पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: काउंटिंग जारी, ममता बनर्जी पीछे, कई सीटों पर BJP आगे, राज्य की राजनीति पर टिकी निगाहें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है, जिसमें 293 सीटों पर परिणाम घोषित होंगे। TMC और BJP के बीच कड़ा मुकाबला है और शुरुआती रुझान चुनाव को बेहद रोचक बना रहे हैं। यह परिणाम राज्य की राजनीति को नई दिशा देगा।
लेखक
Vinay Mishra

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की मतगणना सोमवार सुबह से शुरू हो चुकी है और पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है, जबकि फलता सीट पर मतदान रद्द होने के कारण वहां बाद में चुनाव होगा। इस चुनाव को राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव लाने की उम्मीद में है।
शुरुआती रुझानों में कई महत्वपूर्ण सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर खास नजर बनी हुई है, जहां TMC प्रमुख ममता बनर्जी और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। शुरुआती आंकड़ों में कुछ जगहों पर BJP उम्मीदवार बढ़त बनाते नजर आए, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
मतगणना सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट से शुरू हुई, जिसके बाद 8:30 बजे से EVM के वोटों की गिनती शुरू हुई। पूरे राज्य में 77 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। CCTV कैमरों और पर्यवेक्षकों की मदद से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य में सबसे अधिक है। इस भारी मतदान ने चुनाव परिणाम को और भी अनिश्चित बना दिया है। हालांकि, इस चुनाव में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा भी चर्चा में रहा, जिसमें करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। इस कारण इस चुनाव के परिणामों पर इसका प्रभाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने आक्रामक रणनीति अपनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कई रैलियां कीं और भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और शासन जैसे मुद्दों पर TMC सरकार को घेरा। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने अभियान में कल्याणकारी योजनाओं, क्षेत्रीय पहचान और SIR प्रक्रिया की आलोचना को प्रमुखता दी।
मतगणना से पहले और दौरान कई राजनीतिक बयान भी सामने आए। भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने विश्वास जताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी और जनता का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने फलता में पुनर्मतदान के फैसले का भी स्वागत किया और TMC पर “वोट चोरी” के आरोप लगाए।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि “आज पूरे देश की नजर बंगाल पर है। कमल यहां भी खिलेगा।” उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर 15 साल के “कुशासन” का आरोप लगाया और कहा कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा असम सहित अन्य राज्यों में भी मजबूत प्रदर्शन करेगी।
BJP उम्मीदवार रितेश तिवारी ने भी दावा किया कि जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है और भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा सरकार बनने वाली है।”
वहीं, वामपंथी नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि इस बार लेफ्ट फ्रंट बेहतर प्रदर्शन करेगा और राज्य में बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता वर्तमान सरकार से नाराज है।
चुनाव के दौरान और मतगणना से पहले सुरक्षा को लेकर भी काफी सतर्कता बरती गई। कोलकाता सहित कई जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। भवानीपुर के साखावत मेमोरियल स्कूल और नेताजी इंडोर स्टेडियम जैसे केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ स्थानों पर TMC और BJP एजेंटों के बीच बहस और विवाद भी देखने को मिला, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए।
चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि सभी काउंटिंग सेंटर पर समान व्यवस्था की गई है और किसी तरह की समस्या नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
इस चुनाव में कुल 3.21 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान पैटर्न भी परिणाम को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक माने जा रहे हैं।
इसके अलावा, कांग्रेस और वाम दल भी इस चुनाव में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, मुख्य मुकाबला TMC और BJP के बीच ही माना जा रहा है।
फलता सीट पर गंभीर चुनावी अनियमितताओं के कारण मतदान रद्द कर दिया गया था और वहां बाद में चुनाव होगा, जिससे कुल 293 सीटों के परिणाम ही आज घोषित किए जा रहे हैं।
इस चुनाव को पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है। एक तरफ जहां TMC अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, वहीं BJP राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। चुनाव परिणाम न केवल राज्य की राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि आने वाले राष्ट्रीय चुनावों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
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