'बाढ़ आ रही है, भागो...' नेपाल में एक अनजान शख्स ने ऐसे बचाई 370 स्कूली बच्चों और शिक्षकों की जान
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान एक अनजान व्यक्ति की समय रहते दी गई चेतावनी ने 370 से ज्यादा स्कूली बच्चों और शिक्षकों की जान बचा ली। बेत्रावती के उत्तरगया पब्लिक स्कूल के पास से गुजर रहे इस शख्स ने बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ते देख स्कूल की ओर दौड़कर चिल्लाते हुए लोगों को भागने की चेतावनी दी। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित स्थान की ओर निकालना शुरू कर दिया।
लेखक
Vinay Mishra
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। घर, सड़कें, पुल और स्कूल तक पानी और मलबे की चपेट में आ गए। इस भयावह आपदा के बीच एक अनजान शख्स की कुछ सेकंड की सतर्कता ने 370 से ज्यादा स्कूली बच्चों और शिक्षकों की जिंदगी बचा दी।
घटना नेपाल के बेत्रावती इलाके की है, जहां उत्तरगया पब्लिक स्कूल के पास अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। उस वक्त स्कूल में 370 से ज्यादा छात्र और शिक्षक मौजूद थे। तभी एक अज्ञात व्यक्ति स्कूल के पास से दौड़ता हुआ गुजरा और जोर-जोर से बाढ़ आने की चेतावनी देने लगा।
'बाढ़ आ रही है, भागो...'
स्कूल के पास से गुजर रहे उस व्यक्ति ने हालात की गंभीरता को समझते हुए बच्चों और शिक्षकों को चेतावनी दी। उसने चिल्लाकर लोगों से तुरंत भागने को कहा।
स्कूल के अंग्रेजी शिक्षक सोमलाल डंगोल के मुताबिक, उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही क्षणों में हालात इतने खतरनाक हो जाएंगे। लेकिन अजनबी की चेतावनी ने स्कूल प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
इसके बाद बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। कई छोटे बच्चे घबराए हुए थे और कीचड़ से भरे रास्तों पर निकलना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद शिक्षक और कर्मचारी बच्चों को सुरक्षित जगह की ओर ले गए।
नाश्ता कर रहे थे बच्चे
रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का पानी आने से ठीक पहले स्कूल के हॉस्टल में रहने वाले बच्चे नाश्ता कर रहे थे। स्कूल नदी के काफी करीब स्थित था, इसलिए अचानक बढ़ा पानी बेहद खतरनाक साबित हो सकता था।
अगर उस समय चेतावनी नहीं मिलती और बच्चे अपनी सामान्य दिनचर्या में लगे रहते, तो कुछ ही मिनटों में स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
देखते ही देखते बदल गया पूरा मंजर
चेतावनी मिलने के बाद बच्चों और शिक्षकों ने सुरक्षित स्थान की ओर निकलना शुरू किया। इसके कुछ ही देर बाद बाढ़ का पानी तेजी से इलाके में पहुंच गया।
बेत्रावती और आसपास के इलाकों में पानी और मलबे ने कई इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। स्कूल के आसपास का क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में आ गया।
इस दौरान बच्चों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ छोटे बच्चे कीचड़ में फंसते-फिसलते हुए सुरक्षित स्थान की ओर भागे।
370 से ज्यादा जिंदगियां बचीं
इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि 370 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को समय रहते स्कूल से बाहर निकाला जा सका।
अज्ञात व्यक्ति की पहचान अब तक सामने नहीं आई है। लेकिन उसकी चेतावनी ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
यह घटना बताती है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान कुछ सेकंड की सतर्कता और सही समय पर दी गई चेतावनी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
एक पिता बच्चे को खोजते हुए बह गया
इस आपदा की भयावहता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बच्चों को सुरक्षित निकालने के दौरान एक पिता अपने बेटे को तलाशते हुए बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। इलाके में बाढ़ की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा।
नेपाल में कई स्कूल हुए प्रभावित
यह घटना अकेली नहीं है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
सेव द चिल्ड्रन के अनुसार प्रभावित जिलों में कम से कम 69 स्कूल नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे करीब 19,000 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। सरकार ने खतरे को देखते हुए स्कूल और विश्वविद्यालय तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश भी दिया।
एक शिक्षक ने भी बचाई 1,643 बच्चों की जान
नेपाल की इस आपदा में एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। नुवाकोट के राजेंद्र दवाड़ी ने बाढ़ की चेतावनी मिलने के बाद अपने स्कूल से 1,643 बच्चों को तुरंत बाहर निकालने का फैसला किया।
दवाड़ी ने चेतावनी मिलने के बाद स्कूल खाली कराया और बच्चों को सुरक्षित स्थान की ओर भेजा। कुछ ही समय बाद बाढ़ ने स्कूल की इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
दोनों घटनाओं में एक बात समान रही—खतरे को समय रहते पहचानना और बिना देर किए फैसला लेना।
अजनबी कौन था, अब भी रहस्य
370 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले इस शख्स की पहचान अभी तक सामने नहीं आई है। वह कौन था, कहां से आया था और उसे बाढ़ के खतरे का कैसे पता चला—इन सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं हैं।
लेकिन उसकी कुछ सेकंड की चेतावनी ने सैकड़ों परिवारों को उस दर्द से बचा लिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।
नेपाल की इस त्रासदी में जहां एक ओर पानी और मलबे ने भारी तबाही मचाई, वहीं एक अनजान शख्स की आवाज सैकड़ों बच्चों के लिए जिंदगी की पुकार बन गई।
Keep reading
More in अंतरराष्ट्रीय समाचार
अंतरराष्ट्रीय समाचार
इमरान खान को बुशरा बीबी से मिलने की मिली इजाजत, पाकिस्तानी कोर्ट ने अकेले रखने पर लगाई रोक
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अदियाला जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि इमरान खान…
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की US नागरिकता 15 साल बाद रद्द, रेप-किडनैपिंग केस छिपाकर हासिल की थी नागरिकता
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द कर दी है। सिंह ने 2011 में अमेरिकी नागरिकता हासिल करते समय र…
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल में लावारिस शवों की शिनाख्त के लिए आगे आया भारत, नौ चरणों वाली प्रक्रिया की दी जानकारी
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद बरामद हो रहे अज्ञात शवों की पहचान और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने में भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। काठमांडू स…
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल की बाढ़ में बह गईं कैश से भरी बैंक की तिजोरियां, सुरक्षित करने के लिए पुलिस कर रही जद्दोजहद
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ घरों और सड़कों को ही नहीं, बल्कि बैंकिंग ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस के मुताबिक, कम से क…
अंतरराष्ट्रीय समाचार
'बाढ़ आई, बाढ़ आई'... नेपाल में मची तबाही के दौरान लंच ब्रेक ने ऐसे बचाई स्कूल के बच्चों की जान
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच धाडिंग जिले के एक स्कूल से दिल दहला देने वाली लेकिन राहत भरी कहानी सामने आई है। श्री बागेश्वरी…
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज में तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से मिले PM मोदी, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से…
