राष्ट्रीय समाचार

दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने स्टेशन बंद होने से वकीलों, पक्षकारों और कोर्ट स्टाफ को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था। CJI सूर्यकांत ने कहा था कि यदि स्थिति का समाधान नहीं हुआ तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े व्यापक मामलों में केंद्र और पुलिस से जवाब मांगा।

Share
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और पुलिस से मांगा जवाब

नई दिल्ली: दिल्ली में CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बंद किए गए स्टेशनों में Supreme Court Metro Station भी शामिल था। इससे वकीलों, याचिकाकर्ताओं और कोर्ट स्टाफ को अदालत पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसी मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने शीर्ष अदालत के सामने उठाया।

17 मेट्रो स्टेशन क्यों किए गए थे बंद?

CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन और संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 24 जुलाई को 17 स्टेशनों को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की थी। DMRC ने इसे सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया था।

बंद किए गए स्टेशनों में Lok Kalyan Marg, Rajiv Chowk, Patel Chowk, Ramakrishna Ashram Marg, Barakhamba Road, Supreme Court, Seva Teerth, Janpath, Mandi House, Central Secretariat, ITO, Delhi Gate, Indraprastha, Khan Market, Jor Bagh, Shivaji Stadium और Jhandewalan शामिल थे।

बाद में New Delhi Metro Station को भी बंद कर दिया गया, जिसके बाद कुल संख्या 18 हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में SCBA ने उठाया मामला

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष Vikas Singh ने CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के सामने मेट्रो स्टेशन बंद होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि Supreme Court Metro Station सहित कई स्टेशनों के बंद होने से वकीलों, पक्षकारों और कोर्ट स्टाफ को अदालत पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है।

SCBA ने सुझाव दिया कि Supreme Court Metro Station पर कम से कम उन लोगों को सुरक्षा जांच के बाद बाहर निकलने की अनुमति दी जाए, जिनके पास सुप्रीम कोर्ट के वैध प्रवेश पास या Registry की पहचान हो।

CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?

मामले पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को पहले ही DMRC और संबंधित अधिकारियों से बात करने के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लंच तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह खुद हस्तक्षेप करेंगे।

CJI ने यह भी निर्देश दिया कि मेट्रो बंद होने के कारण यदि कोई वकील अदालत नहीं पहुंच पाता है तो केवल उसकी अनुपस्थिति के आधार पर उसके मामले में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाए।

सुरक्षा और लोगों के अधिकार के बीच संतुलन का सवाल

मेट्रो स्टेशन बंद करने का फैसला ऐसे समय हुआ था जब जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुट रहे थे। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, लेकिन लंबे समय तक सार्वजनिक परिवहन के प्रमुख केंद्रों को बंद रखने से आम यात्रियों के साथ-साथ न्यायिक कार्यवाही पर भी असर पड़ा।

इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया कि बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था लागू करते समय आम नागरिकों की आवाजाही और न्याय तक पहुंच को किस तरह सुनिश्चित किया जाए।

CJP प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई मामले

CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन कथित NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित कई मांगों को लेकर हुआ था। आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों और बाद में प्रदर्शन से जुड़े लोगों को कथित धमकियों के मामले भी अदालत के सामने पहुंचे।

हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन में शामिल एक नाबालिग लड़की को कथित धमकियों का मुद्दा भी गंभीरता से लिया और उसके परिवार को आवश्यक सुरक्षा देने पर जोर दिया।

मेट्रो बंदी से यात्रियों को हुई परेशानी

लगातार कई दिनों तक स्टेशनों के बंद रहने से केंद्रीय दिल्ली में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यालय जाने वाले लोगों, छात्रों और अन्य यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा और सड़क यातायात पर भी दबाव बढ़ा।

राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रखी गई थी, हालांकि प्रवेश-निकास प्रतिबंधों से यात्रियों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

क्या सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो बंद करने को गैरकानूनी घोषित कर दिया?

नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा कारणों से की गई बंदी को सीधे तौर पर गैरकानूनी घोषित नहीं किया। अदालत के सामने मुख्य तत्काल चिंता यह थी कि स्टेशन बंद होने के कारण न्यायिक कामकाज प्रभावित न हो और वकीलों, पक्षकारों तथा कोर्ट स्टाफ को अदालत तक पहुंचने में अनावश्यक बाधा न आए।

निष्कर्ष

CJP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशनों को बंद किए जाने का मामला अब सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर न्याय तक पहुंच और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सवालों तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट का रुख साफ करता है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन उसके कारण अदालत की कार्यवाही और लोगों के कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in राष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
ईडी की हिरासत में IAS गंगवार, KPSC भर्ती घोटाले में सीएम डीके शिवकुमार ने दिए आयोग बंद करने के संकेत
New

राष्ट्रीय समाचार

ईडी की हिरासत में IAS गंगवार, KPSC भर्ती घोटाले में सीएम डीके शिवकुमार ने दिए आयोग बंद करने के संकेत

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच निलंबित IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार क…

3 min read
पूर्व डीजीपी थाचंकरी को केरल हाई कोर्ट में कोई अंतरिम राहत नहीं, बेहिसाब संपत्ति का मामला
New

राष्ट्रीय समाचार

पूर्व डीजीपी थाचंकरी को केरल हाई कोर्ट में कोई अंतरिम राहत नहीं, बेहिसाब संपत्ति का मामला

केरल हाई कोर्ट ने पूर्व डीजीपी टोमिन जे. थाचंकरी को बेहिसाब संपत्ति मामले में फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। थाचंकरी ने चा…

3 min read
‘सभी फैसले सर्वसम्मति से’, SIR पर मतभेद के आरोपों के बाद चुनाव आयोग की सफाई
New

राष्ट्रीय समाचार

‘सभी फैसले सर्वसम्मति से’, SIR पर मतभेद के आरोपों के बाद चुनाव आयोग की सफाई

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सफाई जारी की। आयोग…

4 min read
तेलंगाना: इंजीनियरिंग छात्रा की दूसरे युवक से बढ़ने लगी थी नजदीकियां, प्यार में पागल लेक्चरर ने दे दिया जहर
New

राष्ट्रीय समाचार

तेलंगाना: इंजीनियरिंग छात्रा की दूसरे युवक से बढ़ने लगी थी नजदीकियां, प्यार में पागल लेक्चरर ने दे दिया जहर

तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा थांद्रा अक्षिता रानी की मौत को पुलिस ने आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताया है।…

3 min read
अरुणाचल प्रदेश में सिक्किम के मशहूर रैपर UNB पर जानलेवा हमला, कार में की तोड़फोड़; जांच में जुटी पुलिस
New

राष्ट्रीय समाचार

अरुणाचल प्रदेश में सिक्किम के मशहूर रैपर UNB पर जानलेवा हमला, कार में की तोड़फोड़; जांच में जुटी पुलिस

सिक्किम के चर्चित रैपर उगेन नामग्याल भूटिया उर्फ UNB पर अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली जिले में कथित तौर पर हमला किया गया। पुलिस के मुता…

3 min read
CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून की वैधता पर SC का फैसला बंटा, क्या है पूरा मामला?
New

राष्ट्रीय समाचार

CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून की वैधता पर SC का फैसला बंटा, क्या है पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार क…

3 min read