अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की US नागरिकता 15 साल बाद रद्द, रेप-किडनैपिंग केस छिपाकर हासिल की थी नागरिकता

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द कर दी है। सिंह ने 2011 में अमेरिकी नागरिकता हासिल करते समय रेप और किडनैपिंग के अपराध को कथित तौर पर छिपाया था। न्यूयॉर्क में 2011 में एक महिला यात्री के साथ चाकू की नोक पर रेप और अपहरण के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, अदालत ने 26 अगस्त 2026 को उनकी नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया।

Share
भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की US नागरिकता 15 साल बाद रद्द, रेप-किडनैपिंग केस छिपाकर हासिल की थी नागरिकता

वॉशिंगटन: अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति की करीब 15 साल पुरानी नागरिकता अब रद्द कर दी गई है। अमेरिकी संघीय अदालत ने गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता खत्म करने का आदेश दिया है। सिंह को न्यूयॉर्क में एक महिला के अपहरण और रेप के मामले में दोषी ठहराया गया था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान अपने अपराध को छिपाया था।

अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रशासन नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के मामलों पर सख्ती दिखा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि धोखे से हासिल की गई नागरिकता किसी व्यक्ति को उसके अपराधों के कानूनी परिणामों से नहीं बचा सकती।

कौन हैं गुरमीत सिंह?

गुरमीत सिंह भारत में जन्मे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, वह फरवरी 1992 में एक विजिटर के तौर पर अमेरिका पहुंचे थे। उनके वीजा पर अधिकतम छह महीने तक रहने की अनुमति थी, लेकिन वह निर्धारित अवधि के बाद भी अमेरिका में रहे। बाद में परिवार आधारित इमिग्रेंट वीजा याचिका के जरिए उन्हें जून 2000 में स्थायी निवासी का दर्जा मिला।

इसके बाद सिंह ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे गंभीर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई।

2011 में महिला यात्री से किया था रेप

मामला मई 2011 का है। उस समय गुरमीत सिंह टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे। उन्होंने एक महिला यात्री को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के दौरान कथित तौर पर निशाना बनाया।

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, यात्रा के दौरान महिला सो गई थी। जब उसकी आंख खुली तो उसने सिंह को अपने ऊपर पाया और उसकी गर्दन पर चाकू लगा था। सिंह ने उसे बांधने और उसका मुंह बंद करने के बाद उसके साथ रेप किया। महिला बाद में टैक्सी से निकलकर सड़क पर मदद के लिए पहुंची।

मामले की जांच के बाद सिंह को गिरफ्तार किया गया और बाद में अदालत ने उन्हें फर्स्ट-डिग्री रेप और सेकंड-डिग्री किडनैपिंग के आरोपों में दोषी पाया।

20 साल की जेल की सजा

न्यूयॉर्क में दोषी ठहराए जाने के बाद गुरमीत सिंह को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। यह सजा उनके अमेरिकी नागरिक बनने के बाद हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सिंह ने नागरिकता के लिए आवेदन करते समय अपराध से जुड़े तथ्यों को छिपाया था।

रिपोर्टों के मुताबिक, सिंह को 19 अक्टूबर 2011 को अमेरिकी नागरिकता मिली थी। यानी अपराध के कुछ ही महीनों बाद उनकी नागरिकता प्रक्रिया पूरी हुई।

15 साल बाद क्यों रद्द हुई नागरिकता?

अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में किसी महत्वपूर्ण तथ्य को जानबूझकर छिपाना नागरिकता रद्द करने की कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया कि सिंह ने प्राकृतिककरण यानी naturalisation process के दौरान अपने रेप और किडनैपिंग से जुड़े अपराध को छिपाया। इसी आधार पर संघीय अदालत में उनकी नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई।

यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फॉर द ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने 26 अगस्त 2026 को उनकी naturalisation रद्द करने का फैसला सुनाया और उन्हें गलत तरीके से हासिल की गई नागरिकता सरेंडर करने का आदेश दिया।

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरमीत सिंह ने नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान रेप और किडनैपिंग को छिपाया था और संघीय अदालत ने अब उनकी नागरिकता रद्द कर दी है।

अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो धोखे या गलत जानकारी के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की कोशिश करते हैं।

अब आगे क्या होगा?

नागरिकता रद्द होने के बाद सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं रहे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत का आदेश उनकी जेल की सजा खत्म होने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों को उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई, जिसमें संभावित निर्वासन भी शामिल है, पर विचार करने का रास्ता खोलता है।

फिलहाल गुरमीत सिंह न्यूयॉर्क में सुनाई गई 20 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। नागरिकता रद्द होने का फैसला उनके इमिग्रेशन स्टेटस पर भी महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।

नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई क्यों अहम?

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के बाद भी यदि यह साबित हो जाए कि प्राकृतिककरण के दौरान धोखाधड़ी या गंभीर तथ्यों को छिपाया गया था, तो सरकार अदालत के जरिए नागरिकता रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

गुरमीत सिंह के मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि नागरिकता हासिल करने के लिए गलत जानकारी देना या गंभीर आपराधिक इतिहास छिपाना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

भारत से अमेरिका पहुंचे थे 1992 में

गुरमीत सिंह की कहानी करीब तीन दशक पहले शुरू होती है। वह 1992 में भारत से अमेरिका पहुंचे थे और शुरुआत में विजिटर वीजा पर आए थे। कई साल तक अमेरिका में रहने के बाद उन्हें 2000 में स्थायी निवासी का दर्जा मिला और फिर 2011 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल कर ली।

लेकिन उसी साल हुए गंभीर अपराध और उसे नागरिकता प्रक्रिया में छिपाने के आरोप ने करीब 15 साल बाद उनकी नागरिकता पर सवाल खड़ा कर दिया।

इस मामले में अमेरिकी संघीय अदालत का फैसला न केवल गुरमीत सिंह की नागरिकता खत्म करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में गंभीर अपराध छिपाने के आरोपों को अमेरिकी अधिकारी लंबे समय बाद भी अदालत के सामने उठा सकते हैं।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in अंतरराष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
'यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास बेहतरीन आइडिया', रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की जमकर तारीफ

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पीएम मोदी के पास बेहतरीन आइडिया', रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने की जमकर तारीफ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और सुझावों की सराहना की…

2 min read
फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

अंतरराष्ट्रीय समाचार

फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

फ्लाईदुबई की इजरायल जा रही उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मछार पर सह-पायलट के हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिक…

3 min read
गांधी जयंती पर आज देशभर में होंगी विशेष ग्राम सभाएं, विकास और शासन सुधार पर होगी चर्चा

अंतरराष्ट्रीय समाचार

गांधी जयंती पर आज देशभर में होंगी विशेष ग्राम सभाएं, विकास और शासन सुधार पर होगी चर्चा

Summary: महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें पंचायतों को मजबूत कर…

2 min read
क्या यूरोपीय संघ में फिर शामिल होगा ब्रिटेन? PM बर्नहम के बयान के बाद फ्रांस और स्पेन ने कहा- वेलकम बैक

अंतरराष्ट्रीय समाचार

क्या यूरोपीय संघ में फिर शामिल होगा ब्रिटेन? PM बर्नहम के बयान के बाद फ्रांस और स्पेन ने कहा- वेलकम बैक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने यूरोपीय संघ के साथ देश के भविष्य के रिश्ते को लेकर सभी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। इनमें EU…

3 min read
'सिर और हाथ लगभग कट गए थे...', फ्लाईदुबई फ्लाइट में इजरायली डेंटिस्ट ने बचाई स्मित मछार की जान

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'सिर और हाथ लगभग कट गए थे...', फ्लाईदुबई फ्लाइट में इजरायली डेंटिस्ट ने बचाई स्मित मछार की जान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ओमानी को-पायलट के कथित हमले में गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की जान बचा…

2 min read
महिला कर्मचारियों से हाथ मिलाने से मना करता था हमलावर, फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

अंतरराष्ट्रीय समाचार

महिला कर्मचारियों से हाथ मिलाने से मना करता था हमलावर, फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कप्तान पर कथित हमले और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश के बाद ओमानी को-पायलट को लेकर कई अहम…

2 min read