असम के गुवाहाटी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में जलभराव; भूस्खलन का भी खतरा
असम की राजधानी गुवाहाटी में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे सड़क यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। लगातार बारिश के बीच शहर के पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। गुवाहाटी के मठघरिया इलाके में बारिश के बीच भूस्खलन से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर भी सामने आई है।
लेखक
Vinay Mishra
गुवाहाटी: असम की राजधानी गुवाहाटी में भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए शहर के कई हिस्सों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
गुवाहाटी में बारिश के बाद जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी लगातार बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में सड़कें पानी में डूबती रही हैं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जुलाई में भी भारी बारिश के बाद कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया था और वाहन घंटों फंसे रहे थे।
कई इलाकों में सड़कों पर भरा पानी
भारी बारिश के बाद गुवाहाटी के कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए निकलने में परेशानी हुई।
बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर नालियों में गाद और कचरा जमा होने को भी जलभराव की समस्या बढ़ाने वाला कारण बताया गया है।
ट्रैफिक पर भी असर
जलभराव का सीधा असर गुवाहाटी के यातायात पर पड़ा है। कई सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इससे दफ्तर जाने वाले लोगों, छात्रों और दूसरे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे पहले जुलाई में लगातार बारिश के कारण सतगांव समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया था। NH-27 पर भी जलभराव और भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ था और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।
बारिश के साथ बढ़ा भूस्खलन का खतरा
गुवाहाटी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए लगातार बारिश सिर्फ जलभराव ही नहीं, बल्कि भूस्खलन का खतरा भी बढ़ाती है। शहर और इसके आसपास कई पहाड़ी इलाके हैं, जहां मिट्टी के खिसकने का खतरा बारिश के दौरान बढ़ जाता है।
मठघरिया इलाके में लगातार बारिश के बीच हुए भूस्खलन में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर सामने आई है। इस घटना ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन के सामने जल निकासी बड़ी चुनौती
गुवाहाटी में हर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग परियोजनाएं चलती रही हैं, लेकिन भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में पानी जमा होने की समस्या अभी भी बनी हुई है।
हाल में Panjabari-Silsako इलाके में नालों के पुनर्विकास का काम भी शुरू किया गया है। स्थानीय लोगों ने कुछ नालियों में कचरे और गाद की समस्या की ओर ध्यान दिलाया है।
IMD की बारिश को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। 1 से 7 सितंबर के बीच देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना बताई गई है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी भारी बारिश जारी रहने की बात कही गई है। कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड का जोखिम भी बताया गया है।
ऐसे में गुवाहाटी के लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी जाती है।
हर साल क्यों डूबता है गुवाहाटी?
गुवाहाटी में बारिश के बाद जलभराव के पीछे सिर्फ भारी बारिश ही कारण नहीं है। शहर के तेजी से हुए शहरी विस्तार, प्राकृतिक जल निकासी क्षेत्रों में बदलाव और नालियों की क्षमता जैसे मुद्दे भी लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।
बारिश के पानी को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने वाले कई जलमार्गों और निचले इलाकों पर बढ़ता दबाव शहर की समस्या को और गंभीर बनाता है। स्थानीय रिपोर्टों में भी बार-बार यह सवाल उठता रहा है कि वर्षों से योजनाओं और खर्च के बावजूद गुवाहाटी को बारिश के बाद जलभराव से पूरी तरह राहत क्यों नहीं मिल पा रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश और संभावित भूस्खलन को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम और प्रशासन की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना और पहाड़ी या भूस्खलन संभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
गुवाहाटी में बारिश भले ही कुछ समय के लिए थम जाए, लेकिन अगर निचले इलाकों में पानी जमा रहता है तो यातायात और सामान्य जनजीवन पर उसका असर बना रह सकता है।
फिलहाल गुवाहाटी में भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की जलभराव और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को चुनौती दी है। अब नजर इस बात पर है कि बारिश का दौर कितना लंबा चलता है और प्रशासन जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने में कितनी तेजी दिखाता है।
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