केरल में एक साल की बच्ची के शरीर में मिली सुई, परिवार ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
केरल के कोट्टायम में एक साल की बच्ची के शरीर के अंदर सुई मिलने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि यह सुई कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU में इलाज के दौरान बच्ची के शरीर में रह गई होगी। जुलाई 2026 में तेज दर्द और पसलियों के पास सूजन के बाद कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में जांच कराई गई, जहां सुई का पता चला और सर्जरी के जरिए उसे निकाला गया। शिकायत के बाद कोट्टायम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
लेखक
Vinay Mishra
एक साल की बच्ची के शरीर में मिली सुई, परिवार का आरोप- इलाज के दौरान रह गई थी अंदर; अस्पताल ने शुरू की जांच
कोच्चि: केरल में मेडिकल लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक साल की बच्ची के शरीर के अंदर सुई मिलने के बाद उसके परिवार ने कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्ची के माता-पिता का दावा है कि सुई पिछले साल अस्पताल के NICU में इलाज के दौरान उसके शरीर में रह गई होगी।
सुई का पता जुलाई 2026 में तब चला, जब बच्ची को पसलियों के पास तेज दर्द और सूजन की शिकायत हुई। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसके दाहिनी ओर की पसलियों के पास सुई फंसी होने की जानकारी दी। बाद में ऑपरेशन कर उसे निकाल दिया गया।
जून 2025 में हुआ था बच्ची का जन्म
बच्ची का जन्म जून 2025 में कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुआ था। उसकी मां अंजू के मुताबिक, पीलिया समेत कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बाद बच्ची को अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती किया गया था।
परिवार के अनुसार, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने बच्ची की दाहिनी पसलियों के पास एक छोटी सी सूजन देखी थी। परिवार ने इस बारे में डॉक्टरों को बताया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि यह मामूली उभार है और समय के साथ ठीक हो जाएगा।
लगातार रोती रही बच्ची, परिवार ने समझा सामान्य परेशानी
बच्ची के माता-पिता का कहना है कि वह लंबे समय तक दर्द और परेशानी के कारण रोती रही। परिवार ने शुरुआत में इसे छोटे बच्चों में होने वाली सामान्य परेशानी समझा।
लेकिन जुलाई 2026 में दर्द अचानक काफी बढ़ गया और पसलियों के पास दोबारा सूजन दिखाई दी। इसके बाद परिवार बच्ची को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गया। वहां विस्तृत जांच और स्कैन में शरीर के अंदर धातु की सुई मौजूद होने का पता चला।
सर्जरी कर निकाली गई सुई
कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने बच्ची की सर्जरी की और उसके शरीर से सुई निकाल दी। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि सुई काफी समय से शरीर के अंदर हो सकती है।
इस घटना के बाद परिवार ने यह सवाल उठाया कि आखिर इतनी छोटी बच्ची के शरीर में सुई कैसे पहुंची और करीब एक साल तक इसका पता क्यों नहीं चला।
परिवार का दावा- बीच में कहीं और नहीं हुई थी भर्ती
बच्ची के परिवार ने अस्पताल प्रशासन को दी शिकायत में कहा है कि जन्म के बाद कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में NICU उपचार के अलावा पिछले एक साल के दौरान बच्ची की कोई दूसरी बड़ी सर्जरी या लंबे समय की अस्पताल में भर्ती नहीं हुई।
इसी आधार पर परिवार को संदेह है कि सुई उसी अस्पताल में इलाज के दौरान उसके शरीर में रह गई होगी। परिवार ने अस्पताल के अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले यह कहना संभव नहीं है कि सुई वास्तव में कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में ही बच्ची के शरीर में रह गई थी। फिलहाल यह परिवार का आरोप और संदेह है।
अस्पताल ने शुरू की आंतरिक जांच
परिवार की शिकायत के बाद कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल के अधीक्षक ने एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्ची के NICU में भर्ती रहने के दौरान कौन-कौन से कर्मचारी ड्यूटी पर थे और उपचार के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
तस्वीरों में भी दिखी थी नुकीली चीज?
बच्ची की मां ने दावा किया है कि जब बच्ची NICU में भर्ती थी, उस समय खींची गई कुछ तस्वीरों में उन्हें उसके शरीर के पास कोई नुकीली चीज दिखाई दी थी।
हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच के दौरान अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज और उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी हासिल की जा सकती है।
अब स्वास्थ्य मंत्री से भी शिकायत की तैयारी
परिवार ने अस्पताल प्रशासन में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सामने भी मामला उठाने की तैयारी की है। परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर इलाज के दौरान किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।
एक साल तक शरीर में रही सुई ने खड़े किए गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ कथित मेडिकल लापरवाही का आरोप नहीं है, बल्कि मरीज की सुरक्षा और अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
किसी मरीज के शरीर में कोई बाहरी वस्तु रह जाना दुर्लभ लेकिन गंभीर चिकित्सा सुरक्षा घटना मानी जाती है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल बच्ची के शरीर से सुई निकाल दी गई है और अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुई बच्ची के शरीर में कैसे पहुंची और करीब एक साल तक उसका पता क्यों नहीं चल पाया।
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