पीएम मोदी और पुतिन की अहम बैठक, कारोबार-ऊर्जा और रक्षा समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री Narendra Modi और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक की। BRICS Summit से पहले हुई इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु ऊर्जा, उर्वरक, विनिर्माण, रेलवे और स्टील जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर भी जोर दे रहे हैं।
लेखक
Vinay Mishra

नई दिल्ली: भारत और रूस के रिश्तों के लिहाज से शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा। प्रधानमंत्री Narendra Modi और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने नई दिल्ली में आमने-सामने बैठकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit 2026 से ठीक पहले हुई है।
दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ ऊर्जा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर खास जोर रहा।
2030 तक 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
बैठक के प्रमुख एजेंडों में भारत-रूस के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाना रहा। दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर चर्चा हुई।
भारत और रूस के बीच कारोबार में ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अलावा दोनों देश विनिर्माण, रेलवे, स्टील और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
ऊर्जा सहयोग पर भी फोकस
भारत के लिए रूस लंबे समय से एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार रहा है। बैठक में तेल, गैस और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समेत ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
Reuters के मुताबिक, दोनों पक्षों के एजेंडे में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और अन्य रणनीतिक ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल थीं।
भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए रूस से मिलने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति को महत्वपूर्ण मानता है। 2026 में रूस की हिस्सेदारी भारत के क्रूड ऑयल आयात में जुलाई के दौरान रिकॉर्ड 51 फीसदी तक पहुंच गई थी।
रक्षा सहयोग भी रहा अहम मुद्दा
मोदी-पुतिन बातचीत में रक्षा और सैन्य-तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण विषय रहा। दोनों देश लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में साझेदार हैं और मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा जारी है।
रक्षा क्षेत्र में संभावित नए सहयोग को लेकर Su-57 फाइटर जेट जैसे मुद्दों की भी रिपोर्टों में चर्चा रही है। हालांकि किसी नई बड़ी रक्षा डील की अंतिम घोषणा को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
महत्वपूर्ण खनिज और नई इंडस्ट्री पर जोर
बैठक का एजेंडा सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। दोनों देशों ने critical minerals, manufacturing, railways और steel जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
Critical minerals इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी, सेमीकंडक्टर और आधुनिक रक्षा तकनीक के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग आने वाले वर्षों में रणनीतिक महत्व रख सकता है।
यूक्रेन युद्ध पर भी हुई बात?
मोदी और पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। इससे पहले 31 अगस्त को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक के दौरान मोदी ने पुतिन से कहा था कि यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति के प्रयास जरूरी हैं।
भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
हालांकि 11 सितंबर की बैठक के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विवरणों में किसी नए शांति समझौते या बड़े फैसले की घोषणा नहीं हुई है।
दो हफ्ते में दूसरी मुलाकात
मोदी और पुतिन की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों नेता करीब दो सप्ताह के भीतर दूसरी बार आमने-सामने आए हैं। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO Summit के दौरान हुई थी।
पुतिन दिसंबर 2025 में भी भारत आए थे और उस दौरान दोनों देशों ने व्यापार तथा रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कई प्रतिबद्धताएं जताई थीं।
BRICS Summit से पहले क्यों अहम है बैठक?
नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाला BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक संकटों से गुजर रही है। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे BRICS के भीतर भी अलग-अलग दृष्टिकोण पैदा कर रहे हैं।
रूस और चीन के साथ भारत के संबंध महत्वपूर्ण हैं, लेकिन नई दिल्ली पश्चिमी देशों के साथ भी अपने रणनीतिक रिश्तों को मजबूत कर रहा है। ऐसे में मोदी-पुतिन बैठक भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत-रूस संबंधों में क्या संदेश?
मोदी-पुतिन बैठक से यह संदेश जरूर गया है कि पश्चिमी दबाव और वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी जारी है।
भारत रूस से ऊर्जा और रक्षा जरूरतों को लेकर सहयोग बनाए रखना चाहता है, जबकि रूस के लिए भारत एक बड़ा बाजार और महत्वपूर्ण एशियाई साझेदार है।
आने वाले दिनों में इस साझेदारी का फोकस सिर्फ तेल और रक्षा तक सीमित न रहकर न्यूक्लियर एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, रेलवे और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बढ़ने की उम्मीद है।
Keep reading
More in स्थानीय समाचार

स्थानीय समाचार
सुप्रीम कोर्ट के फैसले अब सुनकर भी समझ सकेंगे: आसान हिंदी में आदेशों का ऑडियो-वीडियो, न्याय तक पहुंच आसान बनाने की पहल
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और आदेशों को आम लोगों के लिए अधिक आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जानकारी सामने आई है। हिंदी दिवस के अवसर प…

स्थानीय समाचार
गुवाहाटी हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘तलाक-ए-हसन’ वैध, असम के नए कानून के तहत कराना होगा रजिस्ट्रेशन
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने अहम फैसले में कहा है कि ‘तलाक-ए-हसन’ फिलहाल भारत में वैध तलाक का एक रूप है और इस पर प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, असम में…
स्थानीय समाचार
काशी में संत गणीनाथ की जयंती धूमधाम से मनाई गई, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ भव्य आयोजन
वाराणसी यानी काशी में संत गणीनाथ महाराज की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर…

स्थानीय समाचार
हल्दिया में बाढ़ के बीच राहत अभियान, Haldia Live के संस्थापक Nilankur Ghosh की पहल और उनकी टीम द्वारा की गई राहत
Haldia Live के संस्थापक Nilankur Ghosh की पहल और उनकी टीम द्वारा की गई राहत गतिविधियों के दौरान जरूरतमंद परिवारों तक पानी, खाद्य सामग्री और…

स्थानीय समाचार
तारापीठ में होटल में भीषण आग, 7 की मौत; कई घायल, नींद में सो रहे श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह एक होटल में भीषण आग लगने से कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। हा…

स्थानीय समाचार
CPM से TMC और अब BJP तक: बंगाल में सत्ता बदली, लेकिन सियासी हिंसा का इतिहास नहीं बदला
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता का बड़ा परिवर्तन हुआ और BJP ने TMC के 15 साल लंबे शासन का अंत कर सरकार बनाई। लेकिन सत्त…
