोशल मीडिया और वायरल किस्सों में बताए जाने वाले “20 लोगों की मौत” के दावे की ठोस पुष्टि नहीं मिलती। फिल्म की शूटिंग के दौरान करीब नौ लोगों की मौत से ‘शापित फिल्म’ की कहानी जरूर और मजबूत हुई थी।
लेखक
Vinay Mishra

नई दिल्ली: हॉरर फिल्मों की दुनिया में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो पर्दे पर डर पैदा करने के साथ-साथ अपनी ऑफ-स्क्रीन कहानियों की वजह से भी रहस्यमयी बन जाती हैं। William Friedkin की 1973 की फिल्म The Exorcist ऐसी ही फिल्म है। 26 दिसंबर 1973 को रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों को इतना विचलित किया कि थिएटरों में बेहोशी, उल्टी और घबराहट की खबरें आने लगीं। कुछ जगहों पर एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखने की बात सामने आई।
लेकिन इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि फिल्म के साथ जुड़ी कई बातें तथ्य, मीडिया रिपोर्ट और बाद में बनी ‘कर्स’ की किंवदंती का मिश्रण हैं।
फिल्म देखकर लोग बेहोश होने लगे, उल्टियां तक हुईं
जब The Exorcist सिनेमाघरों में पहुंची तो दर्शकों की प्रतिक्रियाएं असामान्य रूप से तीखी थीं। रिपोर्टों में बताया गया कि कई लोग फिल्म के दौरान बेहोश हो गए, कुछ उल्टी करने लगे और कई दर्शक फिल्म खत्म होने से पहले ही थिएटर से बाहर निकल गए।
फिल्म के कुछ मेडिकल और हिंसक दृश्य दर्शकों के लिए बेहद परेशान करने वाले साबित हुए। खासतौर पर Regan के मेडिकल परीक्षण और उसके बाद के डरावने दृश्यों ने लोगों पर गहरा असर डाला।
थिएटरों के बाहर एंबुलेंस क्यों रखनी पड़ी?
फिल्म को लेकर दर्शकों की शारीरिक प्रतिक्रियाओं की खबरें इतनी ज्यादा थीं कि कुछ सिनेमाघरों ने एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखने की व्यवस्था की। इसका उद्देश्य किसी दर्शक की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद उपलब्ध कराना था।
भारत में भी बाद के वर्षों में इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा खूब सुनाया गया कि दिल्ली के एक थिएटर के बाहर दो एंबुलेंस तैनात रहती थीं। हालांकि इस दावे को लेकर स्वतंत्र और मजबूत समकालीन दस्तावेज सीमित हैं, इसलिए इसे प्रमाणित तथ्य के बजाय एक प्रचलित किस्से के रूप में देखना बेहतर है।
मिसकैरेज की खबर ने मचा दी थी सनसनी
फिल्म से जुड़ी सबसे चौंकाने वाली रिपोर्टों में एक महिला के शो के दौरान मिसकैरेज की खबर थी। समकालीन रिपोर्टों में इस घटना का उल्लेख मिलता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि फिल्म देखने की वजह से ही मेडिकल घटना हुई थी।
एक बाद के अकादमिक अध्ययन ने भी बताया कि फिल्म की रिलीज के समय मीडिया में दर्शकों के cardiac arrest और spontaneous abortion जैसी बेहद गंभीर प्रतिक्रियाओं की खबरें प्रकाशित हुई थीं। हालांकि इन दावों में सनसनी और अतिशयोक्ति की भूमिका भी थी।
यही वजह है कि आज इस कहानी को दो हिस्सों में देखना जरूरी है—दर्शकों की वास्तविक तीखी प्रतिक्रियाएं दर्ज हुई थीं, लेकिन हर भयावह दावा वैज्ञानिक या चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित नहीं था।
क्या सच में 20 लोगों की जान चली गई थी?
यहीं इस फिल्म की ‘शापित’ कहानी सबसे ज्यादा रहस्यमयी हो जाती है।
सोशल मीडिया और कई वायरल आर्टिकल्स में दावा किया जाता है कि The Exorcist देखने के बाद या फिल्म की वजह से करीब 20 लोगों की मौत हुई। लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में इस संख्या की ठोस पुष्टि नहीं मिलती।
इसके उलट, फिल्म की शूटिंग के दौरान या उसके आसपास नौ लोगों की मौत से जुड़ा दावा लंबे समय से फिल्म की ‘कर्स्ड प्रोडक्शन’ वाली कहानी का हिस्सा रहा है। अभिनेत्री Ellen Burstyn ने भी बाद में नौ मौतों का उल्लेख किया था। हालांकि इनमें से सभी मौतों का फिल्म के निर्माण से सीधा कारणात्मक संबंध साबित नहीं हुआ।
इसलिए “फिल्म ने 20 लोगों की जिंदगी छीनी” कहना तथ्य के तौर पर सही नहीं होगा। इसे एक डरावनी किंवदंती या वायरल दावे के रूप में ही पेश करना चाहिए।
शूटिंग के दौरान भी हुई थीं कई रहस्यमयी घटनाएं
फिल्म की शूटिंग भी सामान्य नहीं रही। प्रोडक्शन के दौरान कई दुर्घटनाएं और मौतें हुईं। सबसे चर्चित घटनाओं में फिल्म के सेट पर लगी आग शामिल थी।
सेट का बड़ा हिस्सा आग में तबाह हो गया था, जबकि कहानी में महत्वपूर्ण Regan के कमरे का सेट कथित तौर पर बच गया। इन घटनाओं ने फिल्म के कलाकारों और क्रू के बीच बेचैनी बढ़ाई और बाद में ‘कर्स’ की कहानी को हवा मिली।
अभिनेता Jack MacGowran की मौत ने बढ़ाया डर
फिल्म में Burke Dennings का किरदार निभाने वाले Jack MacGowran ने अपनी शूटिंग पूरी की थी। इसके बाद उनकी मौत हो गई। उनके निधन ने भी फिल्म से जुड़ी ‘शापित’ प्रोडक्शन की चर्चाओं को बढ़ावा दिया।
इसके अलावा अभिनेत्री Vasiliki Maliaros की भी फिल्म की रिलीज से पहले मृत्यु हुई। फिल्म से जुड़े अन्य लोगों की मौतों को भी बाद में इस कथित ‘कर्स’ के साथ जोड़कर देखा गया।
हालांकि, इन मौतों के पीछे सामान्य चिकित्सकीय और प्राकृतिक कारण भी थे। इसलिए इन्हें किसी अलौकिक शक्ति का परिणाम बताने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
असली घटना से प्रेरित थी फिल्म
The Exorcist पूरी तरह काल्पनिक कहानी नहीं थी। William Peter Blatty ने अपनी 1971 की किताब को एक कथित वास्तविक 1949 exorcism case से प्रेरित किया था। यह मामला एक अमेरिकी लड़के से जुड़ा था, जिसे लंबे समय तक ‘Roland Doe’ के नाम से जाना गया। बाद में उसकी पहचान Ronald Edwin Hunkeler के रूप में सामने आई।
फिल्म ने इस घटना को काफी हद तक बदलकर एक युवा लड़की Regan MacNeil की कहानी में बदल दिया।
‘शापित फिल्म’ की कहानी कितनी सच?
The Exorcist को ‘cursed movie’ कहने के पीछे कई घटनाओं को एक साथ जोड़ा गया—सेट पर आग, कलाकारों और क्रू से जुड़े लोगों की मौतें, चोटें और दर्शकों की असामान्य प्रतिक्रियाएं।
लेकिन उपलब्ध शोध यह संकेत देता है कि फिल्म की ‘कर्स’ वाली छवि में मीडिया सनसनी, प्रचार और बाद की लोकप्रिय संस्कृति का भी बड़ा योगदान था। एक अकादमिक अध्ययन ने रिलीज के दौरान फैली ‘exorcism frenzy’ और दर्शकों की भयावह प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग का विश्लेषण किया है।
53 साल बाद भी क्यों याद की जाती है?
26 दिसंबर 1973 को रिलीज हुई The Exorcist ने हॉरर सिनेमा की दिशा बदल दी। फिल्म को शुरुआत में सिर्फ 26 अमेरिकी थिएटरों में रिलीज किया गया था, लेकिन दर्शकों की भारी मांग के बाद इसका प्रदर्शन तेजी से बढ़ाया गया।
आज भी यह फिल्म सिर्फ अपने डरावने दृश्यों के लिए नहीं, बल्कि उससे जुड़ी वास्तविक घटनाओं, अफवाहों और ‘कर्स’ की कहानी के कारण चर्चा में रहती है।
निष्कर्ष यही है कि थिएटरों में दर्शकों के बेहोश होने, उल्टी करने और मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ने की घटनाओं की समकालीन रिपोर्टिंग जरूर हुई थी। लेकिन “फिल्म ने 20 लोगों को मार दिया” वाला दावा प्रमाणित इतिहास नहीं, बल्कि इस फिल्म से जुड़ी सनसनीखेज किंवदंती का हिस्सा है।
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