जम्मू-कश्मीर विधानसभा में फिर हंगामा, स्पीकर को हटाने की मांग पर अड़ी भाजपा; विधायकों ने किया वॉकआउट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को एक बार फिर जोरदार हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को हटाने की मांग को लेकर विरोध किया और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। विवाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर है।
लेखक
Vinay Mishra
स्पीकर को हटाने की मांग पर भाजपा का विरोध
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार, 29 सितंबर को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके फैसले पर सवाल उठाए और उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई। विरोध के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विवाद की मुख्य वजह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से लाया गया जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव है। विधानसभा ने सोमवार को इस प्रस्ताव को पारित किया था। भाजपा ने प्रस्ताव की चर्चा और उसे सदन में स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
भाजपा ने स्पीकर के फैसले पर उठाए सवाल
विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने स्पीकर के फैसले को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रस्ताव पर चर्चा की गई, उसकी संवैधानिक स्थिति को लेकर पहले ही आपत्तियां सामने आ चुकी थीं।
भाजपा का कहना है कि स्पीकर को इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए मंजूरी देने से पहले संबंधित संवैधानिक और प्रक्रियागत पहलुओं पर विचार करना चाहिए था। पार्टी ने इसी आधार पर स्पीकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इससे एक दिन पहले भाजपा विधायकों ने स्पीकर को हटाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव भी पेश किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्ताव में 23 विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया। स्पीकर ने कहा था कि इस तरह के प्रस्ताव पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई होगी और 14 दिन की नोटिस अवधि के बाद इसे कार्यसूची में लाया जाएगा।
सदन में नारेबाजी और तीखी बहस
मंगलवार को कार्यवाही के दौरान भाजपा सदस्यों और स्पीकर के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायकों ने स्पीकर के खिलाफ नारे लगाए। सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाबी नारेबाजी हुई, जिसके चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विरोध के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से बाहर निकलकर अपना विरोध दर्ज कराया। रिपोर्टों के अनुसार, यह लगातार दूसरे दिन है जब राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव को लेकर विधानसभा की कार्यवाही में भारी व्यवधान देखने को मिला।
क्या है राज्य का दर्जा बहाल करने वाला प्रस्ताव?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 25 सितंबर को जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल और शीघ्र बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया था। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा ने इसका विरोध किया और विशेष रूप से पुराने विधानसभा प्रस्तावों के संदर्भ को लेकर आपत्ति जताई।
28 सितंबर को विधानसभा ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कर दिया। भाजपा सदस्यों ने विरोध करते हुए मतदान से पहले वॉकआउट किया।
विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि प्रस्ताव में 2000 और 2024 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा पारित पूर्व प्रस्तावों का संदर्भ दिया गया था। भाजपा ने इन संदर्भों, खासकर 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव से जुड़े उल्लेख पर आपत्ति जताई है।
भाजपा और सरकार के बीच टकराव जारी
जम्मू-कश्मीर अगस्त 2019 से केंद्रशासित प्रदेश है। विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर सरकार और भाजपा के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं।
फिलहाल मंगलवार का हंगामा स्पीकर की भूमिका, विधानसभा की प्रक्रिया और राज्य का दर्जा बहाल करने वाले प्रस्ताव के इर्द-गिर्द केंद्रित है। भाजपा स्पीकर के खिलाफ अपनी आपत्ति पर कायम है, जबकि विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ रही है।
Keep reading
More in राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रीय समाचार
'हार्ट अटैक से भी 10 गुना खतरनाक!' जानिए क्या है कार्डियोजेनिक शॉक, जिसमें संभलने का मौका तक नहीं मिलता
कार्डियोजेनिक शॉक दिल की एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें हृदय शरीर के जरूरी अंगों तक पर्याप्त खून पंप नहीं कर पाता। यह अक्सर गंभी…
राष्ट्रीय समाचार
उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए आखिरी मौका, ई-केवाईसी नहीं कराई तो कट जाएगा नाम
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में राशन कार्ड से जुड़े 1,81,560 सदस्यों की ई-केवाईसी अभी लंबित है। जिला पूर्ति विभाग ने ऐसे लाभार्थियों को अंत…
राष्ट्रीय समाचार
'वोटर लिस्ट में बदलावों की पूरी जानकारी चाहिए', EC-SIR विवाद के बीच कांग्रेस ने रखी 5 मांगें
EC के SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में हुए बदलावों का पूरा डेटा स…
राष्ट्रीय समाचार
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए BJP ने खोले पत्ते, 4 सीटों पर प्रत्याशी घोषित; पटना शिक्षक से नवल किशोर
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने अपने चार प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए ह…
राष्ट्रीय समाचार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने 6 प्रत्याशी किए घोषित, गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को मौका
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने छह और प्रत्याशियों के नाम घोषित…
राष्ट्रीय समाचार
'SIR प्रक्रिया पूरी तरह विफल, आयोग का प्रेस नोट सिर्फ डैमेज कंट्रोल'; जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद और तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 27 सितंबर को चु…
