शादी करने पर सरकार दे रही 5 लाख रुपये? जानिए क्या है इस वायरल दावे की सच्चाई और कौन ले सकता है लाभ
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर शादी के बाद सरकार से लाखों रुपये मिलने का दावा वायरल होता रहता है। लेकिन पूरे देश में शादी करने वाले हर जोड़े को ₹5 लाख देने वाली कोई केंद्रीय योजना नहीं है। अलग-अलग राज्यों में पात्र परिवारों और विशेष वर्गों के लिए अलग-अलग विवाह सहायता योजनाएं चलती हैं। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पात्र लाभार्थियों को ₹51,000 की सहायता दी जाती है।
Written by
Vinay Mishra
क्या शादी करने पर सरकार दे रही है ₹5 लाख? पहले समझिए पूरा मामला
नई दिल्ली: अगर आपने सोशल मीडिया पर यह दावा देखा है कि शादी करने पर सरकार सीधे ₹5 लाख रुपये दे रही है, तो आवेदन करने से पहले सावधान हो जाइए। केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कोई सार्वदेशिक योजना नहीं है जिसमें देश के हर नवविवाहित जोड़े को शादी के बदले ₹5 लाख की नकद राशि दी जाती हो।
हालांकि, केंद्र और अलग-अलग राज्य सरकारें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांग महिलाओं और अंतरजातीय विवाह करने वाले पात्र जोड़ों के लिए अलग-अलग सहायता योजनाएं चलाती हैं।
उत्तर प्रदेश में मिलती है विवाह सहायता
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका एक उदाहरण है। राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, पात्र लाभार्थी को कुल ₹51,000 की सहायता दी जाती है।
इसमें ₹35,000 सीधे कन्या के खाते में, ₹10,000 विवाह सामग्री के लिए और ₹6,000 सामूहिक विवाह आयोजन के लिए दिए जाते हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में सहायता देना है।
क्या हर शादी पर मिलते हैं पैसे?
नहीं। सरकारी विवाह सहायता योजनाओं में आमतौर पर आय, उम्र, निवास, सामाजिक श्रेणी और विवाह के पंजीकरण जैसी पात्रता शर्तें होती हैं।
इसलिए केवल शादी कर लेने से किसी व्यक्ति को अपने आप सरकारी आर्थिक सहायता मिलने का अधिकार नहीं मिल जाता। योजना के अनुसार पात्रता पूरी करना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना जरूरी होता है।
अलग-अलग राज्यों में अलग नियम
विवाह सहायता का प्रावधान पूरे देश में एक जैसा नहीं है। उदाहरण के तौर पर केरल सरकार की सामाजिक न्याय विभाग की एक योजना में पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को ₹30,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। इसके लिए आय सीमा और विवाह के बाद कम से कम एक साल साथ रहने जैसी शर्तें भी निर्धारित हैं।
केरल में दिव्यांग महिलाओं और दिव्यांग माता-पिता की बेटियों के विवाह के लिए भी ₹30,000 की एकमुश्त सहायता वाली योजना है। इसके लिए भी आय और अन्य पात्रता शर्तें लागू होती हैं।
फिर ₹5 लाख का दावा कहां से आया?
इंटरनेट पर सरकारी योजनाओं के नाम और रकम को लेकर कई बार भ्रामक पोस्ट वायरल हो जाती हैं। अलग-अलग योजनाओं की राशि को जोड़कर या किसी दूसरी सरकारी योजना की रकम को विवाह सहायता से जोड़कर ₹5 लाख का दावा किया जा सकता है।
इसलिए किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले उसकी जानकारी संबंधित राज्य सरकार या केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से जांचना जरूरी है।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपके राज्य में विवाह सहायता योजना चल रही है, तो आवेदन करने से पहले:
योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता जांचें।
विवाह प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
आय प्रमाणपत्र की जरूरत है या नहीं, यह देखें।
बैंक खाते की जानकारी सही दें।
किसी एजेंट या अनजान वेबसाइट को पैसे न दें।
सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर सीधे आवेदन न करें।
निष्कर्ष
शादी करने पर हर व्यक्ति को ₹5 लाख मिलने का दावा सही नहीं है। विवाह सहायता योजनाएं जरूर हैं, लेकिन उनकी राशि और पात्रता राज्य तथा लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है।
इसलिए अगर आपको भी ₹5 लाख वाली किसी योजना का मैसेज मिला है, तो आवेदन करने से पहले उसके स्रोत और सरकारी अधिसूचना की जांच जरूर करें।
