'होर्मुज को ट्रंप स्ट्रेट कर दो', अमेरिकी राष्ट्रपति के सुझाव पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करने का सुझाव दिया है। ट्रंप के बयान के बाद व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर इसी नाम वाला नक्शा साझा करते हुए कहा, “It’s got a nice ring to it” यानी यह नाम सुनने में अच्छा लगता है। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज में जारी सैन्य टकराव के बीच सामने आया है।
लेखक
Jyoti Mukherjee
ट्रंप ने दिया होर्मुज का नाम बदलने का सुझाव, व्हाइट हाउस ने भी शेयर कर दिया 'Trump Strait' वाला नक्शा
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा सुझाव दिया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz का नाम बदलकर “Trump Strait” कर देना चाहिए।
ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अब जबकि उनके दावे के मुताबिक यह जलमार्ग अमेरिकी नियंत्रण में है, तो इसका नाम बदलने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सवालिया अंदाज में लिखा कि क्या होर्मुज स्ट्रेट को “TRUMP STRAIT” कहा जाना चाहिए।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
ट्रंप के सुझाव के कुछ ही समय बाद व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर फारस की खाड़ी का एक नक्शा साझा किया। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को “Trump Strait” के नाम से चिह्नित किया गया था।
व्हाइट हाउस ने पोस्ट के साथ लिखा, “It’s got a nice ring to it”, यानी यह नाम सुनने में अच्छा लगता है।
इससे साफ है कि व्हाइट हाउस ने फिलहाल ट्रंप के सुझाव को महज नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई है।
ट्रंप ने क्यों दिया ऐसा सुझाव?
यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका-ईरान संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर चुका है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में ईरानी रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या जहाजों की आवाजाही में रुकावट का असर कच्चे तेल की कीमतों, पेट्रोल-डीजल के दाम और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
हालिया संघर्ष के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
क्या अमेरिका अकेले इसका नाम बदल सकता है?
यहां एक अहम सवाल कानूनी और कूटनीतिक है। ट्रंप अमेरिकी प्रशासन के भीतर किसी आधिकारिक नक्शे या दस्तावेज में किसी नाम का इस्तेमाल करवाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी संप्रभु या अंतरराष्ट्रीय समुद्री भौगोलिक नाम को एकतरफा बदल देना अलग मामला है।
इसलिए अमेरिकी दस्तावेजों या व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया पोस्ट में “Trump Strait” लिखे जाने का अर्थ यह नहीं है कि दुनिया के नक्शों पर Strait of Hormuz का आधिकारिक नाम बदल गया है।
पहले भी नाम बदलने को लेकर चर्चा में रहे हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने किसी भौगोलिक स्थान का नाम बदलने का मुद्दा उठाया हो। उनके प्रशासन ने पहले Gulf of Mexico के लिए “Gulf of America” नाम के इस्तेमाल को आगे बढ़ाया था।
अब होर्मुज का नाम अपने नाम पर रखने का सुझाव भी उसी राजनीतिक शैली का हिस्सा माना जा रहा है।
ईरान के साथ तनाव के बीच बढ़ी चिंता
ट्रंप का बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों और समुद्री क्षमता से जुड़े कई लक्ष्यों पर हमले किए हैं।
दूसरी ओर, ईरान होर्मुज पर अमेरिकी दावों को स्वीकार नहीं करता और क्षेत्र में तनाव के कारण व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारत समेत दुनिया पर क्या असर?
होर्मुज में लंबे समय तक अस्थिरता रहने का असर भारत समेत एशियाई तेल आयातक देशों पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है और मध्य-पूर्व की आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी बड़ी बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के जरिए भारतीय बाजार तक पहुंच सकता है।
यही वजह है कि ट्रंप का “Trump Strait” वाला बयान भले ही राजनीतिक या प्रतीकात्मक नजर आए, लेकिन जिस जलमार्ग का नाम बदलने की बात हो रही है, वह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है।
फिलहाल “Trump Strait” का इस्तेमाल व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह जलमार्ग Strait of Hormuz के नाम से ही जाना जाता है।
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