अब Zomato पर नहीं मिलेंगी ये डिशेज, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने तत्काल प्रभाव से लगाया बैन
Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए एनालॉग डेयरी से बनी डिशेज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इनमें एनालॉग पनीर, एनालॉग चीज और दूसरे एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स से तैयार खाद्य पदार्थ शामिल हैं। कंपनी ने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को प्राकृतिक डेयरी उत्पादों पर स्विच करने या ऐसे आइटम मेन्यू से हटाने का निर्देश दिया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले रेस्टोरेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा सकता है।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। Zomato ने एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स से बनी डिशेज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कंपनी ने सोमवार को रेस्टोरेंट पार्टनर्स के लिए जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू करने का ऐलान किया।
इस फैसले के बाद Zomato पर उन डिशेज की लिस्टिंग हटाई जा रही है, जिनमें रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने एनालॉग चीज, एनालॉग पनीर या अन्य एनालॉग डेयरी उत्पाद इस्तेमाल करने की जानकारी दी है।
कौन-कौन सी डिशेज पर लगा बैन?
Zomato ने किसी खास डिश के नामों की अलग सूची जारी नहीं की है। प्रतिबंध डिश में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर लगाया गया है।
यानी अगर किसी रेस्टोरेंट की पनीर, चीज या दूसरी डेयरी आधारित डिश में एनालॉग डेयरी का इस्तेमाल हो रहा है, तो वह आइटम Zomato पर लिस्ट नहीं किया जा सकेगा।
इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
एनालॉग पनीर से बनी डिशेज
एनालॉग चीज से बनी डिशेज
अन्य एनालॉग डेयरी उत्पादों वाली डिशेज
रेस्टोरेंट्स को ऐसे आइटम हटाने या प्राकृतिक डेयरी उत्पादों से उन्हें तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या होता है एनालॉग डेयरी?
एनालॉग डेयरी ऐसे उत्पादों को कहा जाता है, जिन्हें असली दूध या डेयरी सामग्री के बजाय वैकल्पिक या सस्ते विकल्पों से तैयार किया जाता है, लेकिन उनका रूप और इस्तेमाल पारंपरिक डेयरी उत्पाद जैसा हो सकता है।
मसलन, कुछ एनालॉग चीज या पनीर उत्पादों में दूध की जगह वनस्पति तेल या अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी और लेबलिंग महत्वपूर्ण हो जाती है।
Zomato ने क्यों लिया यह फैसला?
कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को ऐसा भोजन उपलब्ध कराना है जिसकी सामग्री की जानकारी सही और पारदर्शी हो।
Zomato ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को ऐसा भोजन मिले, जिसे सही तरीके से पेश किया गया हो और जो निर्धारित गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
कंपनी ने इसे कंज्यूमर-फर्स्ट कदम बताते हुए खाद्य गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दिया है।
रेस्टोरेंट्स को क्या करना होगा?
Zomato ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
रेस्टोरेंट्स को:
एनालॉग डेयरी की जगह प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करना होगा।
अगर तुरंत बदलाव संभव नहीं है तो संबंधित डिश को मेन्यू से हटाना होगा।
सप्लायर से मिलने वाले प्रोडक्ट लेबल और इंग्रीडिएंट डिक्लेरेशन की जांच करनी होगी।
Zomato पर लिस्टेड डिश की सामग्री की जानकारी सही रखनी होगी।
नियम तोड़ा तो रेस्टोरेंट भी होगा डीलिस्ट
Zomato ने साफ किया है कि केवल डिश हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अगर कोई रेस्टोरेंट नई नीति का पालन नहीं करता है, तो कंपनी के पास उसे Zomato प्लेटफॉर्म से डीलिस्ट करने का अधिकार होगा।
इसके अलावा कंपनी ने गैर-अनुपालन वाले उत्पादों से होने वाले नुकसान, लागत या अन्य खर्च की वसूली के लिए भी अपनी नीतियों और लागू कानून के तहत कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है।
महाराष्ट्र में कार्रवाई के बीच आया फैसला
Zomato का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में नकली और मिलावटी डेयरी उत्पादों को लेकर खाद्य सुरक्षा जांच तेज हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र में Food and Drug Administration की कार्रवाई के दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और कुछ मामलों में लाइसेंस निलंबित किए गए। दिल्ली में भी FSSAI की ओर से खाद्य गुणवत्ता और सामग्री को लेकर निरीक्षण किए गए हैं।
ऐसे माहौल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की सामग्री को लेकर पारदर्शिता का मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब है कि Zomato पर रेस्टोरेंट द्वारा एनालॉग डेयरी इस्तेमाल करने की जानकारी वाले आइटम उपलब्ध नहीं होंगे।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पनीर या चीज से बनी सभी डिशेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। असली डेयरी उत्पादों से तैयार डिशेज इस नीति के दायरे में नहीं आतीं।
इसलिए ग्राहक पनीर टिक्का, शाही पनीर, पनीर बटर मसाला, चीज पिज्जा जैसी सामान्य डिशेज ऑर्डर कर सकेंगे, बशर्ते संबंधित रेस्टोरेंट प्राकृतिक डेयरी सामग्री का इस्तेमाल करता हो।
Zomato की नई नीति का असर कितना बड़ा होगा?
भारत में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बाजार काफी बड़ा है और Zomato पर हजारों रेस्टोरेंट्स अपने मेन्यू लिस्ट करते हैं। ऐसे में एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल को लेकर यह नीति रेस्टोरेंट्स की सप्लाई चेन और इंग्रीडिएंट जांच को प्रभावित कर सकती है।
साथ ही यह फैसला ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें अपने ऑर्डर में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल Zomato ने किसी खास रेस्टोरेंट या किसी एक डिश को निशाना नहीं बनाया है। कार्रवाई का आधार एनालॉग डेयरी सामग्री का इस्तेमाल है।
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