सरकार के उपाय नहीं आ रहे काम, बढ़ने लगे प्याज के दाम; कई जगह 80 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
देश में प्याज की कीमतों में तेजी ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से बफर स्टॉक से सस्ती दर पर प्याज बेचने और ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए सप्लाई बढ़ाने जैसे कदमों के बावजूद कई बाजारों में खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। कुछ इलाकों में प्याज का भाव ₹80 प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें हैं। केंद्र का कहना है कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त प्याज उपलब्ध है, लेकिन नई फसल की आवक तक कीमतों पर दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।
लेखक
Vinay Mishra
नई दिल्ली: प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से कीमतों पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए जाने के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में प्याज के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। खुदरा बाजार में कई जगह भाव ₹60 प्रति किलो के पार पहुंच गया है, जबकि कुछ इलाकों में अच्छी क्वालिटी के प्याज की कीमत ₹80 प्रति किलो तक बताई जा रही है।
प्याज की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब केंद्र सरकार ने बाजार में हस्तक्षेप बढ़ा दिया है। सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज निकालकर कम कीमत पर बिक्री शुरू की है और सप्लाई को तेज करने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ का दायरा भी बढ़ाया गया है। इसके बावजूद मंडियों में आवक और उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं।
सरकार ₹35 किलो में बेच रही प्याज
बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए केंद्र ने दिल्ली में बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री ₹35 प्रति किलो की दर से शुरू की है। NCCF और NAFED की मोबाइल वैन के जरिए भी प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। 27 अगस्त से दिल्ली में इन वैन की शुरुआत की गई, जबकि इसके अलावा करीब 40 निर्धारित आउटलेट्स के जरिए भी बिक्री की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य बफर स्टॉक की प्याज को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर खुले बाजार में बढ़ती कीमतों पर दबाव कम करना है। हालांकि, इन उपायों का असर अभी पूरे बाजार में समान रूप से दिखाई नहीं दे रहा है।
दो महीने में दोगुने हुए दाम
प्याज की कीमतों में तेजी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई मंडियों में दो महीने पहले करीब ₹20 प्रति किलो बिकने वाला प्याज अब लगभग ₹60 प्रति किलो तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
देश के औसत खुदरा भाव में भी सालाना आधार पर बड़ा उछाल आया है। 24 अगस्त को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत करीब ₹43.53 प्रति किलो थी, जो एक साल पहले की तुलना में 59 फीसदी अधिक थी।
आखिर क्यों महंगा हो रहा है प्याज?
प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं। सबसे बड़ी समस्या मौसमी सप्लाई में कमी है। अगस्त-सितंबर के दौरान आम तौर पर प्याज की उपलब्धता पर दबाव आता है। नई फसल की पर्याप्त आवक शुरू होने में अभी समय है, जबकि पुराना स्टॉक लगातार बाजार में आ रहा है।
इसके अलावा कुछ प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में बारिश और फसल को हुए नुकसान ने भी सप्लाई को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में उत्पादन और भंडारण से जुड़ी चुनौतियों का असर बाजार पर पड़ा है।
बफर स्टॉक पर भी सवाल
सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया था। लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक मौजूदा करीब 1.2 लाख टन के बफर स्टॉक का एक हिस्सा खराब हो चुका है। इससे बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए उपलब्ध स्टॉक पर भी दबाव बढ़ा है।
यही वजह है कि सरकार की ओर से सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने के बावजूद खुले बाजार में कीमतों में अपेक्षित गिरावट नहीं दिख रही है।
नवंबर तक रह सकती है महंगाई
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्याज की कीमतों पर दबाव नवंबर तक बना रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह नई फसल की आवक में देरी और स्टोरेज में रखे प्याज की गुणवत्ता को लेकर चिंता है। हालांकि सरकार का दावा है कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त सप्लाई मौजूद है।
ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह आम उपभोक्ताओं के लिए अहम होंगे। अगर नई फसल की आवक उम्मीद के मुताबिक बढ़ती है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन सप्लाई में और बाधा आई तो प्याज की महंगाई रसोई के बजट पर और भारी पड़ सकती है।
Keep reading
More in व्यापार और अर्थव्यवस्था
व्यापार और अर्थव्यवस्था
100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा भारत, घटेगी कोयले पर निर्भरता
भारत परमाणु ऊर्जा क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का ल…
व्यापार और अर्थव्यवस्था
दिल्ली-NCR में CNG ₹3.89 महंगी, इस साल पांचवीं बार बढ़े दाम; जानें अब कितना हुआ रेट
दिल्ली-NCR में CNG के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 29 अगस्त 2026 से CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की…
व्यापार और अर्थव्यवस्था
Adfactors PR ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलियाई PR फर्म SenateSHJ में खरीदी हिस्सेदारी; बनी पहली भारतीय कंपनी
भारत की प्रमुख पब्लिक रिलेशंस कंपनियों में शामिल Adfactors PR ने ऑस्ट्रेलियाई कम्युनिकेशन और PR फर्म SenateSHJ में हिस्सेदारी खरीदकर अंतरराष…
व्यापार और अर्थव्यवस्था
बिहार के इस सुपरफूड के मुरीद हुए विदेशी! अमेरिका से लेकर जर्मनी तक बढ़ रही डिमांड, 12,000 करोड़ के पार पहुंच सकता है कारोबार
बिहार का पारंपरिक मखाना (Fox Nuts) अब सिर्फ व्रत और स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों मे…

व्यापार और अर्थव्यवस्था
कौन हैं मनीष आनंदानी, जो बनेंगे Colgate के नए MD-CEO? 30 साल का अनुभव, कितनी होगी सैलरी?
Colgate-Palmolive India ने बड़ा नेतृत्व बदलाव करते हुए मनीष आनंदानी को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त किया है। वह 28 सितंबर 2026 से प…

व्यापार और अर्थव्यवस्था
महाकाल परिसर में भगदड़ जैसे हालात, नागचंद्रेश्वर मंदिर के पास मची अफरा-तफरी
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए…
