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पाकिस्तानी गैंगस्टर 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' पर केंद्र का एक्शन, UAPA के तहत घोषित किया आतंकवादी संगठन

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और हिंसक गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। इससे पहले सुरक्षा एजेंसियां 14 राज्यों में नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई कर चुकी हैं।

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पाकिस्तानी गैंगस्टर 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' पर केंद्र का एक्शन, UAPA के तहत घोषित किया आतंकवादी संगठन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क (Shahzad Bhatti Network-SBN) के खिलाफ बड़ा कानूनी कदम उठाते हुए इसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह फैसला नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की पहले की बहु-राज्यीय कार्रवाई के बाद आया है।

सरकार के अनुसार, SBN पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। इसके अलावा नेटवर्क पर युवाओं और छोटे अपराधियों को कथित तौर पर अपने साथ जोड़ने तथा उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने के आरोप भी लगाए गए हैं।

14 राज्यों में पहले हो चुकी है कार्रवाई

केंद्र सरकार के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से पहले 12 अगस्त 2026 को सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया था।

PIB के अनुसार, उस कार्रवाई के दौरान नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं और 200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई थीं। एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए थे।

नेटवर्क पर क्या-क्या आरोप हैं?

गृह मंत्रालय से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, SBN पर कई तरह की हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इनमें ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमले, टारगेट किलिंग तथा पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की निगरानी जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

सरकारी दावे के अनुसार, नेटवर्क ने डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भी किया और कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की।

हालांकि, इन आरोपों को संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। किसी आरोपी या नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप और अदालत में साबित तथ्य अलग-अलग बातें हैं।

शहजाद भट्टी कौन है?

रिपोर्टों के मुताबिक, शहजाद भट्टी पाकिस्तान और दुबई के बीच अपनी गतिविधियां संचालित करता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर अवैध हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति तथा भारत में हिंसक घटनाओं से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं।

उसका नाम पंजाब के जालंधर में मार्च 2025 में हुए एक ग्रेनेड हमले और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को नवंबर 2024 में दी गई धमकी के मामलों में भी सामने आया है। इन मामलों में जांच एजेंसियों के आरोपों और न्यायिक निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

UAPA के तहत संगठन घोषित होने का क्या मतलब है?

UAPA के तहत किसी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद उसके खिलाफ कानून के तहत प्रतिबंधात्मक और जांच संबंधी कार्रवाई का दायरा बढ़ जाता है। संगठन से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और गतिविधियों पर भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किए जाने के साथ अब इसके नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ चल रही जांच को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाने का आधार मजबूत हुआ है।

सरकार की कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण है?

शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी तथा संगठित आपराधिक नेटवर्क के आतंकी गतिविधियों से संभावित संबंध पर लगातार नजर रख रही हैं।

सरकार का आरोप है कि SBN ने आपराधिक गतिविधियों और हिंसक नेटवर्क के बीच संपर्क स्थापित करने की कोशिश की। अगस्त में हुई बहु-राज्यीय कार्रवाई और अब UAPA के तहत संगठन को आतंकवादी घोषित किया जाना इसी कार्रवाई की अगली कड़ी के तौर पर सामने आया है।

आगे क्या होगा?

अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच का फोकस नेटवर्क के फंडिंग चैनल, सीमा पार संपर्क, स्थानीय सहयोगियों और हथियार एवं मादक पदार्थों की सप्लाई चेन पर हो सकता है। पहले से दर्ज मामलों में जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।

केंद्र का यह फैसला फिलहाल सरकारी अधिसूचना और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में इन मामलों से जुड़े आरोपों पर न्यायिक स्तर पर भी फैसला होना है।

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