व्यापार और अर्थव्यवस्था

1500 एकड़ में खेती, 10 साल पुलिस की नौकरी; किसान से Berkshire Hathaway के चेयरमैन बनने वाले हॉवर्ड बफे की अनोखी कहानी

वॉरेन बफे के बेटे हॉवर्ड ग्राहम बफे ने पारंपरिक कॉरपोरेट करियर के बजाय खेती, कानून-प्रवर्तन, फोटोग्राफी और परोपकार के अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। करीब 1,500 एकड़ के पारिवारिक फार्म का संचालन करने वाले हॉवर्ड अब Berkshire Hathaway के चेयरमैन बन गए हैं। करीब 10 साल कानून-प्रवर्तन में बिताने के बाद उनकी नई भूमिका कंपनी के रोजमर्रा के संचालन के बजाय उसकी संस्कृति और मूल्यों की निगरानी से जुड़ी है।

Share
1500 एकड़ में खेती, 10 साल पुलिस की नौकरी; किसान से Berkshire Hathaway के चेयरमैन बनने वाले हॉवर्ड बफे की अनोखी कहानी

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारी परिवारों में से एक बफे परिवार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद हॉवर्ड ग्राहम बफे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। निवेश की दुनिया के दिग्गज वॉरेन बफे के बेटे हॉवर्ड अब Berkshire Hathaway के नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।

लेकिन हॉवर्ड की कहानी सिर्फ अरबों डॉलर की कंपनी के बोर्डरूम तक सीमित नहीं है। वह लंबे समय से किसान, शेरिफ, फोटोग्राफर, संरक्षणवादी, कारोबारी और परोपकारी के रूप में अलग-अलग भूमिकाएं निभाते रहे हैं।

1,500 एकड़ के फार्म से बोर्डरूम तक का सफर

हॉवर्ड बफे अमेरिका के इलिनॉय राज्य में लगभग 1,500 एकड़ के पारिवारिक फार्म का संचालन करते हैं। उन्होंने खेती की शुरुआत 1977 में नेब्रास्का के Tekamah में की थी। बाद में उन्होंने इलिनॉय में खेती को आगे बढ़ाया और संरक्षण आधारित, खासकर no-till farming, के समर्थक बने।

उनकी कृषि गतिविधियां केवल पारिवारिक फार्म तक सीमित नहीं हैं। हॉवर्ड की फाउंडेशन से जुड़े कई रिसर्च फार्म भी हैं, जिनका इस्तेमाल कृषि, खाद्य सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कामों के लिए किया जाता है।

कॉलेज की डिग्री के बजाय चुनी खेती

हॉवर्ड का करियर शुरू से ही अपने पिता के निवेश-केंद्रित रास्ते से अलग रहा। उपलब्ध प्रोफाइलों के मुताबिक उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की और बाद में कृषि के क्षेत्र में अपना रास्ता बनाया।

Fortune के अनुसार, हॉवर्ड ने बिना पहले खेती किए ही फार्म किराये पर लेकर इस क्षेत्र में शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने कृषि और खाद्य क्षेत्र की कई कंपनियों के साथ भी काम किया।

उनका कहना रहा है कि खेती उन्हें इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें लगातार नई चुनौतियां आती हैं। यही अनुभव आगे चलकर खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पर उनके परोपकारी काम का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बना।

करीब 10 साल कानून-प्रवर्तन में भी बिताए

हॉवर्ड बफे की जिंदगी का एक और असामान्य अध्याय कानून-प्रवर्तन से जुड़ा है।

German Marshall Fund के अनुसार, उन्होंने लगभग 10 साल कानून-प्रवर्तन में काम किया और Macon County, Illinois के शेरिफ भी रहे। इससे पहले वह करीब पांच साल तक Auxiliary Deputy के रूप में काम कर चुके थे।

Fortune के मुताबिक, वह सितंबर 2017 से नवंबर 2018 तक Macon County के शेरिफ रहे। इससे पहले वह पांच साल तक Auxiliary Deputy के रूप में सेवा कर चुके थे।

यानी जिस व्यक्ति ने बाद में दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक की चेयरमैनशिप संभाली, उसके करियर में खेतों और कॉरपोरेट बोर्डरूम के साथ पुलिस सेवा का अनुभव भी शामिल रहा।

सिर्फ किसान नहीं, युद्ध और वन्यजीवन के फोटोग्राफर भी

हॉवर्ड बफे ने फोटोग्राफी को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने दुनिया के कई हिस्सों की यात्रा की और वन्यजीवन, संरक्षण तथा संघर्ष क्षेत्रों की तस्वीरें खींचीं।

उनकी आधिकारिक फाउंडेशन प्रोफाइल के मुताबिक वह 156 देशों की यात्रा कर चुके हैं और संरक्षण, वन्यजीवन तथा मानवीय परिस्थितियों पर कई किताबें लिख चुके हैं। वह डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के कार्यकारी निर्माता भी रहे हैं।

उनकी फोटोग्राफी का दायरा यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों तक भी पहुंचा है। यह अनुभव उनके मानवीय और परोपकारी काम के साथ जुड़ता गया।

परोपकार बना करियर का बड़ा हिस्सा

हॉवर्ड बफे Howard G. Buffett Foundation के चेयरमैन और CEO भी हैं। फाउंडेशन का काम मुख्य रूप से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, संघर्ष कम करने और मानव तस्करी से निपटने जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।

उन्होंने दुनिया के 150 से अधिक देशों में काम किया है। उनकी फाउंडेशन ने यूक्रेन सहित कई संकटग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता और अन्य परियोजनाओं के लिए बड़ी रकम दी है।

Berkshire Hathaway में 33 साल का अनुभव

हॉवर्ड का कॉरपोरेट अनुभव भले ही उनके पिता जैसा निवेश-केंद्रित नहीं रहा, लेकिन वह Berkshire Hathaway के बोर्ड में लंबे समय से मौजूद हैं।

वह 1993 से Berkshire Hathaway के निदेशक रहे हैं। यानी चेयरमैन बनने से पहले वह करीब 33 साल तक कंपनी के बोर्ड का हिस्सा रहे।

उन्होंने Coca-Cola, ConAgra Foods, Archer Daniels Midland और Lindsay Corporation जैसी कंपनियों के बोर्ड में भी काम किया है।

अब Berkshire Hathaway के चेयरमैन

सितंबर 2026 में वॉरेन बफे के Berkshire Hathaway के चेयरमैन पद से हटने के बाद हॉवर्ड ने यह जिम्मेदारी संभाली। वॉरेन बफे अब Chairman Emeritus की भूमिका में हैं।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है—हॉवर्ड कंपनी के CEO नहीं हैं। Greg Abel Berkshire Hathaway के CEO हैं और कंपनी के रोजमर्रा के कारोबार तथा बड़े व्यावसायिक फैसलों की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। हॉवर्ड की भूमिका मुख्य रूप से Berkshire की संस्कृति और मूल्यों की निगरानी से जुड़ी है।

वॉरेन बफे ने अपने उत्तराधिकार संबंधी संदेश में हॉवर्ड की भूमिका को कंपनी की संस्कृति और मूल्यों का संरक्षक बनाए रखने से जोड़ा था।

क्या हॉवर्ड बफे शेफ भी रहे हैं?

सोशल मीडिया और कुछ वायरल प्रोफाइलों में हॉवर्ड बफे के करियर से जुड़ी अलग-अलग बातें सामने आती रही हैं। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय प्रोफाइलों में उन्हें शेफ के रूप में दर्ज नहीं किया गया है।

उनकी आधिकारिक प्रोफाइल और Reuters जैसी रिपोर्टों में किसान, फोटोग्राफर, संरक्षणवादी, कारोबारी, पूर्व निर्वाचित अधिकारी और कानून-प्रवर्तन अधिकारी के रूप में उनकी भूमिकाओं का उल्लेख है।

इसलिए हॉवर्ड की वास्तविक कहानी ही कम दिलचस्प नहीं है—खेती से कानून-प्रवर्तन, फोटोग्राफी और वैश्विक परोपकार तक का सफर और अंततः Berkshire Hathaway की चेयरमैनशिप।

वॉरेन बफे के बेटे की अलग पहचान

हॉवर्ड बफे की पहचान लंबे समय तक वॉरेन बफे के बेटे के रूप में जरूर रही, लेकिन उनका करियर अपने आप में काफी अलग रहा है।

उन्होंने निवेश बैंकिंग या वॉल स्ट्रीट को अपना मुख्य पेशा बनाने के बजाय खेती, कृषि संरक्षण, मानवीय सहायता और कानून-प्रवर्तन जैसे क्षेत्रों में काम किया। अब Berkshire Hathaway के चेयरमैन के रूप में उनके सामने कंपनी की उस संस्कृति को बनाए रखने की जिम्मेदारी है, जिसे उनके पिता ने दशकों में विकसित किया।

CEO Greg Abel जहां कंपनी के संचालन का नेतृत्व करेंगे, वहीं हॉवर्ड की भूमिका Berkshire के दीर्घकालिक मूल्यों और संरचना के संरक्षण से जुड़ी रहेगी।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in व्यापार और अर्थव्यवस्था

सभी देखें
देश के 5 बड़े मसाला बाजार, सिर्फ ₹70,000 से शुरू करें अपना मसाला ब्रांड; ये रजिस्ट्रेशन और बिजनेस प्लान आएगा काम
New

व्यापार और अर्थव्यवस्था

देश के 5 बड़े मसाला बाजार, सिर्फ ₹70,000 से शुरू करें अपना मसाला ब्रांड; ये रजिस्ट्रेशन और बिजनेस प्लान आएगा काम

भारत में अपना छोटा मसाला ब्रांड शुरू करने के लिए शुरुआत में बहुत बड़ा प्लांट लगाना जरूरी नहीं है। खारी बावली, गोंटूर, उंझा, ईरोड और सांगली ज…

7 min read
मुकेश अंबानी बंगाल में कर सकते हैं बड़ा प्रोजेक्ट शुरू, सीएम शुभेंदु से मुलाकात; क्या बना प्लान?

व्यापार और अर्थव्यवस्था

मुकेश अंबानी बंगाल में कर सकते हैं बड़ा प्रोजेक्ट शुरू, सीएम शुभेंदु से मुलाकात; क्या बना प्लान?

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात की। बैठक में पश्चिम बंगाल में…

3 min read
उत्तर मध्य रेलवे ने लॉन्च किया 'टोटल' पोर्टल, 67 हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को मिलेगा डिजिटल क्लेम का लाभ

व्यापार और अर्थव्यवस्था

उत्तर मध्य रेलवे ने लॉन्च किया 'टोटल' पोर्टल, 67 हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को मिलेगा डिजिटल क्लेम का लाभ

उत्तर मध्य रेलवे ने अपने कर्मचारियों के लिए 'टोटल' (TOTAL) पोर्टल लॉन्च किया है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य रेल कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न…

2 min read
चंद्रशेखरन के Tata Sons के दोबारा चेयरमैन बनने का नोएल ने क्यों किया विरोध? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

व्यापार और अर्थव्यवस्था

चंद्रशेखरन के Tata Sons के दोबारा चेयरमैन बनने का नोएल ने क्यों किया विरोध? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को बोर्ड ने एक और पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त कर दिया है, लेकिन Tata Trusts के चेयरमैन नोएल…

4 min read
देशभर में 28 सितंबर से तीन दिन बैंकों की हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी

व्यापार और अर्थव्यवस्था

देशभर में 28 सितंबर से तीन दिन बैंकों की हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी

देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के यूनियन संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने सितंबर और अक्टूबर में चरणबद्ध आंदोलन का ऐला…

3 min read
UPI चार्ज पर विदेशी दबाव के आरोप खारिज, केंद्र ने MDR को लेकर स्थिति की स्पष्ट

व्यापार और अर्थव्यवस्था

UPI चार्ज पर विदेशी दबाव के आरोप खारिज, केंद्र ने MDR को लेकर स्थिति की स्पष्ट

UPI के कुछ बड़े मर्चेंट लेनदेन पर MDR लागू करने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार ने विदेशी दबाव के आरोपों को खारिज किया है। वित्त मंत्रालय ने क…

3 min read