रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ऊंची उड़ान: राजनाथ सिंह करेंगे 16 DPSU के प्रदर्शन की समीक्षा, निर्यात बढ़ाने पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSU) के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। बैठक में स्वदेशी रक्षा तकनीक विकसित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रक्षा निर्यात को और गति देने पर जोर रहेगा। वित्त वर्ष 2025-26 में DPSU का कुल कारोबार 1.29 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 151.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मुहिम को और तेज करने की दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSU) के प्रदर्शन की वार्षिक समीक्षा करेंगे। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में स्वदेशी तकनीक, रक्षा उत्पादन, आधुनिकीकरण और रक्षा निर्यात बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर खास फोकस रहेगा।
यह समीक्षा ऐसे समय हो रही है जब भारतीय रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार, मुनाफे और निर्यात—तीनों मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, DPSU का संयुक्त कारोबार 1.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2024-25 के 1.12 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15.4 फीसदी अधिक है।
16 DPSU के प्रदर्शन की होगी समीक्षा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह 16 DPSU के कामकाज और उपलब्धियों की समीक्षा करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में नई स्वदेशी तकनीकों के विकास, उत्पादन क्षमता को मजबूत करने और भारतीय रक्षा कंपनियों को वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर देना है।
सरकार लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटाकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। DPSU इस रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कारोबार पहुंचा 1.29 लाख करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2025-26 में 16 DPSU समेत रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। मंत्रालय के अनुसार, कुल कारोबार 1.29 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 1.12 लाख करोड़ रुपये से 15.4 फीसदी ज्यादा है।
यह आंकड़ा ऐसे समय महत्वपूर्ण है जब भारत अपनी रक्षा जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने के साथ-साथ भारतीय कंपनियों को वैश्विक रक्षा बाजार में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
मुनाफे में भी हुई बढ़ोतरी
DPSU का संयुक्त Profit After Tax (PAT) 23,136 करोड़ रुपये रहा। इसमें पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
कारोबार और मुनाफे में यह बढ़ोतरी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की वित्तीय स्थिति में मजबूती का संकेत देती है। सरकार की नजर अब इसी प्रदर्शन को तकनीकी क्षमता और वैश्विक बाजार विस्तार से जोड़ने पर है।
रक्षा निर्यात में 151.2 फीसदी का उछाल
इस समीक्षा का सबसे अहम पहलू रक्षा निर्यात रहने वाला है। वित्त वर्ष 2025-26 में DPSU के रक्षा निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 151.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
भारत पिछले कुछ वर्षों में हथियारों और रक्षा उपकरणों के बड़े आयातक से एक उभरते रक्षा निर्यातक की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में DPSU के निर्यात प्रदर्शन को सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति की अहम उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
HAL, BEL समेत 7 कंपनियां देंगी डिविडेंड चेक
समीक्षा कार्यक्रम के दौरान सात प्रमुख DPSU के CMDs सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के डिविडेंड चेक रक्षा मंत्री को सौंपेंगे।
इन कंपनियों में शामिल हैं:
Hindustan Aeronautics Limited (HAL)
Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL)
Bharat Electronics Limited (BEL)
Bharat Dynamics Limited (BDL)
Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE)
BEML
Mishra Dhatu Nigam Limited (MIDHANI)
राजनाथ सिंह जारी करेंगे चार अहम किताबें
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह रक्षा क्षेत्र से जुड़ी चार पुस्तकों का भी विमोचन करेंगे। इनमें 'Aatmanirbhar DPSU – A Journey of DPSUs Towards Self-Reliance' शामिल है।
इसके अलावा DISHA, HAL का Modernisation Roadmap और Indigenisation Roadmap भी जारी किया जाएगा। DISHA पहल के जरिए छात्रों को रक्षा तकनीक और आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देने पर जोर दिया गया है।
'आत्मनिर्भर DPSU' पर सरकार का जोर
DPSU की भूमिका अब केवल सेना की जरूरतों के लिए उपकरण तैयार करने तक सीमित नहीं है। सरकार इन कंपनियों को तकनीकी नवाचार, स्वदेशीकरण और निर्यात के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाना चाहती है।
इसी वजह से समीक्षा में यह देखा जाएगा कि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां नई तकनीक विकसित करने, उत्पादन में आधुनिक प्रक्रियाएं अपनाने और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में कितना आगे बढ़ी हैं।
निजी क्षेत्र और घरेलू उद्योग के लिए भी बढ़ रहा दायरा
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य अब केवल सरकारी कंपनियों के जरिए हासिल करने की कोशिश नहीं हो रही है। निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और MSMEs की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है।
हाल के रक्षा सुधारों में स्वदेशी तकनीक को घरेलू उद्योग तक पहुंचाने और रक्षा निर्यात की प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है। इससे भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को व्यापक बनाने की कोशिश हो रही है।
आयात घटाना और निर्यात बढ़ाना दोहरी रणनीति
भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की रणनीति के दो बड़े लक्ष्य हैं—विदेशों से रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करना और भारतीय रक्षा उत्पादों का निर्यात बढ़ाना।
DPSU का बढ़ता कारोबार और निर्यात इसी दोहरी रणनीति का हिस्सा है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होती है, बल्कि देश में तकनीकी क्षमता, रोजगार और रक्षा विनिर्माण का पूरा इकोसिस्टम भी मजबूत होता है।
वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की नजर
रक्षा निर्यात में 151.2 फीसदी की वृद्धि के बाद सरकार अब इस गति को बनाए रखना चाहती है। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता, समय पर डिलीवरी और वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन पर जोर देना जरूरी होगा।
राजनाथ सिंह की समीक्षा बैठक को इसी व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, 16 DPSU की समीक्षा सिर्फ सालाना प्रदर्शन का आकलन नहीं है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र को आयात-निर्भर व्यवस्था से निकालकर स्वदेशी तकनीक, मजबूत घरेलू उत्पादन और वैश्विक निर्यात क्षमता वाले उद्योग में बदलने की दिशा में एक अहम कदम है।
Keep reading
More in राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रीय समाचार
गांधी जयंती पर आज देशभर में होंगी विशेष ग्राम सभाएं, विकास और शासन सुधार पर होगी चर्चा
महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें पंचायतों को मजबूत करने, सरकार…
राष्ट्रीय समाचार
'साबित करो कि तुम भारतीय हो', बांग्लादेशी करार दिए गए व्यक्ति से कलकत्ता हाई कोर्ट ने मांगे सबूत
मुर्शिदाबाद की नरगिस बीबी की उस याचिका को कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने पति सेलिम शेख को बांग्लादेश भेजे जाने से…
राष्ट्रीय समाचार
'मुंबई के लड़के पर गर्व है...'; 174 यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट स्मित मछार के लिए अशोक चक्र की उठी मांग
फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में कॉकपिट के भीतर हमले के बाद 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की देश…
राष्ट्रीय समाचार
'ई-चालान नहीं भरा तो जब्त होगी गाड़ी, RC-PUC रिन्यूअल भी होगा बंद'; सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक ई-चालान की वसूली को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि रैंडम चेकि…
राष्ट्रीय समाचार
'जल्द होने वाली है 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील, भारत के स्वदेशी हथियार भी लगेंगे'; रक्षा सचिव का बड़ा बयान
भारत की 114 राफेल लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित खरीद को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि सौदे की प्रक्र…
राष्ट्रीय समाचार
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 20 राज्यों में छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान
SIR को लेकर जारी बहस के बीच चुनाव आयोग ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य उन पा…
