अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की मुरीद हुईं UK NHS प्रमुख, कहा- ब्रिटेन को भारत से सीखना चाहिए

ब्रिटेन की NHS England की चेयर डॉ. पेनी डैश ने भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तारीफ करते हुए कहा है कि ब्रिटेन को भारत से सीखना चाहिए। उन्होंने भारत में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल, बेहतर दक्षता और कम लागत में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता को खास तौर पर रेखांकित किया। डैश का यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन की NHS उत्पादकता और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के रास्ते तलाश रही है।

Share
भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की मुरीद हुईं UK NHS प्रमुख, कहा- ब्रिटेन को भारत से सीखना चाहिए

UK की NHS प्रमुख ने की भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तारीफ, बोलीं- ब्रिटेन को सीखना चाहिए

नई दिल्ली: भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को लेकर ब्रिटेन से आई एक टिप्पणी ने खासा ध्यान खींचा है। NHS England की चेयर डॉ. पेनी डैश ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा है कि ब्रिटेन को भारत से सीखने की जरूरत है।

डैश के मुताबिक, भारत तेजी से ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं विकसित कर रहा है, जहां टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से मरीजों को बेहतर और कम लागत वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने भारत की डिजिटल हेल्थ व्यवस्था और तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल को खास तौर पर सराहा।

‘भारत से सीख सकता है ब्रिटेन’

डॉ. पेनी डैश ने भारत को हेल्थकेयर के क्षेत्र में संभावनाओं से भरा देश बताया। उनके मुताबिक भारत में जिस तेजी से तकनीक को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ा जा रहा है, वह ब्रिटेन के लिए भी सीखने का विषय है।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ब्रिटेन अपनी National Health Service (NHS) को अधिक प्रभावी और उत्पादक बनाने के लिए नए मॉडल और तकनीकी समाधान तलाश रहा है।

टेक्नोलॉजी बनी भारत की बड़ी ताकत

भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, ऑनलाइन कंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म ने मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच संपर्क को आसान बनाया है।

डैश ने इसी तरह के तकनीकी इस्तेमाल को भारत की उन खूबियों में गिना, जिनसे ब्रिटेन की स्वास्थ्य व्यवस्था भी फायदा उठा सकती है। उनका मानना है कि भारत में अपनाए जा रहे कुछ समाधान कम लागत में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं।

कम लागत में बेहतर इलाज पर जोर

भारत का हेल्थकेयर मॉडल कई मायनों में ब्रिटेन से अलग है। यहां सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ एक बड़ा निजी स्वास्थ्य क्षेत्र भी मौजूद है। बड़े शहरों में अत्याधुनिक अस्पतालों से लेकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सेवाओं का विस्तृत नेटवर्क है।

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत कई विकसित देशों की तुलना में कम होने की वजह से देश मेडिकल टूरिज्म का भी प्रमुख केंद्र बना है। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में राज्यों तथा ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।

इसलिए डैश की टिप्पणी को भारत की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को आदर्श बताने के बजाय उन तकनीकी और दक्षता आधारित पहलुओं की सराहना के रूप में देखा जा रहा है, जिनसे दूसरे देश सीख सकते हैं।

NHS के सामने अपनी चुनौतियां

ब्रिटेन की NHS लंबे समय से मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट, कर्मचारियों की कमी और बढ़ते खर्च जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में NHS नेतृत्व के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उत्पादकता बढ़ाना बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

डैश का भारत की ओर देखना इसी व्यापक बहस का हिस्सा है। उनका मानना है कि दूसरे देशों के सफल मॉडल से सीखकर NHS अपनी सेवाओं को अधिक कुशल बना सकती है।

भारत-UK हेल्थकेयर सहयोग की भी बड़ी भूमिका

भारत और ब्रिटेन के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले से सहयोग मौजूद है। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को लेकर संयुक्त कार्य समूह की बैठकें भी होती रही हैं। जनवरी 2026 में भारत और UK के बीच Health Sector Cooperation को लेकर चौथी Joint Working Group बैठक लंदन में हुई थी।

ऐसे में NHS प्रमुख की टिप्पणी दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक, शोध और सेवा-प्रणाली से जुड़े सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह बयान?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की चर्चा आमतौर पर कम लागत वाले इलाज, मेडिकल टूरिज्म और बड़ी संख्या में प्रशिक्षित डॉक्टरों के संदर्भ में होती रही है। अब डिजिटल हेल्थ और टेक्नोलॉजी आधारित स्वास्थ्य सेवाएं भी भारत की वैश्विक पहचान का हिस्सा बन रही हैं।

NHS England की चेयर जैसी वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से भारत के मॉडल की प्रशंसा इस बदलाव को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के तौर पर देखी जा सकती है।

ब्रिटेन की स्वास्थ्य व्यवस्था भले ही दुनिया की सबसे चर्चित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में शामिल हो, लेकिन भारत की तेजी से विकसित होती टेक्नोलॉजी और कम लागत वाली स्वास्थ्य सेवाएं अब उसके लिए भी सीख का स्रोत बन रही हैं।UK NHS प्रमुख ने की भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तारीफ, बोलीं- सीखना चाहिए

Enjoyed this story? Share it.

Share

Keep reading

More in अंतरराष्ट्रीय समाचार

सभी देखें
‘रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में भारत किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार’, कीव में बोले जयशंकर
New

अंतरराष्ट्रीय समाचार

‘रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में भारत किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार’, कीव में बोले जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कीव में कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के प्रयासों में किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार है।…

4 min read
'होर्मुज को ट्रंप स्ट्रेट कर दो', अमेरिकी राष्ट्रपति के सुझाव पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
New

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'होर्मुज को ट्रंप स्ट्रेट कर दो', अमेरिकी राष्ट्रपति के सुझाव पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करने का सुझाव दिया है। ट्रंप के…

3 min read
200 दिन समुद्र में बिताने के बाद थाईलैंड के पटाया पहुंचे 5 हजार अमेरिकी सैनिक, सेक्स वर्कर्स पर छापे से मचा हड़कंप

अंतरराष्ट्रीय समाचार

200 दिन समुद्र में बिताने के बाद थाईलैंड के पटाया पहुंचे 5 हजार अमेरिकी सैनिक, सेक्स वर्कर्स पर छापे से मचा हड़कंप

अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln करीब 286 दिनों के लंबे मिशन के बाद 2 सितंबर को थाईलैंड के Laem Chabang बंदरगाह पहुंचा। प…

4 min read
नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा, 4858 लोग अभी भी लापता; मलबे में जारी है जिंदगी की तलाश

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा, 4858 लोग अभी भी लापता; मलबे में जारी है जिंदगी की तलाश

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के एक सप्ताह बाद भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ और मलबे की चपेट में आकर 1,127 लोगों की…

5 min read
'सबसे बड़ा हमला अभी बाकी', ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार; कहा- अमेरिका को पछताना पड़ेगा

अंतरराष्ट्रीय समाचार

'सबसे बड़ा हमला अभी बाकी', ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार; कहा- अमेरिका को पछताना पड़ेगा

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (…

4 min read
जलप्रलय की चेतावनी, फिर भी नहीं बच पाया नेपाल! बाढ़ के संकेत क्यों नहीं समझ पाया सिस्टम? रिपोर्ट में सामने आई बड़ी खामी

अंतरराष्ट्रीय समाचार

जलप्रलय की चेतावनी, फिर भी नहीं बच पाया नेपाल! बाढ़ के संकेत क्यों नहीं समझ पाया सिस्टम? रिपोर्ट में सामने आई बड़ी खामी

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ ने देश की फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि नेपाल के पास नदी नि…

6 min read