NEET, CBSE के बाद CUET एग्जाम में भी गड़बड़ी: 2 घंटे देरी से शुरू हुआ पेपर, सेंटर पर छात्रों की नारेबाजी
देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल CUET को लेकर एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से परीक्षा लगभग 2 घंटे देरी से शुरू हुई, जिसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। NEET और CBSE से जुड़े विवादों के बाद अब CUET में सामने आई इस गड़बड़ी ने लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
लेखक
Vinay Mishra

NEET, CBSE के बाद CUET एग्जाम में भी गड़बड़ी: 2 घंटे देरी से शुरू हुआ पेपर, सेंटर पर छात्रों की नारेबाजी
देश में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। NEET और CBSE परीक्षा से जुड़े विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुए थे कि अब CUET परीक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित समय से करीब दो घंटे देरी से शुरू हुई, जिससे हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परीक्षा केंद्रों के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन तथा नारेबाजी देखने को मिली। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, CUET परीक्षा के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। कई केंद्रों पर छात्रों को समय से पहले रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं बताई गईं, जबकि कुछ जगहों पर सर्वर और सिस्टम संबंधी दिक्कतों की चर्चा सामने आई। इसके चलते परीक्षा लगभग दो घंटे तक विलंबित रही।
घंटों इंतजार के दौरान छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती गई। कई केंद्रों के बाहर छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
मुख्य बातें
कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हुई।
छात्रों को लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
परीक्षा केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी हुई।
तकनीकी और प्रशासनिक कारणों को देरी की वजह बताया जा रहा है।
छात्रों ने परीक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए।
अभिभावकों ने भी परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
छात्रों ने क्या लगाए आरोप?
परीक्षा केंद्रों पर मौजूद कई छात्रों ने बताया कि उन्हें सुबह से केंद्र पर बुला लिया गया था, लेकिन लंबे समय तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। कुछ छात्रों का कहना था कि बार-बार समय बदलने और सही जानकारी न मिलने से मानसिक तनाव बढ़ गया।
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा से पहले इस तरह की अव्यवस्था उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही वे मानसिक रूप से थक चुके थे।
छात्रों का यह भी कहना है कि यदि परीक्षा एजेंसियां पहले से पर्याप्त तैयारी करतीं तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि छात्र महीनों तक तैयारी करते हैं और परीक्षा के दिन ऐसी अव्यवस्था उनके आत्मविश्वास पर असर डाल सकती है।
कई अभिभावकों ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए।
NEET और CBSE के बाद फिर उठे सवाल
पिछले कुछ समय में देश की कई बड़ी परीक्षाएं विवादों और व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर चर्चा में रही हैं। NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक और परीक्षा संचालन पर सवाल उठे थे। वहीं CBSE से जुड़ी कुछ शिकायतें भी सामने आई थीं।
अब CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में देरी और अव्यवस्था की खबरों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर नई बहस शुरू कर दी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश में करोड़ों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में परीक्षा संचालन में छोटी सी चूक भी लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
छात्रों के प्रदर्शन पर क्या पड़ सकता है असर?
विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षा शुरू होने से पहले लंबे समय तक तनाव और अनिश्चितता का माहौल छात्रों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है।
जब छात्र मानसिक दबाव में परीक्षा देते हैं तो उनका वास्तविक प्रदर्शन प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि परीक्षा प्रबंधन में समयबद्धता और पारदर्शिता को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
यदि बड़ी संख्या में छात्रों की शिकायतें दर्ज होती हैं तो संबंधित परीक्षा प्राधिकरण मामले की समीक्षा कर सकता है। परीक्षा केंद्रों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है और देरी के कारणों की जांच की जा सकती है।
शिक्षा जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा संचालन से जुड़े सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली अपनाने के साथ-साथ मजबूत बैकअप सिस्टम भी जरूरी है। यदि सर्वर, नेटवर्क या तकनीकी संसाधनों में कोई समस्या आती है तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रहनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा एजेंसियों को छात्रों के साथ बेहतर संवाद व्यवस्था भी विकसित करनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में सही और समय पर जानकारी दी जा सके।
निष्कर्ष
CUET परीक्षा में सामने आई देरी और अव्यवस्था ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी ऐसी परीक्षाओं में समय पर और पारदर्शी संचालन बेहद आवश्यक है। NEET और CBSE के बाद अब CUET में हुई गड़बड़ी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सभी की नजरें परीक्षा प्राधिकरण की कार्रवाई और इस मामले की जांच पर बनी रहेंगी।
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