पुराने चालानों से मिलेगी बड़ी राहत, 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत; 50% तक छूट का मिलेगा लाभ
लंबे समय से पेंडिंग ट्रैफिक ई-चालान वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। 12 सितंबर 2026 को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी, जहां पात्र पुराने ई-चालानों का निपटारा कराया जा सकेगा। कई जिलों में पात्र चालानों पर 50 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि छूट सभी चालानों पर लागू नहीं होगी और पात्रता स्थानीय नियमों के अनुसार तय होगी।
लेखक
Jyoti Mukherjee
12 सितंबर को लोक अदालत में पुराने ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, 50% तक छूट
नई दिल्ली: अगर आपका कोई पुराना ट्रैफिक ई-चालान लंबे समय से पेंडिंग है तो उसे निपटाने का अच्छा मौका सामने आया है। 12 सितंबर 2026 को देशभर में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के 2026 कार्यक्रम के मुताबिक यह साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत होगी।
इस लोक अदालत में पात्र मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया जाएगा। ट्रैफिक चालानों को लेकर कई जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है और पात्र पुराने ई-चालानों पर 50 प्रतिशत तक की छूट देने की जानकारी सामने आई है।
किसे मिलेगा 50% छूट का लाभ?
छूट का लाभ हर चालान पर अपने आप नहीं मिलेगा। अलग-अलग जिलों में जारी निर्देशों के मुताबिक पात्रता की शर्तें लागू हैं।
उदाहरण के तौर पर सहरसा में 31 मार्च 2026 तक के पात्र लंबित ई-चालानों पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान बताया गया है। वहीं शेखपुरा में 90 दिन या उससे अधिक पुराने पात्र ई-चालानों पर छूट की जानकारी दी गई है।
इसलिए वाहन मालिक को अपने चालान की तारीख और संबंधित जिले में लागू नियम जरूर जांचने चाहिए।
इन ट्रैफिक उल्लंघनों पर मिल सकती है छूट
सहरसा जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रकृति के यातायात उल्लंघनों से जुड़े पात्र ई-चालान इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
बिना हेलमेट वाहन चलाना
बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना
वैध ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सामान्य उल्लंघन
निर्धारित गति सीमा से अधिक गति
रेड लाइट या स्टॉप साइन का उल्लंघन
कुछ अन्य सामान्य यातायात नियमों के उल्लंघन
हालांकि अंतिम पात्रता संबंधित विभाग और स्थानीय नियमों के आधार पर तय होगी।
इन मामलों में नहीं मिलेगी छूट
गंभीर या विशेष श्रेणी के चालानों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। सहरसा में जारी जानकारी के अनुसार वाणिज्यिक ई-चालान और गंभीर यातायात उल्लंघनों पर छूट नहीं दी जाएगी।
इनमें ओवरलोडिंग, परमिट नियमों का उल्लंघन, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल और नशे में ड्राइविंग जैसे मामले शामिल हैं।
इसलिए केवल यह देखकर कि चालान पुराना है, यह मान लेना सही नहीं होगा कि उस पर 50 प्रतिशत छूट मिल जाएगी।
12 सितंबर को कहां होगा निपटारा?
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन संबंधित जिला न्यायालय परिसर और निर्धारित स्थानों पर किया जाएगा। कई जिलों में परिवहन विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लंबित ई-चालानों की सूची तैयार करने और वाहन मालिकों को जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कुछ जगहों पर लोगों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और विशेष काउंटर भी बनाए जा रहे हैं, ताकि लोक अदालत के दिन भीड़ और अनावश्यक परेशानी कम हो।
90 दिन पुराने चालान पर खास नजर
कुछ जिलों में 90 दिन या उससे अधिक पुराने ई-चालानों को विशेष रूप से इस अभियान में शामिल किया जा रहा है। बिहारशरीफ और शेखपुरा से सामने आई जानकारी में 90 दिन पुराने पात्र ई-चालानों पर 50 प्रतिशत छूट का उल्लेख है।
वहीं अन्य जिलों में कटऑफ तारीख अलग हो सकती है। इसलिए वाहन मालिक को अपने जिले के नियमों के मुताबिक चालान की पात्रता जांचनी चाहिए।
कैसे उठाएं इस मौके का लाभ?
अगर आपका चालान पेंडिंग है तो 12 सितंबर का इंतजार करने से पहले उसकी स्थिति और पात्रता की जानकारी हासिल करना बेहतर रहेगा।
क्या करें:
अपने लंबित ई-चालान की जानकारी जांचें।
चालान की तारीख और अपराध की श्रेणी देखें।
संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या परिवहन विभाग से पात्रता की पुष्टि करें।
यदि आपका मामला लोक अदालत के लिए पात्र है तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वहां पहुंचें।
छूट लागू होने के बाद निर्धारित राशि जमा कर चालान का निपटारा कराएं।
लोक अदालत में मामलों का कैसे होता है निपटारा?
लोक अदालत का उद्देश्य ऐसे मामलों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान कराना है, जहां कानून के तहत समझौते की गुंजाइश मौजूद हो। NALSA के अनुसार लोक अदालतों में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते के जरिए निपटाने का प्रयास किया जाता है।
ट्रैफिक चालानों के मामले में यह वाहन मालिकों के लिए लंबे समय से लंबित जुर्माने को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खत्म कराने का अवसर बन सकता है।
ध्यान रखें, 50% छूट हर जगह एक जैसी नहीं
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 50 प्रतिशत तक की छूट को पूरे देश के हर चालान पर लागू सामान्य छूट नहीं समझना चाहिए। अलग-अलग राज्यों और जिलों में पात्रता, कटऑफ तारीख और चालानों की श्रेणी अलग हो सकती है।
इसलिए वाहन मालिक अपने संबंधित जिले की आधिकारिक सूचना जरूर देखें और यह पुष्टि करें कि उनका ई-चालान योजना के दायरे में आता है या नहीं।
12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत लंबे समय से पेंडिंग पात्र ट्रैफिक चालानों को निपटाने का महत्वपूर्ण अवसर है। अगर आपका चालान पात्र श्रेणी में आता है, तो 50 प्रतिशत तक की राहत लेकर पुराने मामले को खत्म कराया जा सकता है।
Keep reading
More in राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रीय समाचार
नालसार विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया BCI का आदेश, कहा- छात्रों के आचरण को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के दो आदेश रद्द कर दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BCI और…
राष्ट्रीय समाचार
ऑपरेशन सिंदूर, NEET परीक्षा और राम मंदिर... देश पर जब भी आया संकट, संकटमोचक बनी वायुसेना
भारतीय वायुसेना की भूमिका अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रही। ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक सैन्य कार्रवाई से लेकर NEET-UG की गोपनीय प्र…
राष्ट्रीय समाचार
पीएम मोदी के जन्मदिन पर BJP की खास तैयारी, वडनगर से वाराणसी तक निकलेगी मेगा बाइक यात्रा; 30 दिन चलेगा अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को पड़ने वाले जन्मदिन को लेकर भाजपा ने इस बार बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी की है। 'सेवा संकल्प अभिय…
राष्ट्रीय समाचार
पीएम मोदी की तस्वीर हटाने के मामले में MNS के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार, राज ठाकरे के बेटे अमित पर मुकदमा दर्ज
महाराष्ट्र के पुणे स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पुल…
राष्ट्रीय समाचार
NHAI टोल प्लाजा कलेक्शन में धोखाधड़ी का आरोप, ED का बड़ा एक्शन; दिल्ली-UP समेत 7 राज्यों में 14 ठिकानों पर छापा
NHAI के विभिन्न टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल कलेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को 7 राज्यों और केंद्रशा…
राष्ट्रीय समाचार
SCO Summit में आतंकवाद पर PM मोदी ने सुनाई खरी-खरी, शहबाज शरीफ के सामने दो टूक संदेश
SCO Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में म…
